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पहले हटाया और फिर किया नियुक्त
अमर उजाला ब्यूरो खानपुर
Updated Wed, 01 Mar 2017 09:42 PM IST
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तुगलपुर गांव में शिक्षा प्रेरक की नियुक्ति नियम विरुद्ध होने के मामले में गांव के ही एक युवक ने पहले शिक्षा विभाग और फिर लोकायुक्त से शिकायत की थी। इस पर शिक्षा विभाग ने पहले तो शिक्षा प्रेरक को हटा दिया और कुछ दिन बाद ही फिर से उसे नियुक्त कर दिया।
वर्ष 2010 में खानपुर विकासखंड तुगलपुर गांव मे शिक्षा प्रेरक के पदों पर भर्ती निकली थी। तुगलपुर गांव के कालू गिरि को शिक्षा विभाग ने प्रेरक नियुक्त कर दिया था। इसके बाद गांव के ही शिक्षा प्रेरक की मेरिट में दूसरे स्थान पर रहे संजय सिंह ने सूचना के अधिकार के तहत कालू गिरि के कागजात मांगे थे। कागजात में शिक्षा प्रेरक कालू गिरि के सतत साक्षरता अभियान के प्रमाणपत्र के नंबर मेरिट में ज्यादा जोड़ दिए थे। शिकायतकर्ता संजय सिंह ने शिक्षा विभाग को इसकी शिकायत की थी। विभाग की ओर से कोई कार्रवाई ना होने पर राज्य सूचना आयुक्त को शिकायत की गई।
राज्य सूचना आयुक्त ने जिला शिक्षाधिकारी को प्रेरक के कागजात की जांच करने के आदेश दिए। 22 अगस्त को तुगलपुर गांव के अजय पंवार ने दोबारा शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा प्रेरक कालू गिरि की नियुक्ति पर सवाल उठाए। इसके बाद उन्नीस जनवरी को खानपुर की खंड शिक्षाधिकारी दीप्ति यादव ने शिक्षा प्रेरक कालू गिरि की सेवा समाप्त कर दी थी, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से उसे बहाल कर दिया। इससे शिक्षा विभाग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस संबंध में बीईओ खानपुर दीप्ति यादव का कहना है कि पहले शिक्षा प्रेरक को हटाने का आदेश वर्ष 2013 का है। अब जिला शिक्षा अधिकारी से इस संबंध में दिशा निर्देश मांगे गए हैं।
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वर्ष 2010 में खानपुर विकासखंड तुगलपुर गांव मे शिक्षा प्रेरक के पदों पर भर्ती निकली थी। तुगलपुर गांव के कालू गिरि को शिक्षा विभाग ने प्रेरक नियुक्त कर दिया था। इसके बाद गांव के ही शिक्षा प्रेरक की मेरिट में दूसरे स्थान पर रहे संजय सिंह ने सूचना के अधिकार के तहत कालू गिरि के कागजात मांगे थे। कागजात में शिक्षा प्रेरक कालू गिरि के सतत साक्षरता अभियान के प्रमाणपत्र के नंबर मेरिट में ज्यादा जोड़ दिए थे। शिकायतकर्ता संजय सिंह ने शिक्षा विभाग को इसकी शिकायत की थी। विभाग की ओर से कोई कार्रवाई ना होने पर राज्य सूचना आयुक्त को शिकायत की गई।
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राज्य सूचना आयुक्त ने जिला शिक्षाधिकारी को प्रेरक के कागजात की जांच करने के आदेश दिए। 22 अगस्त को तुगलपुर गांव के अजय पंवार ने दोबारा शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा प्रेरक कालू गिरि की नियुक्ति पर सवाल उठाए। इसके बाद उन्नीस जनवरी को खानपुर की खंड शिक्षाधिकारी दीप्ति यादव ने शिक्षा प्रेरक कालू गिरि की सेवा समाप्त कर दी थी, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से उसे बहाल कर दिया। इससे शिक्षा विभाग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस संबंध में बीईओ खानपुर दीप्ति यादव का कहना है कि पहले शिक्षा प्रेरक को हटाने का आदेश वर्ष 2013 का है। अब जिला शिक्षा अधिकारी से इस संबंध में दिशा निर्देश मांगे गए हैं।
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