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Roorkee News: किसानों के विरोध के बाद गन्ना क्रय केंद्रों के आवंटन में बदलाव
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गन्ना किसानों और संगठनों के लगातार विरोध और मांग को देखते हुए प्रशासन ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना क्रय केंद्रों के आवंटन में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग आयुक्त, त्रिलोक सिंह मर्तोलिया की ओर से जारी आदेश के अनुसार लक्सर और लिब्बरहेड़ी चीनी मिलों के कार्यक्षेत्र में आंशिक बदलाव किए गए हैं।
हरिद्वार जनपद के गन्ना किसानों और विभिन्न संगठनों की ओर से लगातार प्रदर्शन किया जा रहा था। किसानों की मांग थी कि लिब्बरहेड़ी चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति बढ़ाई जाए क्योंकि वहां गन्ने की कमी देखी जा रही थी। सहायक गन्ना आयुक्त, हरिद्वार की संस्तुति पर उत्तराखंड गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम, 1953 की धाराओं के तहत जनहित में यह निर्णय लिया गया है।
नए आदेश के तहत तीन मुख्य गन्ना क्रय केंद्रों का विभाजन और पुन: आवंटन किया गया है। गन्ना समिति लक्सर के दो गन्ना क्रय केंद्रों सैदाबाद(लालपुर) व रायसी को दो- दो हिस्सों में बांटकर लक्सर व लिब्बरहेड़ी दोनों मिलों को दिया है। वहीं गन्ना क्रय केंद्र रानी माजरा को अब पूरी तरह लिब्बरहेड़ी मिल को दिया गया हैं। यह आदेश केवल वर्तमान पेराई सत्र 2025-26 के लिए ही मान्य होगा।
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हरिद्वार जनपद के गन्ना किसानों और विभिन्न संगठनों की ओर से लगातार प्रदर्शन किया जा रहा था। किसानों की मांग थी कि लिब्बरहेड़ी चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति बढ़ाई जाए क्योंकि वहां गन्ने की कमी देखी जा रही थी। सहायक गन्ना आयुक्त, हरिद्वार की संस्तुति पर उत्तराखंड गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम, 1953 की धाराओं के तहत जनहित में यह निर्णय लिया गया है।
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नए आदेश के तहत तीन मुख्य गन्ना क्रय केंद्रों का विभाजन और पुन: आवंटन किया गया है। गन्ना समिति लक्सर के दो गन्ना क्रय केंद्रों सैदाबाद(लालपुर) व रायसी को दो- दो हिस्सों में बांटकर लक्सर व लिब्बरहेड़ी दोनों मिलों को दिया है। वहीं गन्ना क्रय केंद्र रानी माजरा को अब पूरी तरह लिब्बरहेड़ी मिल को दिया गया हैं। यह आदेश केवल वर्तमान पेराई सत्र 2025-26 के लिए ही मान्य होगा।
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