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उतराखंड रणजी क्रिकेट में शामिल करवाने के नाम पर 30 लाख की ठगी
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की। उत्तराखंड रणजी क्रिकेट टीम में शामिल करवाने के नाम पर नासिक व भोपाल के दो खिलाड़ियों से लाखों रुपये की ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। रुड़की निवासी एक व्यक्ति ने दोनों खिलाड़ियों को उत्तराखंड क्रिकेट बोर्ड में अपनी जान पहचान होने का झांसा दिया था। टीम में चयन न होने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने उससे अपनी रकम वापस मांगी तो इनकार कर दिया। पीड़ित दोनों खिलाड़ियों ने रुड़की पहुंचकर खिलाफ तहरीर दी है।
महाराष्ट्र के नासिक निवासी मनीष और मध्यप्रदेश के भोपाल निवासी मनी ने बुधवार को गंगनहर कोतवाली पहुंचकर कोतवाली प्रभारी राजेश साह व एसएसआई रणजीत तोमर से मुलाकात की। दोनों ने बताया कि वह नासिक व भोपाल में क्रिकेट के खिलाड़ी हैं। करीब दो माह पूर्व देहरादून में एक मैच के दौरान उनकी मुलाकात रुड़की निवासी एक व्यक्ति से हुई थी। मुलाकात के दौरान दोनों की उससे अच्छी जान पहचान हो गई थी। जान पहचान होने के बाद उसने बताया था कि उत्तराखंड क्रिकेट बोर्ड में उसकी अच्छी जान पहचान है। साथ ही इंडिया टीम के लिए खेलने वाले पूर्व क्रिकेटरों और हाल ही में इंडिया की तरफ से खेलने वाले खिलाड़ियों से भी उसकी जान पहचान है। मनीष व मनी ने बताया कि उसने बताया था कि वह उन्हें उत्तराखंड रणजी क्रिकेट टीम में शामिल करवा सकता है। इसके बदले उसने 15-15 लाख रुपये देने की बात रखी। उसके झांसे में आकर दोनों ने परिवार की सहमति से 30 लाख रुपये दे दिए। रकम लेने के बाद उसने टीम के ट्रायल में शामिल होने की बात कही, लेकिन ट्रायल में दोनों का चयन नहीं हो पाया। चयन न होने पर दोनों ने बात की तो वह बहाने बनाने लगा। शक होने पर दोनों ने उससे अपनी रकम वापस मांगी तो उसने इनकार कर दिया। दोनों खिलाड़ियों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग करते हुए रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई है। कोतवाली प्रभारी राजेश साह ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। साथ ही तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
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महाराष्ट्र के नासिक निवासी मनीष और मध्यप्रदेश के भोपाल निवासी मनी ने बुधवार को गंगनहर कोतवाली पहुंचकर कोतवाली प्रभारी राजेश साह व एसएसआई रणजीत तोमर से मुलाकात की। दोनों ने बताया कि वह नासिक व भोपाल में क्रिकेट के खिलाड़ी हैं। करीब दो माह पूर्व देहरादून में एक मैच के दौरान उनकी मुलाकात रुड़की निवासी एक व्यक्ति से हुई थी। मुलाकात के दौरान दोनों की उससे अच्छी जान पहचान हो गई थी। जान पहचान होने के बाद उसने बताया था कि उत्तराखंड क्रिकेट बोर्ड में उसकी अच्छी जान पहचान है। साथ ही इंडिया टीम के लिए खेलने वाले पूर्व क्रिकेटरों और हाल ही में इंडिया की तरफ से खेलने वाले खिलाड़ियों से भी उसकी जान पहचान है। मनीष व मनी ने बताया कि उसने बताया था कि वह उन्हें उत्तराखंड रणजी क्रिकेट टीम में शामिल करवा सकता है। इसके बदले उसने 15-15 लाख रुपये देने की बात रखी। उसके झांसे में आकर दोनों ने परिवार की सहमति से 30 लाख रुपये दे दिए। रकम लेने के बाद उसने टीम के ट्रायल में शामिल होने की बात कही, लेकिन ट्रायल में दोनों का चयन नहीं हो पाया। चयन न होने पर दोनों ने बात की तो वह बहाने बनाने लगा। शक होने पर दोनों ने उससे अपनी रकम वापस मांगी तो उसने इनकार कर दिया। दोनों खिलाड़ियों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग करते हुए रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई है। कोतवाली प्रभारी राजेश साह ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। साथ ही तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
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