{"_id":"6936e2c04ae2b7d2b102d6f3","slug":"demand-for-action-against-derogatory-remarks-against-uttarakhand-police-roorkee-news-c-5-1-drn1027-852244-2025-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee News: उत्तराखंड पुलिस के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के विरोध में कार्रवाई की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee News: उत्तराखंड पुलिस के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के विरोध में कार्रवाई की मांग
विज्ञापन
उत्तराखंड पुलिस के खिलाफ लगातार अभद्र टिप्पणी किए जाने के विरोध में सोमवार को उत्तराखंड किसान मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक के नाम ज्ञापन एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले केशव थलवाल पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़ ने कहा कि किसी व्यक्ति का विवाद एक या दो पुलिसकर्मियों से हो सकता है लेकिन इस आधार पर पूरे पुलिस विभाग, अधिकारी वर्ग एवं जवानों पर अनाप-शनाप टिप्पणी करना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि विभाग में बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मी भी सेवारत हैं जो दिन-रात मेहनत करके अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं।
ऐसे में उन सभी पर अभद्र टिप्पणी करना किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है। जिला अध्यक्ष चौधरी महकार सिंह एवं समीर आलम ने कहा कि यदि युवक के साथ कोई गलत व्यवहार हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए लेकिन सोशल मीडिया पर बैठकर पूरे विभाग पर अभद्र शब्दों का प्रयोग करना पुलिस की छवि को ठेस पहुंचाता है। जनता के बीच गलत संदेश जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़ ने कहा कि किसी व्यक्ति का विवाद एक या दो पुलिसकर्मियों से हो सकता है लेकिन इस आधार पर पूरे पुलिस विभाग, अधिकारी वर्ग एवं जवानों पर अनाप-शनाप टिप्पणी करना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि विभाग में बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मी भी सेवारत हैं जो दिन-रात मेहनत करके अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं।
विज्ञापन
ऐसे में उन सभी पर अभद्र टिप्पणी करना किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है। जिला अध्यक्ष चौधरी महकार सिंह एवं समीर आलम ने कहा कि यदि युवक के साथ कोई गलत व्यवहार हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए लेकिन सोशल मीडिया पर बैठकर पूरे विभाग पर अभद्र शब्दों का प्रयोग करना पुलिस की छवि को ठेस पहुंचाता है। जनता के बीच गलत संदेश जाता है।
विज्ञापन