{"_id":"6163042b8ebc3e624e11486d","slug":"farmers-protest-against-lakhimpur-incident-roorkee-news-drn392980087","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखीमपुर की घटना के विरोध किसानों का जेएम कार्यालय के बाहर धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखीमपुर की घटना के विरोध किसानों का जेएम कार्यालय के बाहर धरना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसान-मजदूर संगठन सोसाइटी के कार्यकर्ताओं ने लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों के हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर धरना दिया। मौके पर पहुंचे एएसडीएम विजय नाथ शुक्ला को उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपकर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
रविवार को संगठन के कार्यकर्ताओं ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर लखीमपुर खीरी के मृतक किसानों की आत्मा की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की और घटना के विरोध में धरना दिया। इस दौरान कई स्थानीय मुद्दों पर चर्चा हुई और उनके समाधान के लिए रणनीति तैयार की गई। संगठन को मजबूत बनाने और विस्तार करने को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। राष्ट्रीय प्रवक्ता महक सिंह सैनी ने कहा कि लखीमपुर खीरी में जिस तरह से किसानों की कुचलकर हत्या की गई, उससे साफ जाहिर होता है की केंद्र सरकार के इशारों पर आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया है। मुकदमा पंजीकृत होने के बाद भी आरोपियों के साथ पुलिस का बर्ताव बताता है कि वह सरकार के दबाव में काम कर रही है। राष्ट्रीय महासचिव चौधरी राजेंद्र और प्रदेश सचिव ब्रह्म सिंह धीमान ने कहा कि उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार में किसानों की स्थिति बद से बदतर हुई है। कांग्रेस ने भी अपने शासनकाल में किसानों को कमजोर करने का प्रयास किया।
दोनों ही सरकारों ने पूंजीपतियों और मिल मालिकों से मिलकर किसानों का शोषण करवाने का काम किया है। राष्ट्रीय सलाहकार अतर सिंह और राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष चौधरी सेठपाल सिंह ने कहा कि संगठन के निष्क्रिय पदाधिकारियों के स्थान पर सक्रिय सदस्यों को पद पर आसीन करने का प्रस्ताव पास किया गया है। इसके तहत जल्द ही संगठन को मजबूत कर विस्तार किया जाएगा। कम से कम 100 गांवों के ग्राम अध्यक्षों की नियुक्ति एक महीने के अंदर की जाएगी। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता तेज सिंह पुंडीर, विधानसभा अध्यक्ष दुष्यंत महारथी, जिला संगठन मंत्री मोहम्मद शौकीन, मेहतासीन, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशि पुंडीर, जिला सोशल मीडिया प्रभारी मोहम्मद शाहरुख, इसरार, सलीम, सत्येंद्र सैनी, चंद्रपाल, घनश्याम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को संगठन के कार्यकर्ताओं ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर लखीमपुर खीरी के मृतक किसानों की आत्मा की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की और घटना के विरोध में धरना दिया। इस दौरान कई स्थानीय मुद्दों पर चर्चा हुई और उनके समाधान के लिए रणनीति तैयार की गई। संगठन को मजबूत बनाने और विस्तार करने को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। राष्ट्रीय प्रवक्ता महक सिंह सैनी ने कहा कि लखीमपुर खीरी में जिस तरह से किसानों की कुचलकर हत्या की गई, उससे साफ जाहिर होता है की केंद्र सरकार के इशारों पर आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया है। मुकदमा पंजीकृत होने के बाद भी आरोपियों के साथ पुलिस का बर्ताव बताता है कि वह सरकार के दबाव में काम कर रही है। राष्ट्रीय महासचिव चौधरी राजेंद्र और प्रदेश सचिव ब्रह्म सिंह धीमान ने कहा कि उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार में किसानों की स्थिति बद से बदतर हुई है। कांग्रेस ने भी अपने शासनकाल में किसानों को कमजोर करने का प्रयास किया।
विज्ञापन
दोनों ही सरकारों ने पूंजीपतियों और मिल मालिकों से मिलकर किसानों का शोषण करवाने का काम किया है। राष्ट्रीय सलाहकार अतर सिंह और राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष चौधरी सेठपाल सिंह ने कहा कि संगठन के निष्क्रिय पदाधिकारियों के स्थान पर सक्रिय सदस्यों को पद पर आसीन करने का प्रस्ताव पास किया गया है। इसके तहत जल्द ही संगठन को मजबूत कर विस्तार किया जाएगा। कम से कम 100 गांवों के ग्राम अध्यक्षों की नियुक्ति एक महीने के अंदर की जाएगी। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता तेज सिंह पुंडीर, विधानसभा अध्यक्ष दुष्यंत महारथी, जिला संगठन मंत्री मोहम्मद शौकीन, मेहतासीन, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशि पुंडीर, जिला सोशल मीडिया प्रभारी मोहम्मद शाहरुख, इसरार, सलीम, सत्येंद्र सैनी, चंद्रपाल, घनश्याम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन