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पांच जनवरी को तहसील में टेंट लगाकर पशु बांधेंगे किसान
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रुड़की स्थित प्रशासनिक भवन में आयोजित भारतीय किसान यूनियन रोड़ गुट की बैठक में मौजूद यूनियन के प?
- फोटो : ROORKEE
चकबंदी विभाग के खिलाफ जांच पूरी नहीं होने और इकबालपुर शुगर मिल की ओर से गन्ना भुगतान जारी नहीं होने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन रोड़ उग्र आंदोलन करेगा। इसे लेकर संगठन की ओर से पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें एलान किया गया कि मांग पूरी नहीं होने पर किसान पांच जनवरी को तहसील में टेंट लगाकर पशु बांध देंगे और प्रदर्शन करेगा। इस दौरान व्यवस्था बिगड़ती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
गौरतलब है कि करीब डेढ़ माह पूर्व भारतीय किसान यूनियन रोड़ की ओर से शहर में प्रदर्शन कर जुलूस निकाला गया था। किसानों ने चकबंदी विभाग पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह ने दो चरणों में किसानों के प्रतिनिधियों से वार्ता की थी। इसमें जेएम ने एएसडीएम और तहसीलदार के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया था लेकिन अब तक जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। इसे लेकर शनिवार को प्रशासनिक भवन में किसान संगठन की बैठक में प्रशासन पर जांच में देरी करने का आरोप लगाया गया।
प्रदेश अध्यक्ष पद्म सिंह रोड़ ने कहा कि डेढ़ माह बाद भी न तो जांच पूरी हो सकी है और न ही अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है। प्रशासन की ओर से इस मामले में ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे किसानों के सब्र का बांध टूट रहा है। इस दौरान तीन साल से इकबालपुर शुगर मिल पर बकाया गन्ना भुगतान नहीं होने, गन्ना सेंटरों पर घटतौली किए जाने और तहसील में विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों के नहीं बनने की समस्या पर भी रोष जताया गया। पंचायत में निर्णय लिया गया कि चार जनवरी तक प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है कि तो पांच जनवरी को तहसील परिसर में चकबंदी दफ्तर के बाहर टेंट गाड़कर उसमें अपने पशुओं को बांधकर प्रदर्शन करेंगे। पशुओं के चारे की व्यवस्था प्रशासन को करनी होगी। इस दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था होती है तो इसका जिम्मा प्रशासन का होगा। इस दौरान पंचायत में शामिल किसानों में जावेद, सतीश, संजय, मुुबारक, रामदास, प्रदीप, पवन, नाजिम, इरशाद, शहजाद, अनीस अहमद, संजीव कुशवाह, सुरेंद्र प्रधान, टीटू, बृजमोहन, मंजेश, रुहला, मंजीत सिंह, महेंद्र मास्टर, रणधीर, गोपाल, बृजेश, देवीराम आदि मौजूद थे।
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गौरतलब है कि करीब डेढ़ माह पूर्व भारतीय किसान यूनियन रोड़ की ओर से शहर में प्रदर्शन कर जुलूस निकाला गया था। किसानों ने चकबंदी विभाग पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह ने दो चरणों में किसानों के प्रतिनिधियों से वार्ता की थी। इसमें जेएम ने एएसडीएम और तहसीलदार के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया था लेकिन अब तक जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। इसे लेकर शनिवार को प्रशासनिक भवन में किसान संगठन की बैठक में प्रशासन पर जांच में देरी करने का आरोप लगाया गया।
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प्रदेश अध्यक्ष पद्म सिंह रोड़ ने कहा कि डेढ़ माह बाद भी न तो जांच पूरी हो सकी है और न ही अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है। प्रशासन की ओर से इस मामले में ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे किसानों के सब्र का बांध टूट रहा है। इस दौरान तीन साल से इकबालपुर शुगर मिल पर बकाया गन्ना भुगतान नहीं होने, गन्ना सेंटरों पर घटतौली किए जाने और तहसील में विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों के नहीं बनने की समस्या पर भी रोष जताया गया। पंचायत में निर्णय लिया गया कि चार जनवरी तक प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है कि तो पांच जनवरी को तहसील परिसर में चकबंदी दफ्तर के बाहर टेंट गाड़कर उसमें अपने पशुओं को बांधकर प्रदर्शन करेंगे। पशुओं के चारे की व्यवस्था प्रशासन को करनी होगी। इस दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था होती है तो इसका जिम्मा प्रशासन का होगा। इस दौरान पंचायत में शामिल किसानों में जावेद, सतीश, संजय, मुुबारक, रामदास, प्रदीप, पवन, नाजिम, इरशाद, शहजाद, अनीस अहमद, संजीव कुशवाह, सुरेंद्र प्रधान, टीटू, बृजमोहन, मंजेश, रुहला, मंजीत सिंह, महेंद्र मास्टर, रणधीर, गोपाल, बृजेश, देवीराम आदि मौजूद थे।
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