{"_id":"5d9b83b18ebc3e93ca6f8cd9","slug":"dog-biting-rs-1300-instead-of-300-roorkee-news-drn3221177198","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुत्ता काटने पर 300 की जगह लग रहे 1300","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुत्ता काटने पर 300 की जगह लग रहे 1300
विज्ञापन
अगर आपको कुत्ता या बंदर काट ले तो एंटी रेबीज इंजेक्शन के लिए सरकारी अस्पताल का चक्कर काटना छोड़ दें। इसके लिए निजी अस्पताल जाकर आपको 300 की जगह 1300 खर्च करना पड़ेगा। क्योंकि सरकारी अस्पतालों में पिछले छह महीने से एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं है। यह स्थिति केवल रुड़की ही नहीं बल्कि नारसन, मंगलौर, रायसी, खानपुर के सीएचसी, स्वास्थ्य केंद्र लंढौरा, कलियर, पीएचसी इमलीखेड़ और बुग्गावाला सहित जनपद के लगभग सभी सरकारी अस्पतालों की है।
पिछले 20 दिनों में कुत्ता या बंदर काटने के करीब 30 मामले अकेले सिविल अस्पताल में आ चुके हैं, लेकिन इंजेक्शन नहीं होने के चलते लोगों को अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। अस्पताल प्रशासन की माने तो देेहरादून मुख्यालय स्थित वेयर हाउस में ही एंटी रेबीज इंजेक्शन का स्टाक कई दिनों से खत्म है। जानवरों के काटने के मामले बड़ी संख्या में आ रहे हैं, लेकिन निदेशालय से दवा नहीं मिलने से इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। सिविल अस्पताल में इंजेक्शन न होने से लोगों को निजी अस्पतालों में महंगे दामों पर इंजेक्शन लगवाने पड़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री इलाज योजना में बीपीएल परिवारों को एंटी रेबीज इंजेक्शन सरकारी अस्पतालों में मुफ्त लगाया जाता है जबकि अन्य मरीजों को 100 रुपये में इंजेक्शन मिलता है, लेकिन अस्पताल में इंजेक्शन नहीं होने के कारण लोगों को निजी अस्पतालों में 350 से 400 रुपये में इंजेक्शन लगवाना पड़ रहा है। ऐसे में कुत्ता काटने पर तीन इंजेक्शन के लिए एक व्यक्ति को 300 रुपये की जगह 1300 रुपये खर्च करना पड़ रहा है। अस्पताल पहुंचे रुचिका, मेहरबान, उस्मान, राजू अरोड़ा का कहना है कि सरकार को जल्द इसका समाधान निकालना चाहिए।
विज्ञापन
वेयर हाउस में ही दवा खत्म
सिविल अस्पताल के फार्मेसिस्ट केसी ममगईं का कहना है कि छह महीने पहले ही एंटी रेबीज इंजेक्शन खत्म हो गए थे। दो महीने पहले कावड़ यात्रा के दौरान कुछ इंजेक्शन मिले थे, जो एक सप्ताह में ही खत्म हो गए। इसके बाद इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो पाया। वे देहरादून वेयर हाउस में इंजेक्शन लेने एक सप्ताह पहले गए थे, लेकिन वहां भी इंजेक्शन नहीं है। इंजेक्शन के लिए प्रत्येक क्षेत्रों के सामान्य अस्पताल, पीएचसी और सीएचसी के लिए डेट दी जाती है, लेकिन अभी तब वह डेट नहीं मिली है।
वैसे तो पूरे प्रदेश में एंटी रेबीज के इंजेक्शन खत्म है। फिर भी इंजेक्शन के लिए मांग कर दी गई है। सिविल अस्पताल रुड़की में एंटी रेबीज इंजेक्शन खत्म होने की जानकारी डीजी हेल्थ और सीएमओ को दे दी गई है।
-संजय कंसल, सीएमएस सिविल अस्पताल रुड़की
विज्ञापन
पिछले 20 दिनों में कुत्ता या बंदर काटने के करीब 30 मामले अकेले सिविल अस्पताल में आ चुके हैं, लेकिन इंजेक्शन नहीं होने के चलते लोगों को अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। अस्पताल प्रशासन की माने तो देेहरादून मुख्यालय स्थित वेयर हाउस में ही एंटी रेबीज इंजेक्शन का स्टाक कई दिनों से खत्म है। जानवरों के काटने के मामले बड़ी संख्या में आ रहे हैं, लेकिन निदेशालय से दवा नहीं मिलने से इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। सिविल अस्पताल में इंजेक्शन न होने से लोगों को निजी अस्पतालों में महंगे दामों पर इंजेक्शन लगवाने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री इलाज योजना में बीपीएल परिवारों को एंटी रेबीज इंजेक्शन सरकारी अस्पतालों में मुफ्त लगाया जाता है जबकि अन्य मरीजों को 100 रुपये में इंजेक्शन मिलता है, लेकिन अस्पताल में इंजेक्शन नहीं होने के कारण लोगों को निजी अस्पतालों में 350 से 400 रुपये में इंजेक्शन लगवाना पड़ रहा है। ऐसे में कुत्ता काटने पर तीन इंजेक्शन के लिए एक व्यक्ति को 300 रुपये की जगह 1300 रुपये खर्च करना पड़ रहा है। अस्पताल पहुंचे रुचिका, मेहरबान, उस्मान, राजू अरोड़ा का कहना है कि सरकार को जल्द इसका समाधान निकालना चाहिए।
विज्ञापन
वेयर हाउस में ही दवा खत्म
सिविल अस्पताल के फार्मेसिस्ट केसी ममगईं का कहना है कि छह महीने पहले ही एंटी रेबीज इंजेक्शन खत्म हो गए थे। दो महीने पहले कावड़ यात्रा के दौरान कुछ इंजेक्शन मिले थे, जो एक सप्ताह में ही खत्म हो गए। इसके बाद इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो पाया। वे देहरादून वेयर हाउस में इंजेक्शन लेने एक सप्ताह पहले गए थे, लेकिन वहां भी इंजेक्शन नहीं है। इंजेक्शन के लिए प्रत्येक क्षेत्रों के सामान्य अस्पताल, पीएचसी और सीएचसी के लिए डेट दी जाती है, लेकिन अभी तब वह डेट नहीं मिली है।
वैसे तो पूरे प्रदेश में एंटी रेबीज के इंजेक्शन खत्म है। फिर भी इंजेक्शन के लिए मांग कर दी गई है। सिविल अस्पताल रुड़की में एंटी रेबीज इंजेक्शन खत्म होने की जानकारी डीजी हेल्थ और सीएमओ को दे दी गई है।
-संजय कंसल, सीएमएस सिविल अस्पताल रुड़की