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लोन दिलाने के नाम पर की डेढ़ लाख की ठगी
Updated Mon, 10 Sep 2018 01:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, लक्सर
ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देकर एक फैक्ट्री कर्मचारी से डेढ़ लाख रुपये की ठगी कर ली गई। ठगी का पता चलने के बाद युवक ने मामले की शिकायत एसएसपी से की। एसएसपी के आदेश पर विशेष जांच दल (एसआईएस) की ओर से की गई जांच में ठगी की पुष्टि होने के बाद पुलिस अब मामले में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है।
पुलिस के अनुसार, बिहार के गोपालगंज निवासी अजय कुमार ने एसएसपी कृष्ण कुमार वीके से शिकायत कर बताया कि वह लक्सर स्थित एक फैक्ट्री में नौकरी करते हैं और कुछ दिनों से अपना काम शुरू करने की सोच रहे थे। इसी बीच उन्हें प्रधानमंत्री इंप्लायमेंट जनरेशन प्रोग्राम (पीएमईजीपी) का पता चला। इसके बाद अजय ने योजना की वेबसाइट खोल कर इलेक्ट्रॉनिक तोल कांटे की निर्माण इकाई के लिए ऋण का ऑनलाइन आवेदन कर दिया। अजय के मुताबिक, आवेदन के कुछ दिनों बाद उनके मोबाइल पर कॉल आई, जिसमें बताया गया कि आपका आवेदन प्राप्त हो गया है। कॉल करने वाले ने बैंक डिटेल, पैन कार्ड और आधार कार्ड की जानकारी भी ले ली। कुछ दिनों बाद कॉल करने वाले ने बताया कि उनका ऋण मंजूर हो गया है। साथ ही अप्रूवल लेटर भी भेज दिया गया है। आरोप है कि इसके बाद कॉल करने वाले ने जल्द ही अजय को ऋण भेजने का झांसा देकर एक लाख 53 हजार की धनराशि राशि दिल्ली स्थित एक बैंक खाते में जमा करा ली। फोन बंद होने पर जब वह दिल्ली स्थित कंपनी के कार्यालय पहुंचे तो वहां कार्यालय भी नहीं मिला। अजय की शिकायत पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार वीके ने एसआईएस से मामले की जांच कराई तो ठगी की पुष्टि हुई है। कोतवाल अमर चंद शर्मा का कहना है कि मामले में जल्द ही मुकदमा दर्ज कर किया जाएगा।
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ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देकर एक फैक्ट्री कर्मचारी से डेढ़ लाख रुपये की ठगी कर ली गई। ठगी का पता चलने के बाद युवक ने मामले की शिकायत एसएसपी से की। एसएसपी के आदेश पर विशेष जांच दल (एसआईएस) की ओर से की गई जांच में ठगी की पुष्टि होने के बाद पुलिस अब मामले में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है।
पुलिस के अनुसार, बिहार के गोपालगंज निवासी अजय कुमार ने एसएसपी कृष्ण कुमार वीके से शिकायत कर बताया कि वह लक्सर स्थित एक फैक्ट्री में नौकरी करते हैं और कुछ दिनों से अपना काम शुरू करने की सोच रहे थे। इसी बीच उन्हें प्रधानमंत्री इंप्लायमेंट जनरेशन प्रोग्राम (पीएमईजीपी) का पता चला। इसके बाद अजय ने योजना की वेबसाइट खोल कर इलेक्ट्रॉनिक तोल कांटे की निर्माण इकाई के लिए ऋण का ऑनलाइन आवेदन कर दिया। अजय के मुताबिक, आवेदन के कुछ दिनों बाद उनके मोबाइल पर कॉल आई, जिसमें बताया गया कि आपका आवेदन प्राप्त हो गया है। कॉल करने वाले ने बैंक डिटेल, पैन कार्ड और आधार कार्ड की जानकारी भी ले ली। कुछ दिनों बाद कॉल करने वाले ने बताया कि उनका ऋण मंजूर हो गया है। साथ ही अप्रूवल लेटर भी भेज दिया गया है। आरोप है कि इसके बाद कॉल करने वाले ने जल्द ही अजय को ऋण भेजने का झांसा देकर एक लाख 53 हजार की धनराशि राशि दिल्ली स्थित एक बैंक खाते में जमा करा ली। फोन बंद होने पर जब वह दिल्ली स्थित कंपनी के कार्यालय पहुंचे तो वहां कार्यालय भी नहीं मिला। अजय की शिकायत पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार वीके ने एसआईएस से मामले की जांच कराई तो ठगी की पुष्टि हुई है। कोतवाल अमर चंद शर्मा का कहना है कि मामले में जल्द ही मुकदमा दर्ज कर किया जाएगा।
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