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पानी रोककर क्षतिग्रस्त हुई माइनर को विभाग ने कराया दुरुस्त
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रुड़की। नारसन क्षेत्र के टिकौला गांव में खेतों को सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने वाली क्षतिग्रस्त हुई माइनर को दुरुस्त कराने के लिए सिंचाई विभाग रुड़की के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने माइनर का पानी रुकवाया और दिनभर चली चिनाई के बाद शाम तक माइनर दुरुस्त करा दी गई। इससे किसानों के खेतों में जलभराव की समस्या दूर हो गई है।
गौरतलब है कि क्षेत्र के टिकौला गांव के समीप खेतों को पानी उपलब्ध कराने वाली माइनर कई दिन पूर्व दो जगह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके चलते दस से अधिक किसानों की करीब 300 बीघा गेहूं और गन्ने की फसलों में पानी भर गया था और फसलों के गलने का खतरा पैदा हो गया था। इस दौरान किसानों ने आरोप लगाया था कि विभागीय लापरवाही के चलते माइनर क्षतिग्रस्त हुई है, इसलिए उन्होंने विभाग से मुआवजे की मांग की थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने मुआवजे का प्रावधान नहीं होने से मुआवजा देने से इंकार कर दिया था। अधिकारियों का कहना था कि एक काश्तकार के विरोध के चलते अन्य किसानों को भी नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। अमर उजाला ने 18 दिसंबर के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद शनिवार को सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता कर उन्हें समझाया। इस पर किसान मान मान गए। इसके बाद माइनर को दुरुस्त करने के लिए माइनर में बह रहे पानी को रुकवाया गया और फिर चिनाई का काम शुरू कराया गया। शाम तक माइनर को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया गया।
किसान बिना किसी कारण के अवरोध पैदा कर रहे थे, शनिवार को किसानों को समझाया गया। इसके बाद चिनाई का काम शुरू कराया गया। अब माइनर को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया गया है। किसी भी किसान को परेशानी नहीं होने दी जाएगी
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-- अतर सिंह बिष्ट, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड रुड़की
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गौरतलब है कि क्षेत्र के टिकौला गांव के समीप खेतों को पानी उपलब्ध कराने वाली माइनर कई दिन पूर्व दो जगह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके चलते दस से अधिक किसानों की करीब 300 बीघा गेहूं और गन्ने की फसलों में पानी भर गया था और फसलों के गलने का खतरा पैदा हो गया था। इस दौरान किसानों ने आरोप लगाया था कि विभागीय लापरवाही के चलते माइनर क्षतिग्रस्त हुई है, इसलिए उन्होंने विभाग से मुआवजे की मांग की थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने मुआवजे का प्रावधान नहीं होने से मुआवजा देने से इंकार कर दिया था। अधिकारियों का कहना था कि एक काश्तकार के विरोध के चलते अन्य किसानों को भी नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। अमर उजाला ने 18 दिसंबर के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद शनिवार को सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता कर उन्हें समझाया। इस पर किसान मान मान गए। इसके बाद माइनर को दुरुस्त करने के लिए माइनर में बह रहे पानी को रुकवाया गया और फिर चिनाई का काम शुरू कराया गया। शाम तक माइनर को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया गया।
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किसान बिना किसी कारण के अवरोध पैदा कर रहे थे, शनिवार को किसानों को समझाया गया। इसके बाद चिनाई का काम शुरू कराया गया। अब माइनर को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया गया है। किसी भी किसान को परेशानी नहीं होने दी जाएगी
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-- अतर सिंह बिष्ट, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड रुड़की