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दरगाहपुर, मुंडाखेड़ा कलां गांव सील
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रुड़की स्थित आदर्श नगर में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद सील की गई गली।
- फोटो : ROORKEE
कोरोना के मामले सामने आने पर शनिवार को दाबकी के बाद दरगाहपुर और मुंडाखेड़ा कलां गांव को भी पाबंद कर दिया गया। गांवों के सभी एंट्री प्वाइंट पर बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस तैनात कर दी गई है। एसडीएम ने गांवों में जरूरी सामान की आपूर्ति के लिए टीम गठित कर दी है। तीनों गांवों की कुल 13 हजार की आबादी होम क्वारंटीन है।
शुक्रवार को लक्सर क्षेत्र के दाबकी कलां गांव निवासी थैलीसीमिया से पीड़ित सात वर्षीय बच्चे में कोरोना की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने गांव के सभी छह रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाकर पाबंद कर दिया था। शुक्रवार देर रात मुंबई से लौटे मुंडाखेड़ा कलां और दरगाहपुर गांव के दो युवकों में भी कोरोना की पुष्टि हुई थी। शनिवार को डीएम सी रविशंकर के आदेश पर स्थानीय पुलिस प्रशासन ने दरगाहपुर गांव के तीन रास्तों को बैरिकेडिंग लगाकर ग्रामीणों आवाजाही को रोक दी है। मुंडाखेड़ा कलां गांव के चार रास्तों को भी बल्लियां लगाकर बंद कर दिया गया। एसडीएम पीएस राणा ने बताया कि पाबंद तीनों गांवों में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति के लिए टीमें गठित कर दी गई है। गांव में हेल्पलाइन डेस्क भी बनाई गई है। पाबंदी के कारण दरगाहपुर गांव की 2700, दाबकी की 4500, महेश्वरी की 1500, मुंडाखेड़ा कलां की 4700 की आबादी घरों में कैद होकर रह गई है।
पूरी सतर्कता के बाद भी मुंबई से लौट रहे प्रवासी संक्रमित
रुड़की। मुंबई शुरू से ही बुरी तरह कोरोना की चपेट में है। ऐसे में जो प्रवासी वहां से लौट रहे हैं, उन्हें बखूबी मालूम है कि सैनिटाइज रहने के बाद भी किसी परिजन के संपर्क में नहीं आना है। मोहम्मदपुर और रुड़की के दो लोगों को बेहद सतर्कता के बाद भी कोरोना ने अपनी चपेट में ले लिया। पेशे से इंजीनियर एवं मोहम्मदपुर के संक्रमित युवक ने बताया कि मुंबई से रुड़की तक लौटते समय वे बार-बार खुद को सैनिटाइज करते रहे। लोगों से शारीरिक दूरी बनाकर रखी। दिल्ली से टैक्सी में सवार होने से पहले उसे भी सैनिटाइज कराया। इतनी सतर्कता के बाद भी वह कोरोना संक्रमित हो गए। कुछ ऐसा ही कहना है रुड़की के आदर्श नगर में पॉजिटिव पाए गए व्यक्ति का। दोनों को इस बात की भी आशंका है कि ट्रेन के सफर के दौरान उन्होंने टॉयलेट आदि का इस्तेमाल किया है। इसी बीच वे संक्रमित हो गए होगे। हालांकि, अच्छी बात यह है कि दोनों बेहद जागरूक हैं और उन्होंने घर में रहते हुए खुद को परिवार वालों से बिल्कुल अलग रखा।
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शुक्रवार को लक्सर क्षेत्र के दाबकी कलां गांव निवासी थैलीसीमिया से पीड़ित सात वर्षीय बच्चे में कोरोना की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने गांव के सभी छह रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाकर पाबंद कर दिया था। शुक्रवार देर रात मुंबई से लौटे मुंडाखेड़ा कलां और दरगाहपुर गांव के दो युवकों में भी कोरोना की पुष्टि हुई थी। शनिवार को डीएम सी रविशंकर के आदेश पर स्थानीय पुलिस प्रशासन ने दरगाहपुर गांव के तीन रास्तों को बैरिकेडिंग लगाकर ग्रामीणों आवाजाही को रोक दी है। मुंडाखेड़ा कलां गांव के चार रास्तों को भी बल्लियां लगाकर बंद कर दिया गया। एसडीएम पीएस राणा ने बताया कि पाबंद तीनों गांवों में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति के लिए टीमें गठित कर दी गई है। गांव में हेल्पलाइन डेस्क भी बनाई गई है। पाबंदी के कारण दरगाहपुर गांव की 2700, दाबकी की 4500, महेश्वरी की 1500, मुंडाखेड़ा कलां की 4700 की आबादी घरों में कैद होकर रह गई है।
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पूरी सतर्कता के बाद भी मुंबई से लौट रहे प्रवासी संक्रमित
रुड़की। मुंबई शुरू से ही बुरी तरह कोरोना की चपेट में है। ऐसे में जो प्रवासी वहां से लौट रहे हैं, उन्हें बखूबी मालूम है कि सैनिटाइज रहने के बाद भी किसी परिजन के संपर्क में नहीं आना है। मोहम्मदपुर और रुड़की के दो लोगों को बेहद सतर्कता के बाद भी कोरोना ने अपनी चपेट में ले लिया। पेशे से इंजीनियर एवं मोहम्मदपुर के संक्रमित युवक ने बताया कि मुंबई से रुड़की तक लौटते समय वे बार-बार खुद को सैनिटाइज करते रहे। लोगों से शारीरिक दूरी बनाकर रखी। दिल्ली से टैक्सी में सवार होने से पहले उसे भी सैनिटाइज कराया। इतनी सतर्कता के बाद भी वह कोरोना संक्रमित हो गए। कुछ ऐसा ही कहना है रुड़की के आदर्श नगर में पॉजिटिव पाए गए व्यक्ति का। दोनों को इस बात की भी आशंका है कि ट्रेन के सफर के दौरान उन्होंने टॉयलेट आदि का इस्तेमाल किया है। इसी बीच वे संक्रमित हो गए होगे। हालांकि, अच्छी बात यह है कि दोनों बेहद जागरूक हैं और उन्होंने घर में रहते हुए खुद को परिवार वालों से बिल्कुल अलग रखा।
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