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कार्रवाई न होने से खफा ग्रामीण ने की खुदकुशी
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लक्सर/खानपुर। खानपुर क्षेत्र के एक ग्रामीण ने जहरीला पदार्थ निगल कर खुदकुशी कर ली। परिवारवालों का कहना है कि बेटी के अपहरण के मामले में पुलिस के कार्रवाई नहीं करने से वह तनाव में था। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया है। हालांकि बाद में पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले गई।
खाननपुर थानाक्षेत्र के 45 वर्षीय व्यक्ति ने तनाव के चलते जहरीले पदार्थ निगल लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर परिजनों ने लक्सर के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी होने पर परिजन और रिश्तेदार भी मौके पर पहुंच गए। इसी बीच सूचना पाकर खानपुर पुलिस भी पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू की। लेकिन, परिवारवालों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि नाबालिग बेटी पिछले वर्ष नवंबर में घर से लापता हो गई थी। पीड़ित पिता ने यूपी के मुजफ्फरनगर के छरौली गांव के एक युवक समेत तीन युवकों के खिलाफ तहरीर दी थी। पुलिस ने एक आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर किशोरी को बरामद किया था और आरोपी को जेल भेजा था। लेकिन, अन्य तीन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। आरोप है कि कई बार चक्कर लगाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिजनों का कहना है कि आरोपी घर के सामने से निकलते वक्त किशोरी पर छींटाकशी करते थे। इससे वह तनाव में था। कार्रवाई नहीं होने से आहत ग्रामीण ने खुदकुशी कर ली।
वहीं, पुलिस परिजनों के बगैर शव को पोस्टमार्टम के लिए रुड़की अस्पताल ले गई। उधर, खानपुर थाना अध्यक्ष दिलमोहन सिंह का कहना है कि किशोरी के अपहरण किए जाने के मामले में एक आरोपी को नामजद किया गया था। किशोरी के बयान में भी दूसरे किसी युवक की जानकारी नहीं दी गई थी। नामजद आरोपी को जेल भेज दिया गया था।
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खाननपुर थानाक्षेत्र के 45 वर्षीय व्यक्ति ने तनाव के चलते जहरीले पदार्थ निगल लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर परिजनों ने लक्सर के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी होने पर परिजन और रिश्तेदार भी मौके पर पहुंच गए। इसी बीच सूचना पाकर खानपुर पुलिस भी पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू की। लेकिन, परिवारवालों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि नाबालिग बेटी पिछले वर्ष नवंबर में घर से लापता हो गई थी। पीड़ित पिता ने यूपी के मुजफ्फरनगर के छरौली गांव के एक युवक समेत तीन युवकों के खिलाफ तहरीर दी थी। पुलिस ने एक आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर किशोरी को बरामद किया था और आरोपी को जेल भेजा था। लेकिन, अन्य तीन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। आरोप है कि कई बार चक्कर लगाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिजनों का कहना है कि आरोपी घर के सामने से निकलते वक्त किशोरी पर छींटाकशी करते थे। इससे वह तनाव में था। कार्रवाई नहीं होने से आहत ग्रामीण ने खुदकुशी कर ली।
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वहीं, पुलिस परिजनों के बगैर शव को पोस्टमार्टम के लिए रुड़की अस्पताल ले गई। उधर, खानपुर थाना अध्यक्ष दिलमोहन सिंह का कहना है कि किशोरी के अपहरण किए जाने के मामले में एक आरोपी को नामजद किया गया था। किशोरी के बयान में भी दूसरे किसी युवक की जानकारी नहीं दी गई थी। नामजद आरोपी को जेल भेज दिया गया था।
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