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मुख्यमंत्री की सभा में पहुंचकर दुकानों की चाबी सौंपेगे गुड़ व्यापारी
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मंडी शुल्क घटाने की मांग को लेकर गुड़ व्यापारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर विचार नहीं किया गया तो दो जनवरी को झबरेड़ा में आ रहे मुख्यमंत्री को सभी व्यापारी अपनी दुकानों की चाभियां सौंपेंगे और इसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
शुक्रवार को दूसरे दिन भी गुड़ मंडी में व्यापारियों की हड़ताल जारी रही। व्यापारियों की मांग है कि प्रदेश सरकार बढ़ाए गए मंडी शुल्क को घटाकर पूर्व की तरह करे या या मंडी शुल्क को अन्य प्रदेशों की तरह शून्य कर दिया जाए। व्यापार मंडल के पदाधिकारी सुधीर बंसल, पुनीत पाहुजा और नसीम मलिक ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दो जनवरी को झबरेड़ा विधानसभा में जनसभा है। अगर मांग नहीं मानी गई तो सभा में पहुंचकर क्षेत्र के सभी गुड़ व्यापारी अपनी दुकानों की चाभियां मुख्यमंत्री को सौंपकर विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि व्यापारिक तब तक हड़ताल वापस नहीं लेंगे, जब तक मंडी शुल्क घटाकर एक फीसदी नहीं किया जाता।
दो जनवरी के बाद आंदोलन में आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। यदि सरकार ने मांग नहीं मानी तो व्यापारी उग्र आंदोलन को भी बाध्य होंगे। वहीं, कारोबार ठप होने से मंडी परिसर में गुड़ लेकर पहुंचने वाले किसानों को मायूस लौटना पड़ रहा है। कोल्हू स्वामी अपने गुड़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश या प्रदेश की अन्य मंडियों में बेचने को मजबूर हैं। धरना देने वालों में व्यापार मंडल के अध्यक्ष जुगमिंदर सिंघल, महेंद्र बंसल, रजनीश अरोड़ा, दिलशाद अंसारी, संजय कुमार, विवेक भाटिया, सचिन मदान, मुकर्रम अली व पुनीत पाहुजा आदि शामिल रहे।
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शुक्रवार को दूसरे दिन भी गुड़ मंडी में व्यापारियों की हड़ताल जारी रही। व्यापारियों की मांग है कि प्रदेश सरकार बढ़ाए गए मंडी शुल्क को घटाकर पूर्व की तरह करे या या मंडी शुल्क को अन्य प्रदेशों की तरह शून्य कर दिया जाए। व्यापार मंडल के पदाधिकारी सुधीर बंसल, पुनीत पाहुजा और नसीम मलिक ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दो जनवरी को झबरेड़ा विधानसभा में जनसभा है। अगर मांग नहीं मानी गई तो सभा में पहुंचकर क्षेत्र के सभी गुड़ व्यापारी अपनी दुकानों की चाभियां मुख्यमंत्री को सौंपकर विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि व्यापारिक तब तक हड़ताल वापस नहीं लेंगे, जब तक मंडी शुल्क घटाकर एक फीसदी नहीं किया जाता।
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दो जनवरी के बाद आंदोलन में आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। यदि सरकार ने मांग नहीं मानी तो व्यापारी उग्र आंदोलन को भी बाध्य होंगे। वहीं, कारोबार ठप होने से मंडी परिसर में गुड़ लेकर पहुंचने वाले किसानों को मायूस लौटना पड़ रहा है। कोल्हू स्वामी अपने गुड़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश या प्रदेश की अन्य मंडियों में बेचने को मजबूर हैं। धरना देने वालों में व्यापार मंडल के अध्यक्ष जुगमिंदर सिंघल, महेंद्र बंसल, रजनीश अरोड़ा, दिलशाद अंसारी, संजय कुमार, विवेक भाटिया, सचिन मदान, मुकर्रम अली व पुनीत पाहुजा आदि शामिल रहे।
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