{"_id":"62f543de9657051d3c1f6ba0","slug":"crowd-of-passengers-gathered-at-the-bus-stand-chaos-prevailed-roorkee-news-drn419777542","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee: रक्षा बंधन पर रोडवेज बसों में उमड़ी यात्रियों की भीड़, अव्यवस्थाएं रही हावी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee: रक्षा बंधन पर रोडवेज बसों में उमड़ी यात्रियों की भीड़, अव्यवस्थाएं रही हावी
Fri, 12 Aug 2022 01:07 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 12 Aug 2022 01:07 AM IST
सार
रोडवेज ने रुड़की डिपो की 48 बसों का संचालन किया। इसके बावजूद जैसे ही बस गेट पर पहुंचती यात्रियों से खचाखच भर जाती।
विज्ञापन
रुड़की में रक्षा बंधन पर रोडवेज बस में चढ़ने के लिए लगी लोगों की भीड़ ।
- फोटो : ROORKEE
विस्तार
रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ी। बसों में चढ़ने के लिए यात्री धक्कामुक्की करते नजर आए। भीड़ का आलम यह था कि बस आते ही लोग उसके पीछे दौड़ने लगते थे। यात्रियों को बसों की कमी न हो, इसके लिए रोडवेज ने बेड़े की सभी बसें रूटों पर उतार दीं, इसके बावजूद यात्रियों को समय पर बसें नसीब नहीं हुईं।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार सुबह होते ही रोडवेज पर यात्रियों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। रोडवेज ने रुड़की डिपो की 48 बसों का संचालन किया। इसके बावजूद जैसे ही बस गेट पर पहुंचती यात्रियों से खचाखच भर जाती। वहीं रोडवेज पर पहुंचने वाली दूसरे डिपो की बस भी पीछे से यात्रियों से भरी हुई आ रही थी। करीब 10 बजे तक डिपो पर यात्रियों का सैैलाब उमड़ आया। ऐसे में रोडवेज ने अपने बेड़े में खड़ी सभी बसों का तुरंत संचालन कर दिया। तमाम इंतजामों के बावजूद यात्री गंतव्य की बस के लिए परेशान होते रहे। यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, देहरादून, यमुनानगर हरियाणा आदि के रूटों पर रही। स्थिति यह रही कि बसों में बैठने पर दिनभर यात्रियों के बीच धक्कामुक्की होती रही। एआरएम आलोक बेनवाल ने बताया कि बेडे़ की सभी बसों को यात्रियों की बढ़ती भीड़ के चलते चला दिया गया था।
विज्ञापन
निजी बसों पर चला पुलिस और आरटीओ का डंडा
भीड़ का फायदा उठाने के लिए निजी बस संचालकों ने रोडवेज बस अड्डे पर सवारियां बैठानी शुरू कर दीं। इससे मौके पर जाम लग गया और डिपो की बसों का परिसर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। रोडवेज कर्मियों ने निजी बस संचालकों को वहां से बसें हटाने के लिए कहा तो उन्होंने कर्मियों को दबंगई दिखाकर वापस भेज दिया। ऐसे में कर्मचारियों ने इसकी शिकायत ट्रैफिक पुलिस और एआरटीओ से की। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने दोपहर तक मौके पर ही निजी बसों के चालान किए।
विज्ञापन
...तो किसके दबाव में हटाई गई पुलिस
दरअसल दोपहर को जैसे ही निजी बसों पर कार्रवाई शुरू हुई तो बस संचालक मौके पर पहुंच गए। इससे बस चालक और परिचालकों के हौसले बुलंद हो गए। एक चालक ने तो बस का चालान होते होते भी बस चलाकर रखी। यहां तक कि पुलिस को ही कुछ भी नहीं बिगाड़ने की धमकी तक दे दी। इसके बाद बस संचालकों ने दबंगई दिखाकर धमकी दी कि डेढ़ घंटे के बाद ट्रैफिक पुलिस रोडवेज के सामने से हट जाएगी। इसके बाद फिर से निजी बसों में सवारियां बैठेंगी। अब इसे भले ही संयोग कहा जाए कि पूरे डेढ़ घंटे बाद चार बजकर 20 मिनट ट्रैफिक पुलिस और सीपीयू के जवान रोडवेज बस अड्डे से चले गए। इसके बाद पूरे हाईवे पर निजी बसों ने धड़ल्ले से सवारियां को बैठाना शुरू कर दिया। हालांकि इसके बाद करीब छह बजे ट्रैफिक पुलिस दोबारा मौके पर पहुंची, लेकिन इस बार पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। निजी बस परिचालक पुलिस के सामने ही बसों में सवारी बैठाते रहे। मामले में ट्रैफिक इंस्पेक्टर से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
निजी बस चालकों ने मैक्सी-टैक्सी के चालक को पीटा
बृहस्पतिवार को ट्रैफिक पुलिस की कुछ देर की कार्रवाई से निजी बस चालकों में गुस्सा पनप रहा था। शाम को जैसे ही मौके से पुलिस हटी तो निजी बस चालकों ने सवारियां बैठानी शुरू कर दीं। इसी दौरान डग्गामार वाहन मैक्सी-टैक्सी भी सवारियां बैठाने लगा। इस पर निजी बस चालकों और परिचालकों ने मैक्सी-टैक्सी चालक को पकड़कर पीट दिया। इससे मैक्सी-टैक्सी वाहन व अन्य डग्गामार वाहन के चालक और परिचालक एकत्र हो गए। इसके बाद दोनों तरफ के चालकों और परिचालकों में जमकर मारपीट हुई। बाद में पुलिस के आने पर चालक मौके से फरार हुए।