{"_id":"621509afd48f0a0af17775d9","slug":"employees-accuse-the-mayor-of-harassment-roorkee-news-drn404729464","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मचारियों ने मेयर पर लगाया उत्पीड़न का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मचारियों ने मेयर पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम के कर्मचारियों ने मेयर पर पत्रावलियों पर पुरानी तिथियों में टिप्पणियां लिखने और कर्मचारियों का उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों ने नगर आयुक्त को पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
नगर निगम कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष धनप्रकाश शर्मा की ओर से मंगलवार को नगर आयुक्त विजयनाथ शुक्ला को शिकायती पत्र सौंपा गया। इसमें कहा गया कि मेयर गौरव गोयल की ओर से किए जा रहे कर्मचारियों के उत्पीड़न के बाबत पूर्व में जिलाधिकारी समेत कई अन्य अधिकारियों से शिकायत की गई थी। इसके बाद दिसंबर 2021 को जिलाधिकारी ने तत्कालीन एएसडीएम और वर्तमान में नगर आयुक्त को जांच के लिए निर्देशित किया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया है कि मेयर फाइलों का अवलोकन करते समय पुरानी तिथियों में फाइल पर टिप्पणी कर रहे हैं। 18 फरवरी को मेयर ने पत्रावली का अवलोकन करते समय भुगतान का बिल बनाने से पहले आईआईटी से जांच कराए जाने की टिप्पणी दर्ज कर दी। इसकी जानकारी नगर आयुक्त को दी गई तो इसकी जानकारी मिलने पर मेयर ने दो लिपिकों के साथ फोन पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। इसके चलते कर्मचारी असमंजस की स्थिति में हैं कि वे मेयर और अधिकारी में से किसके निर्देश का पालन करें। पत्र में दिसंबर माह से लंबित जांच को पूरा किए जाने की भी मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि शिकायत पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो निगम कर्मचारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। उधर, मेयर गौरव गोयल ने कहा है कि सभी आरोप बेबुनियाद एवं निराधार हैं। किसी भी कर्मचारी के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है।
विज्ञापन
नगर निगम कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष धनप्रकाश शर्मा की ओर से मंगलवार को नगर आयुक्त विजयनाथ शुक्ला को शिकायती पत्र सौंपा गया। इसमें कहा गया कि मेयर गौरव गोयल की ओर से किए जा रहे कर्मचारियों के उत्पीड़न के बाबत पूर्व में जिलाधिकारी समेत कई अन्य अधिकारियों से शिकायत की गई थी। इसके बाद दिसंबर 2021 को जिलाधिकारी ने तत्कालीन एएसडीएम और वर्तमान में नगर आयुक्त को जांच के लिए निर्देशित किया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया है कि मेयर फाइलों का अवलोकन करते समय पुरानी तिथियों में फाइल पर टिप्पणी कर रहे हैं। 18 फरवरी को मेयर ने पत्रावली का अवलोकन करते समय भुगतान का बिल बनाने से पहले आईआईटी से जांच कराए जाने की टिप्पणी दर्ज कर दी। इसकी जानकारी नगर आयुक्त को दी गई तो इसकी जानकारी मिलने पर मेयर ने दो लिपिकों के साथ फोन पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। इसके चलते कर्मचारी असमंजस की स्थिति में हैं कि वे मेयर और अधिकारी में से किसके निर्देश का पालन करें। पत्र में दिसंबर माह से लंबित जांच को पूरा किए जाने की भी मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि शिकायत पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो निगम कर्मचारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। उधर, मेयर गौरव गोयल ने कहा है कि सभी आरोप बेबुनियाद एवं निराधार हैं। किसी भी कर्मचारी के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है।
विज्ञापन