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परिवहन कर की फर्जी रसीद बनाने वालों पर केस
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
परिवहन विभाग की फर्जी रसीद बनाकर लाखों की हेराफेरी करने का मामला सामने आया है। एआरटीओ की चेकिंग के दौरान एक फर्जी रसीद पकड़ में आने पर विभाग में अफरातफरी मच गई। एआरटीओ ने आननफानन में कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी। बृहस्पतिवार देर रात पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फर्जी रसीद मेरठ में कटने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने वहां दबिश दी, लेकिन आरोपी का कुछ पता नहीं चल पाया है।
बृहस्पतिवार को रुड़की के परिवहन कर अधिकारी केके बिज्लवाण टीम के साथ वाहनों की कर रसीद चेक कर रहे थे। इसी बीच उन्होंने एक वाहन चालक से कर रसीद दिखाने को कहा। चालक ने कर रसीद दिखाई तो कर अधिकारी को फर्जी होने का शक हुआ। उन्होंने कार्यालय फोन कर रसीद के ऑनलाइन होने की जानकारी ली। जहां पता चला कि रसीद ऑनलाइन नहीं है। इस पर उन्होंने चालक से रसीद के संबंध में पूछताछ की। चालक ने बताया कि उसने मेरठ में एक स्थान पर रसीद कटवाई थी। फर्जी रसीद का मामला सामने आने पर कर अधिकारी ने कार्यालय पहुंचकर प्रकरण की गंभीरता से जांच की। बताया जा रहा है कि जांच में ऐसी कई फर्जी रसीद काटकर विभाग को लाखों का चूना लगाने की बात सामने आई है। देर रात कर अधिकारी केके बिल्जवाण ने पुलिस को तहरीर दी। सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर पुलिस की एक टीम मेरठ भेजी गई है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
काफी दिनों से चल रहा खेल
सूत्रों की मानें तो फर्जी कर रसीद का मामला काफी दिनों से चला आ रहा था, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने इस तरफ गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। कर अधिकारी केके बिल्जवाण ने मामले में गंभीरता दिखाई तो पूरा खेल पकड़ में आया। बताया जा रहा है कि मेरठ का एक गैंग इस पूरे खेल में शामिल है। यही गैैंग पिछले काफी दिनों से फर्जी रसीद का खेल कर रहा है।
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परिवहन विभाग की फर्जी रसीद बनाकर लाखों की हेराफेरी करने का मामला सामने आया है। एआरटीओ की चेकिंग के दौरान एक फर्जी रसीद पकड़ में आने पर विभाग में अफरातफरी मच गई। एआरटीओ ने आननफानन में कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी। बृहस्पतिवार देर रात पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फर्जी रसीद मेरठ में कटने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने वहां दबिश दी, लेकिन आरोपी का कुछ पता नहीं चल पाया है।
बृहस्पतिवार को रुड़की के परिवहन कर अधिकारी केके बिज्लवाण टीम के साथ वाहनों की कर रसीद चेक कर रहे थे। इसी बीच उन्होंने एक वाहन चालक से कर रसीद दिखाने को कहा। चालक ने कर रसीद दिखाई तो कर अधिकारी को फर्जी होने का शक हुआ। उन्होंने कार्यालय फोन कर रसीद के ऑनलाइन होने की जानकारी ली। जहां पता चला कि रसीद ऑनलाइन नहीं है। इस पर उन्होंने चालक से रसीद के संबंध में पूछताछ की। चालक ने बताया कि उसने मेरठ में एक स्थान पर रसीद कटवाई थी। फर्जी रसीद का मामला सामने आने पर कर अधिकारी ने कार्यालय पहुंचकर प्रकरण की गंभीरता से जांच की। बताया जा रहा है कि जांच में ऐसी कई फर्जी रसीद काटकर विभाग को लाखों का चूना लगाने की बात सामने आई है। देर रात कर अधिकारी केके बिल्जवाण ने पुलिस को तहरीर दी। सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर पुलिस की एक टीम मेरठ भेजी गई है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
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काफी दिनों से चल रहा खेल
सूत्रों की मानें तो फर्जी कर रसीद का मामला काफी दिनों से चला आ रहा था, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने इस तरफ गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। कर अधिकारी केके बिल्जवाण ने मामले में गंभीरता दिखाई तो पूरा खेल पकड़ में आया। बताया जा रहा है कि मेरठ का एक गैंग इस पूरे खेल में शामिल है। यही गैैंग पिछले काफी दिनों से फर्जी रसीद का खेल कर रहा है।
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