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अवैध खनन में दो गांवों में खूनी संघर्ष, फायरिंग
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अवैध खनन को लेकर दो गांवों के लोग आमने-सामने आ गए। मामला इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों में जमकर धारदार हथियार और लाठी-डंडे चले। एक पक्ष का आरोप है कि दूसरे पक्ष ने फायरिंग की। वहीं दूसरे पक्ष का आरोप है कि वह खेत से आ रहे थे। इस दौरान उनपर लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के आठ लोग घायल हो गए। घायलों को रुड़की सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है।
सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के टोडा अहतमाल और जलालपुर गांव के लोगों में रविवार रात खूनी संघर्ष हो गया। टोडा अहतमाल निवासी देवकुमार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि सोलानी नदी के पास उनके खेत हैं। रविवार रात करीब नौ बजे वह खेत पर गए थे। इस बीच जलालपुर गांव के सात से आठ लोग दो ट्रैक्टर-ट्रॉली से खेतों से अवैध खनन कर रहेे थे। उन्होंने इसका विरोध किया तो उक्त लोगों ने भगा दिया। इस पर उन्होंने फोन कर अपने भाई देवराज, भतीजे अमित, रणजीत और धनराज को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि अवैध खनन करने वालों ने भी फोन कर गांव से अपने पक्ष के सौ से डेढ़ सौ लोगों को बुला लिया। उक्त लोगों ने धारदार हथियार और लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इतना ही नहीं उनपर फायरिंग कर दी। किसी तरह उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। हमले में सभी लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।
वहीं जलालपुर निवासी दूसरे पक्ष के लोगों ने तहरीर देकर बताया कि वह खेत से लौट रहे थे। इस बीच टोडा अहतमाल के लोगों ने धारदार हथियार से हमला बोल दिया। हमले में इखलाख, सरफराज, इकबाल गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें रात में ही सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से कोई फायरिंग नहीं की गई। फायरिंग और अवैध खनन के आरोप झूठे हैं। कोतवाली प्रभारी देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। दोनों पक्षों को माहौल खराब करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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पहले भी हो चुका है विवाद
सोलानी नदी किनारे टोडा अहतमाल और जलालपुर गांव के लोगों के खेत आ रहे हैं। दोनों गांव के कुछ लोग रात में पुलिस से बचने के लिए नदी और खेतों से अवैध खनन करते हैं। अवैध खनन को लेकर रविवार को हुआ विवाद पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी कई बार विवाद हो चुके हैं।
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सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के टोडा अहतमाल और जलालपुर गांव के लोगों में रविवार रात खूनी संघर्ष हो गया। टोडा अहतमाल निवासी देवकुमार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि सोलानी नदी के पास उनके खेत हैं। रविवार रात करीब नौ बजे वह खेत पर गए थे। इस बीच जलालपुर गांव के सात से आठ लोग दो ट्रैक्टर-ट्रॉली से खेतों से अवैध खनन कर रहेे थे। उन्होंने इसका विरोध किया तो उक्त लोगों ने भगा दिया। इस पर उन्होंने फोन कर अपने भाई देवराज, भतीजे अमित, रणजीत और धनराज को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि अवैध खनन करने वालों ने भी फोन कर गांव से अपने पक्ष के सौ से डेढ़ सौ लोगों को बुला लिया। उक्त लोगों ने धारदार हथियार और लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इतना ही नहीं उनपर फायरिंग कर दी। किसी तरह उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। हमले में सभी लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।
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वहीं जलालपुर निवासी दूसरे पक्ष के लोगों ने तहरीर देकर बताया कि वह खेत से लौट रहे थे। इस बीच टोडा अहतमाल के लोगों ने धारदार हथियार से हमला बोल दिया। हमले में इखलाख, सरफराज, इकबाल गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें रात में ही सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से कोई फायरिंग नहीं की गई। फायरिंग और अवैध खनन के आरोप झूठे हैं। कोतवाली प्रभारी देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। दोनों पक्षों को माहौल खराब करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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पहले भी हो चुका है विवाद
सोलानी नदी किनारे टोडा अहतमाल और जलालपुर गांव के लोगों के खेत आ रहे हैं। दोनों गांव के कुछ लोग रात में पुलिस से बचने के लिए नदी और खेतों से अवैध खनन करते हैं। अवैध खनन को लेकर रविवार को हुआ विवाद पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी कई बार विवाद हो चुके हैं।