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तारों का जाल बना लोगों के जी का जंजाल क

Tue, 23 Mar 2021 12:26 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 23 Mar 2021 12:26 AM IST
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A wire of wire became a web of living for the people
रुड़की। ऊर्जा निगम की हीलाहवाली के चलते शहर की कई कॉलोनियों की गलियों और सड़कों पर तारों का जाल बिछा पड़ा है। हल्की हवा चलने से भी तार आपस में टकरा जाते हैं और शॉर्ट सर्किट हो जाता है। कई गलियों में अभी तक खंभे तक नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में लोगों को बल्लियों के सहारे ही कनेक्शन दिए गए हैं।
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ऊर्जा निगम सुविधाएं देने में कोताही बरत रहा है। शहरी क्षेत्र में कई कृष्णानगर, आजादनगर, दुर्गा कॉलोनी, सती मोहल्ला, शिवपुरम, गांधीनगर, गंगोत्री धाम, सैनीपुरम आदि कॉलोनियां में अभी तक बिजली की लाइन नहीं है। ऐसे में बल्लियों और लोहे के पाइपों के जरिए घरों तक बिजली के केबल लगाए गए हैं। इसके अलावा खंभों पर तारों का जाल फैला है। यहां पर आए दिन बिजली के तारों का आपस में मिलकर फाल्ट हो जाता है। इससे घरों की बिजली गुल होने की समस्या आम है। आजादनगर और सती मोहल्लों में तार नीचे तक लटके हैं। ऐेसे में गलियों से बड़े वाहन निकालने में खतरा बना रहता है।
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घरों की छत से गुजर रहे तार
शहर के कई इलाके ऐसे हैं जहां पर बिजली की हाईटेंशन लाइन लोगों के घरों की छतों से गुजर रही है। ये लोग लाइन शिफ्ट करवाने के लिए ऊर्जा निगम के दफ्तरों के चक्कर काटकर थक चुके हैं, लेकिन लाइन शिफ्ट नहीं हो रही है। कई बार छतों पर टहलते हुए और कपड़े सुखाते वक्त करंट लगने की घटनाएं भी हो चुकी हैं।
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योजनाएं से भी राहत नहीं
ऊर्जा निगम ने शहर को तारों के जंजाल से छुटकारा पाने के लिए एरियर बंच कंडक्टर (एबीसी) योजना शुरू की थी। उपभोक्ताओं का आरोप है कि इस योजना के तहत शहर के हाईवे और बड़ी कॉलोनियों में तार बदले जा रहे हैं, लेकिन इस योजना की सबसे ज्यादा जरूरत शहर की छोटी गलियों में है। यहां गलियों में एक खंभे पर 10 से 15 लोगों के कनेक्शन हैं। एबीसी योजना शुरू होने से यहां पर लोगों को तारों के जाल से छुटकारा मिल जाएगा।

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शहर की उन कॉलोनियों को चिह्नित किया जा रहा है। जहां पर बिजली के खंभे लगाए जाने हैं। साथ ही जहां पर तारों का जाल बिछा हुआ है वहां भी एबीसी केबल डाले जाएंगे।
- वीके सिंह, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम
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