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मतदाताओं के हक पर फिर पड़ा डाका
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हर बार की तरह इस बार भी लोकतंत्र के महापर्व के महायज्ञ में कई लोग अपने वोट की आहुति डालने से वंचित रह गए। कोई पुराना वोटर कार्ड होने के चलते वंचित रहा तो किसी का नाम वोटर लिस्ट से गायब था। वहीं कुछ लोगों के नाम वोटर लिस्ट और वोटर कार्ड में असमान होने के चलते वोट डालने से रह गए। वोट नहीं डालने का कोई मलाल लेकर वापस पहुंचा तो किसी ने अधिकारियों से बहस कर अपना गुस्सा जाहिर किया।
हर बार चुनाव से पहले बीएलओ घर-घर जाकर लोगों का छूटा हुआ वोट दोबारा बनवाते हैं। इसमें नाम बदलवाने से लेकर नाम कटवाने और जुड़वाने का काम भी रहता है। अंतिम सूची जारी होने से पहले अंतरिम सूची का प्रकाशन भी होता है। इसके बावजूद वोटर लिस्ट से हर बार वोटरों के नाम गायब हो जाते हैं। सोमवार को रुड़की के साथ ही लक्सर, भगवानपुर, कलियर, झबरेड़ा, मंगलौर सुबह से ही ऐसे मामले सामने आने लगे थे जिसमें वोटर किसी न किसी कारण से अपने मत का प्रयोग नहीं कर पाए। कहीं परिवार के आठ लोगों में से तीन के नाम वोटर लिस्ट से गायब थे तो कहीं पर पूरा परिवार ही वोटर लिस्ट में नहीं है। इसके साथ ही कुछ लोग केवल इसलिए वोट नहीं डाल पाए कि उनका पहचान पत्र पुराना था। वहीं कुछ ऐसे भी वोटर थे जिसके पास केवल वोट की पर्ची थी जबकि कोई आईडी नहीं थी। ऐसे में वे भी अपना वोट डालने से वंचित रह गए।
पुराने वोटर कार्ड पर नहीं डाल पाए वोट
शेरपुर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में गांव के कुछ लोग वोट डालने आए। पोलिंग पार्टी ने जब उनसे पहचानपत्र मांगा तो उन्होंने पुराना पहचान पत्र दिखाया। इसपर मतदान अधिकारी का कहना था कि वोटर लिस्ट 2022 की बनी हुई है। पुराने वोटर कार्ड पर वोट नहीं डाल सकते। इसपर वोटर ने अपने अन्य दस्तावेज और वोटर लिस्ट में अपने नाम की पर्ची भी दिखाई लेकिन अधिकारियों ने नया वोटर कार्ड लाने की बात कही। इसपर मजबूरी में वोटर को लौटना पड़ा।
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फोन में आधार नहीं देखा, लौटाया
आवास विकास में एक केंद्र पर एक युवा वोट डालने के लिए पहुंचा। यहां भी हर केंद्र की तरह वोटर आईडी के साथ ही वोटरों से आधार कार्ड मांगा जा रहा था। इस दौरान युवा ने आधार फोन में होने की बात कही और फोन में कार्ड दिखाने लगा। आरोप है कि मतदान अधिकारी ने फोन में आधार देखने से इनकार कर दिया। उनका तर्क था कि उन्हें ओरिजनल आधार कार्ड देखने के ही निर्देश दिए हुए हैं। ऐसे में फोटो कॉपी या फोन में आधार नहीं देखेंगे। ऐसे में युवा को दोबारा घर जाकर आधार लाना पड़ा, इसके बाद अपना वोट डाला।
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हर बार चुनाव से पहले बीएलओ घर-घर जाकर लोगों का छूटा हुआ वोट दोबारा बनवाते हैं। इसमें नाम बदलवाने से लेकर नाम कटवाने और जुड़वाने का काम भी रहता है। अंतिम सूची जारी होने से पहले अंतरिम सूची का प्रकाशन भी होता है। इसके बावजूद वोटर लिस्ट से हर बार वोटरों के नाम गायब हो जाते हैं। सोमवार को रुड़की के साथ ही लक्सर, भगवानपुर, कलियर, झबरेड़ा, मंगलौर सुबह से ही ऐसे मामले सामने आने लगे थे जिसमें वोटर किसी न किसी कारण से अपने मत का प्रयोग नहीं कर पाए। कहीं परिवार के आठ लोगों में से तीन के नाम वोटर लिस्ट से गायब थे तो कहीं पर पूरा परिवार ही वोटर लिस्ट में नहीं है। इसके साथ ही कुछ लोग केवल इसलिए वोट नहीं डाल पाए कि उनका पहचान पत्र पुराना था। वहीं कुछ ऐसे भी वोटर थे जिसके पास केवल वोट की पर्ची थी जबकि कोई आईडी नहीं थी। ऐसे में वे भी अपना वोट डालने से वंचित रह गए।
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पुराने वोटर कार्ड पर नहीं डाल पाए वोट
शेरपुर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में गांव के कुछ लोग वोट डालने आए। पोलिंग पार्टी ने जब उनसे पहचानपत्र मांगा तो उन्होंने पुराना पहचान पत्र दिखाया। इसपर मतदान अधिकारी का कहना था कि वोटर लिस्ट 2022 की बनी हुई है। पुराने वोटर कार्ड पर वोट नहीं डाल सकते। इसपर वोटर ने अपने अन्य दस्तावेज और वोटर लिस्ट में अपने नाम की पर्ची भी दिखाई लेकिन अधिकारियों ने नया वोटर कार्ड लाने की बात कही। इसपर मजबूरी में वोटर को लौटना पड़ा।
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फोन में आधार नहीं देखा, लौटाया
आवास विकास में एक केंद्र पर एक युवा वोट डालने के लिए पहुंचा। यहां भी हर केंद्र की तरह वोटर आईडी के साथ ही वोटरों से आधार कार्ड मांगा जा रहा था। इस दौरान युवा ने आधार फोन में होने की बात कही और फोन में कार्ड दिखाने लगा। आरोप है कि मतदान अधिकारी ने फोन में आधार देखने से इनकार कर दिया। उनका तर्क था कि उन्हें ओरिजनल आधार कार्ड देखने के ही निर्देश दिए हुए हैं। ऐसे में फोटो कॉपी या फोन में आधार नहीं देखेंगे। ऐसे में युवा को दोबारा घर जाकर आधार लाना पड़ा, इसके बाद अपना वोट डाला।