फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   Beware: Animals coming in the grip of tick fever

सावधान: टिक फीवर की चपेट में आ रहे पशु

Fri, 10 Jun 2022 08:21 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jun 2022 08:21 PM IST
विज्ञापन
Beware: Animals coming in the grip of tick fever
भीषण गर्मी के बीच पशुपालकों को अपने पशुओं को बचाना मुश्किल हो रहा है। पहले भीषण गर्मी तो अब टिक फीवर की चपेट में आकर पशु बीमार पड़ रहे हैं। समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण इस बीमारी से पशुओं की मौत भी हो सकती है। अबी तक रुड़की ब्लॉक में टिक फीवर से तीन पशुओं की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन

अक्सर पशुशाला में चींचड़ (पशुओं के बालों में लगने वाला कीट) पैदा हो जाता है। यह उनके शरीर से चिपककर खून चूसता रहता है। समय पर इलाज नहीं होने पर यह घातक साबित हो सकता है। अब गर्मी बढ़ती जा रही है तो चींचड़ का प्रकोप भी चरम पर है। चींचड़ के काटने से पशु टिक फीवर की चपेट में आ रहे हैं। ये फीवर इतनी तेज गति से चढ़ता है कि पशुपालक समझ भी नहीं पाते। हाल ही में रुड़की ब्लॉक के तीन पशु टिक फीवर की चपेट में आने से मर चुके हैं। पशु चिकित्सा अधिकारी उमेश भट्ट ने बताया कि इस समय पशुओं में सबसे ज्यादा टिक फीवर फैल रहा है। इस बीमारी से मुक्ति के लिए पशुओं के शरीर में होने वाली चींचड़ का इलाज करना जरूरी है।
विज्ञापन

वायरल फीवर भी नहीं छोड़ रहा पशुओं का पीछा
आमतौर पर पशुओं में वायरल फीवर की शिकायत जनवरी से मार्च के बीच रहती है। गर्मी बढ़ने के साथ ही ये फीवर खत्म हो जाता है लेकिन दो साल से वायरल फीवर की स्थिति बिगड़ती जा रही है। जहां शुरू में वायरल फीवर मार्च में खत्म हो जाता था, अब यह जून तक भी खत्म नहीं हो पा रहा है। आए दिन आठ से दस पशु वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं। इस स्थिति में भी पशुओं के मौत का खतरा बना रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जल्द लगेगी खुरपका और मुंहपका की वैक्सीन
रुड़की ब्लॉक स्थित पशु चिकित्सालय में पशुओं में होने वाली खुरपका और मुंहपका बीमारी के लिए वैक्सीन पहुंच चुकी है। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश भट्ट ने बताया कि दो दिन पहले खुरपका और मुंहपका बीमारी की वैक्सीन आ गई थी। अगले तीन से चार दिन में यह वैक्सीन पशुओं को लगानी शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए अभियान चलाकर घर जाकर टीका लगाया जाएगा ताकि बरसात से पहले ही पशुओं को इन दोनों बीमारियों से सुरक्षित किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed