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कर्मचारियों, ठेकेदारों ने नगर आयुक्त को घेरा

Sat, 02 Jul 2016 10:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Sat, 02 Jul 2016 10:55 PM IST
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नगर निगम के मुस्लिम कर्मचारियों ने वेतन और ठेकेदारों ने छह साल पहले किए गए कार्यों का भुगतान न होने पर नगर आयुक्त विप्रा त्रिवेदी का घेराव किया। इसी प्रकार पथ-प्रकाश कर्मचारियों ने अपर नगर आयुक्त नुपूर वर्मा का घेराव किया। मुस्लिम कर्मचारियों की शिकायत थी कि रमजान का महीना समाप्त होने को है और ईद आने वाली है। वेतन न मिलने से उनकी ईद कैसे मनेगी। कर्मचारी गौहर हयात, हनीफ, शबाना, मकतूल, चमन व मंगता हसन आदि ने नगर आयुक्त से मई व जून का वेतन एक साथ देने की मांग की। नगर आयुक्त विप्रा त्रिवेदी ने उन्हें आश्वासन दिया कि ईद से पूर्व उन्हें मई माह का वेतन मिल जाएगा।

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वेतन के चेक काट दिए गए हैं और उन्हें बैंक को भेजा जा रहा है। कर्मचारियों के बाद कई ठेकेदार एकजुट होकर नगर आयुक्त के कार्यालय पहुंचे और हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कुंभ 2010 का भुगतान न होने पर नाराजगी जताई। ठेकेदारों ने चेतावनी दी कि यदि कुंभ 2010 का भुगतान नहीं किया जाता है तो वे न्यायालय की अवमानना का वाद दायर करने को बाध्य होंगे। नगर आयुक्त को घेरने वालों में ठेकेदार नरेंद्र चौधरी, हरीश सेठी, अनिल कुमार, आनंद कुमार सैनी, विजय वर्मा आदि शामिल थे। इसके बाद नगर निगम के पथ-प्रकाश कर्मचारियों ने वेतन भुगतान की मांग को लेकर अपर नगर आयुक्त नुपूर वर्मा को घेरा। उनकी शिकायत थी कि बिना वेतन के काम करते हुए उन्हें नौवां महीना शुरू हो गया है। घेराव करने वालों भूषण, प्रमोद, मनोज वाल्मीकि, सुुनील व निखिल आदि शामिल थे। अपर नगर आयुक्त ने उन्हें जल्दी भुगतान का आश्वासन दिया है।  
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ठेकेदारों का इंतजार और लंबा होगा
हरिद्वार। नगर निगम का काम करने वाले ठेकेदारों को भुगतान प्राप्त करने के लिए अभी और लंबा इंतजार करना पड़ेगा। नगर आयुक्त विप्रा त्रिवेदी ने साफ किया कि कुंभ 2010 का भुगतान तब तक नहीं हो सकता है, जब तक शासन द्वारा कराई जा रही जांच पूरी नहीं हो जाती है। शासन के दिशा-निर्देश के बाद ही भुगतान कराया जा सकता है। जहां तक नालों की सफाई के भुगतान का मामला है। ठेकेदारों की भुगतान फाइलें कंपलीट नहीं हैं। भुगतान के लिए बोर्ड फंड भी तो होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने 14वें वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान से भुगतान करने की अनुमति देने के लिए शासन को पत्र भेजा है।
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