फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   CM where to build health insurance scheme

कहां जाएं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड बनवाने

Thu, 11 Aug 2016 12:03 AM IST
ब्यूूराो/ अमर उजाला रुड़की
ब्यूूराो/ अमर उजाला रुड़की Updated Thu, 11 Aug 2016 12:03 AM IST
विज्ञापन

रुड़की। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्ड बनवाने को शहर से देहात तक जरूरतमंद लोग चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कहीं से आवेदन फार्म उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। फार्म भरवाने के लिए आशाओं को डोर-टू-डोर जाने की भी जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन न शहर के किसी मोहल्ले में आशाएं घर-घर पहुंची हैं और न इसके लिए कहीं कोई कैंप लगाया गया है। नतीजतन जिले में अभी तक 50 प्रतिशत भी कार्ड नहीं बन पाए हैं, जबकि 15 अगस्त फार्म भरने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत चुने गए निजी और सरकारी अस्पतालों में पहले 50 हजार रुपये तक के निशुल्क उपचार की सुविधा थी जिसे अब प्रदेश सरकार ने पौने दो लाख रुपये कर दिया है। यही कारण है कि अब लोगों में योजना की तरफ रुझान बढ़ रहा है। ऐसे में अब अधिकतर लोग योजना का लाभ लेना चाहते हैं। लेकिन इसके लिए उन्हें आए दिन अस्पताल और आशाओं के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए फार्म भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन


रुड़की के सोलानीपुरम, गणेशपुर, आजादनगर, रामनगर सहित तमाम इलाकों में आए दिन लोग फार्म के लिए चक्कर काट रहे हैं। इसके अलावा कलियर, मंगलौर, लक्सर, भगवानपुर क्षेत्र में भी हजारों जरूरतमंद मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना से वंचित हैं। दूरदराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग फार्म के लिए सिविल अस्पताल रुड़की पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां से भी उन्हें निराश होना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि हरिद्वार जिले में लगभग 20 हजार लोगों के नए कार्ड बनने हैं, लेकिन अभी तक मात्र आठ हजार लोग फार्म भर पाए हैं। जबकि 15 अगस्त फार्म भरने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत फार्म भरवाने की जिम्मेदारी आशाओं को सौंपी गई है। अगर किसी आशा की ओर से इसमें हीलाहवाली बरती जा रही है तो उसे आशा बने रहने का अधिकार नहीं है। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।      
डा. बीएस जंगपांगी, सीएमओ हरिद्वार

नहीं आए कार्ड को दुबारा भरें फार्म
पिछले साल मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत फार्म भरने के बाद भी सैकड़ों लोगों के कार्ड नहीं बन पाए हैं। ऐसे में दुबारा से फार्म भरे जाने पर ऐसे लोग असमंजस में हैं कि आखिर दुबारा से फार्म भरें या फिर पहले वाले फार्म पर कार्ड बनेगा। सीएमओ डा. बीएस जंगपांगी का कहना है कि फार्म भरने के बाद जिनके कार्ड नहीं बन सके थे उन्हें दुबारा से फार्म भरना होगा।

क्या कहते हैं सीएमएस
रुड़की सिविल अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डा. संजय कंसल का कहना है कि यहां आए दिन बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना फार्म के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन इसकी जिम्मेदारी आशाओं को सौंपी गई है।

क्या कहती हैं आशा
रुड़की से जुड़ी आशा रीता का कहना है कि योजना के तहत चार अगस्त को रुड़की क्षेत्र के लिए 14 हजार फार्म उपलब्ध कराए गए थे। जिन्हें लगातार भरवाया जा रहा है। अब तक चार-पांच हजार फार्म भरे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि बारिश और छुट्टियों के कारण फार्म भरवाने का कार्य प्रभावित हो रहा है।

वोटर आईडी, राशन कार्ड जरूरी
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत फार्म भरने के लिए वोटर आईडी और राशन कार्ड जरूरी है। इसकी फोटो कापी देने पर ही आशाओं की ओर से फार्म उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आशाओं के अनुसार वोटर आईडी और राशन कार्ड न होने से भी लोगों को दिक्कतेें आ रही हैं।

फार्म की फोटो कापी पर भी कर सकते हैं आवेदन
मुख्यमंत्री बीमा योजना कार्ड के लिए फिलहाल बड़ी संख्या में लोग फार्म के लिए परेशान हो रहे हैं। कारण है कि 15 अगस्त तक फार्म भरने की अंतिम तिथि है। ऐेसे में विभागीय अधिकारियों का कहना है फार्म उपलब्ध नहीं होने पर लोग फोटो कापी कराकर भी आवेदन कर सकते हैं।  इनसेट

नगर पंचायत अध्यक्ष ने आशाओं संग की बैठक
लंढौरा। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में हीलाहवाली के बाद बुधवार को नगर पंचायत अध्यक्ष ने क्षेत्र की आशाओं की बैठक बुला कार्यों में हीलाहवाली पर नाराजगी जताई।


नगर पंचायत सभागार में आयोजित बैठक के दौरान अध्यक्ष खलील अहमद ने कहा कि आशाओं को घर-घर जाकर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पात्रों के फार्म भरने हैं। लेकिन अधिकतर आशाओं की ओर से हीलाहवाली बरती जा रही है। इसका खामियाजा आमजनों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि बैठक में भी अधिकतर आशाएं नदारद रहीं। उन्होंने इस आशय की शिकायत सीएमओ से भी की। साथ ही कार्यों में हीलाहवाली पर नाराजगी जताई। दूसरी ओर आशाओं ने घर-घर जाने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि डीएम ने सेंटर खोलने के निर्देश दिए हैं, जहां सभी के फार्म भरवाए जा सकें। इस अवसर पर नफीसा, कविता, बाला, सुनीता, शबनम आदि आशाएं मौजूद रहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed