{"_id":"6446c5a7576af495ae0694e6","slug":"employees-will-go-to-court-to-get-back-the-job-roorkee-news-c-5-1-drn1030-139589-2023-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee News: नौकरी वापस पाने के लिए कोर्ट जाएंगे कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee News: नौकरी वापस पाने के लिए कोर्ट जाएंगे कर्मचारी
विज्ञापन
विज्ञापन
एक फैक्टरी के पुराने कर्मचारियों की ओर से दिए जा रहे धरने के मामले में एसडीएम की अध्यक्षता में कर्मचारियों व फैक्टरी प्रबंधन के बीच वार्ता हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि कर्मचारियों का शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा। वह मामले को लेकर कोर्ट में जाएंगे।
लक्सर के कई कर्मचारी क्षेत्र स्थित एक फैक्टरी में काम करते थे लेकिन फैक्टरी ने उन्हें वीआरएस दे दिया था। कर्मचारियों का कहना था कि वीआरएस देते समय प्रबंधन ने उन्हेें दोबारा रखने का भरोसा दिया था लेकिन अब उन्हें नौकरी पर नहीं रखा जा रहा है। इसी मांग को लेकर उनका धरना जारी है। सोमवार को इस मामले में एसडीएम गोपालराम बिनवाल ने फैक्टरी प्रबंधन व कर्मचारियों को वार्ता के लिए बुलाया।
प्रबंधन की ओर से आए सतीश शर्मा का कहना था कि कंपनी ने ऐसा कोई भी करार कर्मचारियों के साथ नहीं किया था। वहीं, कर्मचारियों के पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट राज अवतार सिंह का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के नियमानुसार प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को जब से उन्हें बाहर किया है तब से 75 प्रतिशत सैलरी का भुगतान करना होगा। धारा 6 क्यू के मुताबिक कर्मचारियों को इस तरह से निकाला जाना पूरी गलत है।
विज्ञापन
वहीं एसडीएम गोपालराम बिनवाल ने कहा कि प्रबंधन द्वारा अगर किसी भी प्रकार की भर्ती की जा रही है तो वह उस पर पूरी तरह से रोक लगा दें। साथ ही एक माह तक कोई भी भर्ती न करने के निर्देश दिए। इस दौरान सुभाष चौधरी, लोकेश कुमार, राकेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, राजकुमार, मोहन, प्रदीप कुमार, अनुज कुमार,जॉनी, मनोज चौधरी आदि मौजूद रहे।
लक्सर के कई कर्मचारी क्षेत्र स्थित एक फैक्टरी में काम करते थे लेकिन फैक्टरी ने उन्हें वीआरएस दे दिया था। कर्मचारियों का कहना था कि वीआरएस देते समय प्रबंधन ने उन्हेें दोबारा रखने का भरोसा दिया था लेकिन अब उन्हें नौकरी पर नहीं रखा जा रहा है। इसी मांग को लेकर उनका धरना जारी है। सोमवार को इस मामले में एसडीएम गोपालराम बिनवाल ने फैक्टरी प्रबंधन व कर्मचारियों को वार्ता के लिए बुलाया।
विज्ञापन
प्रबंधन की ओर से आए सतीश शर्मा का कहना था कि कंपनी ने ऐसा कोई भी करार कर्मचारियों के साथ नहीं किया था। वहीं, कर्मचारियों के पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट राज अवतार सिंह का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के नियमानुसार प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को जब से उन्हें बाहर किया है तब से 75 प्रतिशत सैलरी का भुगतान करना होगा। धारा 6 क्यू के मुताबिक कर्मचारियों को इस तरह से निकाला जाना पूरी गलत है।
विज्ञापन
वहीं एसडीएम गोपालराम बिनवाल ने कहा कि प्रबंधन द्वारा अगर किसी भी प्रकार की भर्ती की जा रही है तो वह उस पर पूरी तरह से रोक लगा दें। साथ ही एक माह तक कोई भी भर्ती न करने के निर्देश दिए। इस दौरान सुभाष चौधरी, लोकेश कुमार, राकेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, राजकुमार, मोहन, प्रदीप कुमार, अनुज कुमार,जॉनी, मनोज चौधरी आदि मौजूद रहे।