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रूचिपूर्ण क्षेत्रों को खोजने के लिए करें आत्म विश्लेषण: पद्मश्री पांडे

Sun, 16 Feb 2020 11:21 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 16 Feb 2020 11:21 PM IST
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Choose areas where creative ideas can bring'
रुड़की। आईआईटी रुड़की की एनएसएस टीम और अमर उजाला फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय नेशनल सोशल समिट-2020 का रविवार को समापन हो गया। इस दौरान आम नागरिकों की सेवा, उनकी सुविधा के लिए उन्नत तकनीक व कार्यक्रमों को लागू करने और उनमें सहयोग करने का संकल्प लिया गया। संस्थान के निदेशक प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने छात्रों से आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तकनीकी का विकास करने का आह्वान किया। समापन अवसर पर उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले विजेताओं को पुरस्कृत किया।
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रविवार को संस्थान के मैक ऑडिटोरियम में आयोजित समापन समारोह में विभिन्न प्रदेशों के शिक्षण संस्थानों से पहुंचे करीब 500 छात्रों के अलावा संस्थान की एनएसएस इकाई से जुड़े एक हजार से अधिक छात्र मौजूद रहे। उन्होंने दिनभर विभिन्न व्याख्यानों और प्रतियोगिताओं समेत अन्य गतिविधियों में हिस्सा लिया। सामाजिक कार्यकर्ता एवं उत्तराखंड सेवा निधि पर्यावरण शिक्षा संस्थान के संस्थापक पद्मश्री डॉ. ललित पांडे ने छात्रों में पर्यावरण संरक्षण और देश सेवा का जोश भरा। उन्होंने कहा कि छात्रों को उसी क्षेत्र में पढ़ाई करनी चाहिए, जिसमें उनकी रुचि हो और क्रिएटिव आइडिया ला सकते हों। उन्होंने कहा कि छात्रों को उन क्षेत्रों को खोजने के लिए आत्मविश्लेषण करना चाहिए, जहां वे काम का आनंद उठा सकें। इससे उन्हें समाज और पर्यावरण के व्यावहारिक मुद्दों को परिभाषित करने और हल करने के लिए अधिक रचनात्मक होने में मदद मिलेगी।
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द एनर्जी एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर जनरल अजय शंकर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन सतत विकास में बड़ी चुनौती है। युवाओं की नई पीढ़ी के पास ऐसे इनोवेटिव आइडिया के साथ आने की क्षमता है, जो स्वदेशी और कार्बन शून्य है। छात्र खूबियों के साथ मौजूदा प्रणालियों को बदल सकते हैं। वहीं, आईआईटी के एलुमिनाई एवं काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरन्मेंट एंड वाटर के सीनियर प्रोग्राम लीडर अभिषेक जैन ने कहा कि यंग माइंड का मतलब है मोर क्रिएटिविटी। उन्होंने छात्रों से पर्यावरण की दिशा में ज्यादा से ज्यादा योगदान देने का आह्वान करते हुए कहा कि छात्रों को यह सोचना चाहिए कि जीरो कार्बन सोसायटी के निर्माण के लिए वे क्या कर सकते हैं। मौके पर सम्मेलन की संयोजक प्रो. प्राणिता सारंगी, यश अग्रवाल, पराग मित्तल आदि मौजूद रहे।
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प्रतियोगिता के इन विजेताओं को किया पुरस्कृत
मनरेगा पर विचार मंथन में काजल, आर्गेनिक फारर्मिंग में पारुल मेहता, पर्टिकुलर मैटर में सुखी चौधरी, नुक्कड़ नाटक में रिया सिंह, पालिशी मेकिंग में सक्षम और एक्शन प्लान तैयार करने में चिराग को प्रथम पुरस्कार दिया गया।
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