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आयोग के सामने हर किसी ने अधिकारियों पर जड़े आरोप
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नगर निगम सभागार में हुए अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के जनसंवाद कार्यक्रम में फरियादियों ने अधिकारियों के सामने ही उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए। 37 फरियादियों ने बेबाक अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप जड़े। आयोग ने एक-एक शिकायत का गंभीरता से निदान करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
बुधवार को नगर निगम सभागार में अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग उत्तराखंड का जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी एवं उपाध्यक्ष अंकित आर्य ने जनता की फरियाद सुनी। ढाढेकी से पहुंचे जलसिंह सैनी ने आरोप लगाया कि गांव में चकरोड पर कुछ लोगों ने कब्जा कर फसल उगाई हुई है और जबरन वहां खड़े सरकारी पेड़ काट लिए। 2021 से अब तक आठ बार तहसील दिवस में शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।
मामला राजस्व विभाग का था तो आयोग ने एसडीएम से जवाब मांगा। एसडीएम ने 10 दिन के अंदर अवैध फसल काटकर चकरोड खाली कराने का आश्वासन दिया। टोडा कल्याणपुर के जनप्रतिनिधि वाजिद ने आरोप लगाया कि गांव में ओबीसी आबादी सबसे ज्यादा होने के बावजूद दोबारा आरक्षण में एससी सीट से सीधे जनरल कर दिया गया है। आयोग ने मामले में एकल सदस्यीय आयोग को पत्र लिखने की बात कही। इसके अलावा कुलदीप तोमर ने पीडब्ल्यूडी की, धनौरी के अमर सिंह ने राजस्व की, भौरी के सुखपाल ने चकरोड पर कब्जे की, इमलीखेड़ा निवासी वीरेंद्र कुमार प्रजापति ने चकबंदी की शिकायत की। इस दौरान आयोग के सामने 37 लोगों ने अपनी शिकायत दर्ज करवाई। इसमें अधिकतर शिकायतें राजस्व विभाग की थी। शिकायतकर्ताओं ने अधिकारियों के सामने ही उनपर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। कुछ फरियादियों ने तो एसडीएम के कार्रवाई के जारी हुए आदेश भी दिखाए। इस मौके पर एसडीएम विजय नाथ शुक्ला, बीडीओ शिव प्रसाद थपलियाल, आरपी जसोला आदि मौजूद रहे।
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश
बुधवार को जनसुनवाई के दौरान मालवीय चौक स्थित लाल पैथॉलोजी लैब संचालक के साथ ही अन्य तीन लैब संचालकों ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी पर दबाव में आकर कार्रवाई का आरोप लगाया। बताया कि शहर में पांच पैथोलॉजी लैब हैं। दो दिन पहले नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने चार लैबों पर छापा मारकर तीन के चालान किए, एक लैब पर नहीं पहुंचे। आरोप लगाया कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने उनकी लैबों के सभी दस्तावेजों की फोटो लेकर सार्वजनिक कर दी और विधायक के करीब लैब संचालक के फोन पर भी भेजी। मामले में जब एसडीएम ने शिकायतकर्ताओं से पूछा कि उन्होंने पहले मामले की शिकायत क्यों नहीं की तो उन्होंने एसडीएम पर ही आरोप लगाया। उनका कहना था कि घटना के दौरान उन्होंने एसडीएम को कई बार कॉल की लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया न ही बैक कॉल की। यहां तक कि नगर स्वास्थय अधिकारी पर लैब संचालक को धमकी देने का आरोप लगाया। मामला गंभीर देखते हुए आयोग अध्यक्ष संजय नेगी ने मामले में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। स्पष्ट किया कि जांच टीम में नगर स्वास्थ्य अधिकारी शामिल नहीं होंगे। इसके अलावा दस्तावेज सार्वजनिक करने के मामले में भी नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ जांच के निर्देश दिए।
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बुधवार को नगर निगम सभागार में अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग उत्तराखंड का जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी एवं उपाध्यक्ष अंकित आर्य ने जनता की फरियाद सुनी। ढाढेकी से पहुंचे जलसिंह सैनी ने आरोप लगाया कि गांव में चकरोड पर कुछ लोगों ने कब्जा कर फसल उगाई हुई है और जबरन वहां खड़े सरकारी पेड़ काट लिए। 2021 से अब तक आठ बार तहसील दिवस में शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।
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मामला राजस्व विभाग का था तो आयोग ने एसडीएम से जवाब मांगा। एसडीएम ने 10 दिन के अंदर अवैध फसल काटकर चकरोड खाली कराने का आश्वासन दिया। टोडा कल्याणपुर के जनप्रतिनिधि वाजिद ने आरोप लगाया कि गांव में ओबीसी आबादी सबसे ज्यादा होने के बावजूद दोबारा आरक्षण में एससी सीट से सीधे जनरल कर दिया गया है। आयोग ने मामले में एकल सदस्यीय आयोग को पत्र लिखने की बात कही। इसके अलावा कुलदीप तोमर ने पीडब्ल्यूडी की, धनौरी के अमर सिंह ने राजस्व की, भौरी के सुखपाल ने चकरोड पर कब्जे की, इमलीखेड़ा निवासी वीरेंद्र कुमार प्रजापति ने चकबंदी की शिकायत की। इस दौरान आयोग के सामने 37 लोगों ने अपनी शिकायत दर्ज करवाई। इसमें अधिकतर शिकायतें राजस्व विभाग की थी। शिकायतकर्ताओं ने अधिकारियों के सामने ही उनपर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। कुछ फरियादियों ने तो एसडीएम के कार्रवाई के जारी हुए आदेश भी दिखाए। इस मौके पर एसडीएम विजय नाथ शुक्ला, बीडीओ शिव प्रसाद थपलियाल, आरपी जसोला आदि मौजूद रहे।
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश
बुधवार को जनसुनवाई के दौरान मालवीय चौक स्थित लाल पैथॉलोजी लैब संचालक के साथ ही अन्य तीन लैब संचालकों ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी पर दबाव में आकर कार्रवाई का आरोप लगाया। बताया कि शहर में पांच पैथोलॉजी लैब हैं। दो दिन पहले नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने चार लैबों पर छापा मारकर तीन के चालान किए, एक लैब पर नहीं पहुंचे। आरोप लगाया कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने उनकी लैबों के सभी दस्तावेजों की फोटो लेकर सार्वजनिक कर दी और विधायक के करीब लैब संचालक के फोन पर भी भेजी। मामले में जब एसडीएम ने शिकायतकर्ताओं से पूछा कि उन्होंने पहले मामले की शिकायत क्यों नहीं की तो उन्होंने एसडीएम पर ही आरोप लगाया। उनका कहना था कि घटना के दौरान उन्होंने एसडीएम को कई बार कॉल की लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया न ही बैक कॉल की। यहां तक कि नगर स्वास्थय अधिकारी पर लैब संचालक को धमकी देने का आरोप लगाया। मामला गंभीर देखते हुए आयोग अध्यक्ष संजय नेगी ने मामले में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। स्पष्ट किया कि जांच टीम में नगर स्वास्थ्य अधिकारी शामिल नहीं होंगे। इसके अलावा दस्तावेज सार्वजनिक करने के मामले में भी नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ जांच के निर्देश दिए।