फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   Bhagwanpur block becomes Uttarakhand's digital village

भगवानपुर ब्लॉक बना उत्तराखंड का डिजिटल विलेज 17-35-07

Thu, 29 Apr 2021 11:28 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 29 Apr 2021 11:28 PM IST
विज्ञापन
Bhagwanpur block becomes Uttarakhand's digital village
केंद्र सरकार के डिजिटल विलेज प्रोजेक्ट के तहत उत्तराखंड के एकमात्र भगवानपुर ब्लॉक को डिजिटल विलेज का दर्जा मिला है। प्रोजेक्ट के तहत ब्लॉक के हर गांव में एक सीएससी सेंटर खोलकर एजूकेशन लैब स्थापित की जा रही है। लैब में गांव के गरीब और स्कूल छोड़ चुके बच्चों के अलावा गांव के हर इच्छुक व्यक्ति को कंप्यूटर और इंटरनेट का बेसिक ज्ञान दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
विज्ञापन

केंद्र सरकार के अधीन कॉमन सर्विस सेंटरों पर जन सुविधा के लिए अनेक योजनाएं आती रहती है। इसी के तहत केंद्र सरकार ने हाल ही में सीएससी डिजिटल विलेज प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसमें पूरे भारत से 492 ब्लॉकों को चिह्नित किया गया है। इसमें उत्तराखंड के भगवानपुर ब्लॉक को सीएससी डिजिटल विलेज प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। बता दे कि भगवानपुर ब्लॉक के 51 ग्राम पंचायतों में 85 गांव शामिल हैं। ब्लॉक में 11 ऐसे गांव हैं जहां आबादी नहीं है। ऐसे में भगवानपुर ब्लॉक के 74 गांव में इस प्रोजेक्ट को शुरू किया जा रहा है। इसके तहत हर गांव में एक सीएससी सेंटर खोलकर वहां एजूकेशन लैब खोली जा रही है। इस लैब पर पांच कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद इन लैब में लोगों को कंप्यूटर और इंटरनेट का निशुल्क ज्ञान दिया जाएगा। सीएससी ई-गर्वमेंट सविर्सिज इंडिया लिमिडेट के स्टेट कोर्डिनेटर भूपेंद्र कुमार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
विज्ञापन

एनईसी कंपनी ने गोद लिए 50 गांव
केंद्र सरकार ने सीएससी डिजिटल विलेज प्रोजेक्ट को शुरू करने के साथ ही विभिन्न कंपनियों को प्रोजेक्ट के तहत गांव गोद लेने के लिए आमंत्रित किया था। इसके बाद निपोन इलेक्ट्रानिक कंपनी (एनईसी) ने भगवानपुर ब्लॉक के 50 गांव को गोद लिया है। गोद लेने के बाद हर सेंटर पर आने वाले बजट को कंपनी खुद वहन करेगी। उसके बाद सेंटर पर एजूकेशन लैब पर बच्चे कितनी संख्या में पढ़ने आ रहे हैं या बच्चों को कोई दिक्कत तो नहीं है, इसकी मॉनिटरिंग भी कंपनी के अधिकारी ही करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

तिरंगे की लाइन दिखाएगी रास्ता
गांव में लोगों को सीएससी सेंटर तक लाने के लिए तिरंगे की लाइन रास्ता दिखाएगी। दरअसल जो सीएससी संचालक अपने यहां डिजिटल लैब लगाएगा उसे गांव के मुख्य द्वार से अपने सीएससी सेंटर तक दीवारों पर एक ऑरेंज कलर की लाइन खींचनी होगी। यह लाइन दर्शाएगी कि इस गांव में डिजिटल विलेज प्रोजेक्ट चल रहा है। साथ ही सेंटर पर पढ़ने वाले बच्चों को भी यह लाइन मार्गदर्शक के रूप में काम करेगी।
गांव में कराया गया था सर्वे
किसी भी गांव या ब्लॉक में सीएससी डिजिटल विलेज प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले उस गांव का सर्वे किया जाता है। सर्वे में गांव के कम से कम 600 परिवारों को शामिल किया जाता है। इसमें लोगों के नाम, शिक्षित और अशिक्षित लोगों की जानकारी और कितने लोगों को कंप्यूटर ज्ञान आता है, इसकी जानकारी ली जाती है।

डिजिटल इंडिया की तर्ज पर डिजिटल विलेज प्रोजेक्ट के तहत उत्तराखंड के भगवानपुर को चुना गया है। आने वाले समय में उत्तराखंड के अन्य ब्लॉकों और गांव का भी चयन किया जाएगा। इसपर लगातार काम चल रहा है।
- सचिन वर्मा, डिजिटल विलेज प्रोजेक्ट, सेंटर्ल एसिसटेंट मैनेजर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed