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युवक की संदिग्ध मौत की एक बार फिर जांच शुरू
Updated Sat, 10 Feb 2018 12:41 AM IST
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भगवानपुर। खानपुर गांव में डेढ़ माह पूर्व युवक की संदिग्ध मौत के मामले में परिजनों ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर स्थानीय पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गंभीरता से जांच करवाने की गुहार लगाई थी। प्रधानमंत्री कार्यालय की सख्ती पर उत्तराखंड पुलिस ने मामले की जांच आपराधिक मानव वध सेल को सौंप दी है।
24 दिसंबर को खानपुर गांव के मांगेराम का शव पेड़ से लटका मिला था। पुलिस दो दिन तक घटना की पड़ताल करती रही, लेकिन पुलिस के हाथ ऐसा कोई सुराग नहीं लगा जिससे हत्या की बात सामने आ रही हो। जबकि मांगेराम के परिजन शुरू से ही हत्या की आशंका जता रहे हैं। इस बाबत परिजनों की ओर से पुलिस को भी तहरीर दी। मृतक की मां लीलावती ने प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायत पत्र भेजकर बताया कि भगवानपुर पुलिस घटना की जांच को लेकर शुरू से ही लापरवाही बरत रही है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने तहरीर देकर हत्या की आशंका जताते हुए गांव के दो युवकों को नामजद भी किया था बावजूद पुलिस ने उनसे पूछताछ तक नहीं की। परिजनों का कहना है कि जनपद के अधिकारियों से भी उन्होंने घटना की जांच कराने की मांग की थी लेकिन उन्होंने भी स्क्वाएड डॉग भेजने तक जांच सीमित रखी। भगवानपुर थानाध्यक्ष राजीव चौहान ने बताया कि वह शुरू से ही घटना को गंभीरता से ले रहे हैं। अब जिला स्तर से ही जांच आपराधिक मानव वध सेल को सौंप दी गई है।
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24 दिसंबर को खानपुर गांव के मांगेराम का शव पेड़ से लटका मिला था। पुलिस दो दिन तक घटना की पड़ताल करती रही, लेकिन पुलिस के हाथ ऐसा कोई सुराग नहीं लगा जिससे हत्या की बात सामने आ रही हो। जबकि मांगेराम के परिजन शुरू से ही हत्या की आशंका जता रहे हैं। इस बाबत परिजनों की ओर से पुलिस को भी तहरीर दी। मृतक की मां लीलावती ने प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायत पत्र भेजकर बताया कि भगवानपुर पुलिस घटना की जांच को लेकर शुरू से ही लापरवाही बरत रही है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने तहरीर देकर हत्या की आशंका जताते हुए गांव के दो युवकों को नामजद भी किया था बावजूद पुलिस ने उनसे पूछताछ तक नहीं की। परिजनों का कहना है कि जनपद के अधिकारियों से भी उन्होंने घटना की जांच कराने की मांग की थी लेकिन उन्होंने भी स्क्वाएड डॉग भेजने तक जांच सीमित रखी। भगवानपुर थानाध्यक्ष राजीव चौहान ने बताया कि वह शुरू से ही घटना को गंभीरता से ले रहे हैं। अब जिला स्तर से ही जांच आपराधिक मानव वध सेल को सौंप दी गई है।
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