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नौ वाहनों से वसूला सवा लाख का जुर्माना
Updated Wed, 23 May 2018 12:32 AM IST
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रुड़की/भगवानपुर। भगवानपुर मंडी समिति के सचल दस्ते ने बाहरी राज्य में गेहूं ले जा रहे नौ वाहनों को पकड़कर सवा लाख जुर्माना, 40 हजार मंडी शुल्क और दस हजार का विकास शेष शुल्क वसूला।
भगवानपुर क्षेत्र सहारनपुर जिले से लगा हुआ है। यूपी में किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ-साथ दस रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है, जबकि प्रदेश में बोनस की कोई घोषणा नहीं है। जिसके चलते जिले के कुछ किसान और व्यापारी गेहूं बेचने के लिए यूपी के समीपवर्ती जिलों का रुख कर रहे हैं। इसकी शिकायतें अधिकारियों को भी मिल रही है। भगवानपुर मंडी समिति के सचल दस्ते ने सोमवार रात भगवानपुर-गागलहेड़ी मार्ग पर चेकिंग की। इस दौरान भगवानपुर की ओर से नौ वाहन गागलहेड़ी की ओर जा रहे थे। सचल दस्ते ने वाहन स्वामियों से मंडी शुल्क दिखाने को कहा, लेकिन किसी भी वाहन चालक की ओर से मंडी शुल्क अदा नहीं किया गया था। जिसके चलते सभी नौ वाहनों से सवा लाख का जुर्माना, 40 हजार मंडी शुल्क और दस हजार का विकास शेष वसूला। मंडी समिति केे सचिव कुलदीप नोटियाल ने बताया कि अभियान जारी रहेगा। इस दौरान टीम में सचिव कुलदीप नोटियाल, मंडी निरीक्षक अल्केश सैनी, एकाउंटेंट राजीव कुमार, मंडी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, लिपिक सुखबीर सिंह आदि मौजूद रहे।
गुड़ से आए मंडी के खाते में पचास लाख
रुड़की/भगवानपुर। भगवानपुर मंडी समिति ने इस बार गुड़ व्यापारियों से 50 लाख का मंडी शुल्क वसूला।
मंगलौर, भगवानपुर, चुड़ियाला क्षेत्र में गुड़ का भारी उत्पादन होता है, लेकिन भगवानपुर में करीब चार साल पहले स्थापित हुई मंडी को गुड़ के उत्पादन पर मंडी शुल्क नहीं मिल पा रहा था। जानकारों की मानें तो व्यापारी, अधिकारियों की हीलाहवाली का फायदा उठाकर मंडी शुल्क की चोरी कर रहे थे। जिसके चलते इस वर्ष मंडी समिति के अधिकारियों ने गुड़ मंडी शुल्क को लेकर सख्ती बरती है। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष अक्तूबर से मई तक करीब पचास लाख का मंडी शुल्क गुड़ व्यापारियों से वसूला जा चुका है। मंडी समिति के सचिव कुलदीप नोटियाल ने बताया कि गुड़ व्यापारियों से मंडी शुल्क वसूल किया जा रहा है। उन्होंने 50 लाख का मंडी शुल्क वसूल करने की पुष्टि की है।
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भगवानपुर क्षेत्र सहारनपुर जिले से लगा हुआ है। यूपी में किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ-साथ दस रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है, जबकि प्रदेश में बोनस की कोई घोषणा नहीं है। जिसके चलते जिले के कुछ किसान और व्यापारी गेहूं बेचने के लिए यूपी के समीपवर्ती जिलों का रुख कर रहे हैं। इसकी शिकायतें अधिकारियों को भी मिल रही है। भगवानपुर मंडी समिति के सचल दस्ते ने सोमवार रात भगवानपुर-गागलहेड़ी मार्ग पर चेकिंग की। इस दौरान भगवानपुर की ओर से नौ वाहन गागलहेड़ी की ओर जा रहे थे। सचल दस्ते ने वाहन स्वामियों से मंडी शुल्क दिखाने को कहा, लेकिन किसी भी वाहन चालक की ओर से मंडी शुल्क अदा नहीं किया गया था। जिसके चलते सभी नौ वाहनों से सवा लाख का जुर्माना, 40 हजार मंडी शुल्क और दस हजार का विकास शेष वसूला। मंडी समिति केे सचिव कुलदीप नोटियाल ने बताया कि अभियान जारी रहेगा। इस दौरान टीम में सचिव कुलदीप नोटियाल, मंडी निरीक्षक अल्केश सैनी, एकाउंटेंट राजीव कुमार, मंडी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, लिपिक सुखबीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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गुड़ से आए मंडी के खाते में पचास लाख
रुड़की/भगवानपुर। भगवानपुर मंडी समिति ने इस बार गुड़ व्यापारियों से 50 लाख का मंडी शुल्क वसूला।
मंगलौर, भगवानपुर, चुड़ियाला क्षेत्र में गुड़ का भारी उत्पादन होता है, लेकिन भगवानपुर में करीब चार साल पहले स्थापित हुई मंडी को गुड़ के उत्पादन पर मंडी शुल्क नहीं मिल पा रहा था। जानकारों की मानें तो व्यापारी, अधिकारियों की हीलाहवाली का फायदा उठाकर मंडी शुल्क की चोरी कर रहे थे। जिसके चलते इस वर्ष मंडी समिति के अधिकारियों ने गुड़ मंडी शुल्क को लेकर सख्ती बरती है। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष अक्तूबर से मई तक करीब पचास लाख का मंडी शुल्क गुड़ व्यापारियों से वसूला जा चुका है। मंडी समिति के सचिव कुलदीप नोटियाल ने बताया कि गुड़ व्यापारियों से मंडी शुल्क वसूल किया जा रहा है। उन्होंने 50 लाख का मंडी शुल्क वसूल करने की पुष्टि की है।
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