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कर्मचारियों को मिले स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ

Fri, 26 Feb 2021 12:02 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 26 Feb 2021 12:02 AM IST
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'Benefits of health services to employees'
रुड़की। विभिन्न मांगों को लेकर मनरेगा कर्मचारी संगठन ने हड़ताल कर विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों को दरकिनार किया जा रहा है। कर्मचारियों को ईपीएफ, बीमा सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं दी जा रही है।
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बृहस्पतिवार को रुड़की ब्लॉक में मनरेगा कर्मचारी संगठन के कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल शुरू की। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन पर शोषण का आरोप लगाया। संगठन के अध्यक्ष सालिम ने कहा कि कर्मचारी करीब दस साल से विभागीय समायोजन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों को ग्राम्य विकास विभाग या पंचायती राज विभाग में समायोजित करने, ईपीएफ, बीमा और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं देने की मांग की। साथ ही कर्मचारियों को राज्य अंश ग्रेड-पे का निर्धारण करने हुए मानदेय देने, बिना भत्ते के ट्रांसफर किए गए कर्मचारियों को पुरानी जगह भेजने आदि की मांगें उठाईं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल की विपरीत परिस्थितियों में उन्होंने प्रवासी मजदूरों को मनरेगा में काम दिया। उनसे नियमित कर्मचारियों से भी ज्यादा काम लिया गया। मनरेगा की महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने का काम किया। बावजूद इसके सरकार उनकी मांगों को दरकिनार कर रही है। धरने पर सलीम, सबनूर अली, जगमाल, दिक्षीत कुमार, सुमित कुमार, रविंद्र, सुशील कुमार, अजय मिश्रा मौजूद रहे।
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लंबित मांगों के लिए कार्य बहिष्कार
भगवानपुर। विभागीय समायोजन समेत अन्य लंबित मांगों को लेकर मनरेगा कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को कार्य बहिष्कार किया। साथ ही आरोप लगाया कि कर्मचारियों को गुमराह किया जा रहा है। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि वह आठ से दस वर्षों से विभागीय समायोजन की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। इससे कर्मचारियों में रोष है। आरोप लगाया कि उन्हें गुमराह किया जा रहा है। इसके चलते उन्हें कार्य बहिष्कार करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने मनरेगा जेई, कंप्यूटर ऑपरेटर, ग्राम रोजगार सहायक, प्रोग्रामर सहित मनरेगा कर्मचारियों को ग्राम विकास विभाग या पंचायती राज विभाग में समायोजित करने की मांग की। इस दौरान अमृत राठी, दीपचंद, मनोज कुमार त्यागी, सचिन कुमार मौजूद रहे।
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