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अकोढा कला के मुख्य द्वार पर ही गंदगी के ढेर

Mon, 21 Feb 2022 10:23 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 21 Feb 2022 10:23 PM IST
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A pile of dirt at the main gate of Akodha Kalan
लक्सर स्थित अकोढ़ा कला गांव में सड़क पर फैला गंदा पानी। - फोटो : ROORKEE
तहसील क्षेत्र के अकोढ़ा कलां गांव के मुख्य द्वार पर ही गंदगी पसरी हुई है। द्वार पर बना यात्री शेड भी टूटा पड़ा है। सरकारी स्कूल की दीवार के पास कूड़ा डाला जाता है। वहीं, गांव में अधिकतर सड़कें बदहाल पड़ी हैं।
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अकोढ़ा कलां गांव इस समय मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। यहां सड़क, पानी निकासी और नालियों जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। गांव के अंदर जाने वाली सड़क इतनी खस्ताहाल है कि वाहन चलाना भी मुश्किल है। चार पहिया वाहन यहां प्रतिदिन सड़कों पर बने गहरे गड्ढों में फंस जाते हैं। बरसात के दिनों में सड़क और भी बदहाल हो जाती है। बारिश में जलभराव की वजह से सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। इसकी वजह से कई वाहन सवार गड्ढे में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। हालांकि, पूर्व प्रधान ने काफी सुधार होने के दावे किए हैं, लेकिन स्वच्छता अभियान और सड़क जैसी सुविधाओं को देखते हुए ये गांव काफी पिछड़ा हुआ है।
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गांव का काफी विकास हुआ है, लेकिन सड़क की समस्या जरूर है। मुख्य द्वार से गांव के अंदर आने वाली सड़क बदहाल है। सड़क पर चलना भी मुश्किल होता है। पानी निकासी नहीं होने के कारण सड़क पर दूषित पानी फैला है, जिससे निजात दिलाए जाने की आवश्यकता है।
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-नितिन कुमार
गंदगी आज भी स्वच्छता अभियान को मुंह चिढ़ा रही है। गांव के मुख्य द्वार पर ही सड़क के किनारे कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। सरकारी स्कूल के नजदीक भी स्थिति अच्छी नहीं है। इस पर विशेष अभियान चलाकर गांव के लोगों को स्वच्छता अभियान के प्रति जागरूक करना चाहिए।
-सुरेश पाल
गांव में सड़क बन जाए तो और अच्छा हो जाएगा। गांव के भीतर आने जाने वाली सड़क की दशा ठीक नहीं है। नालियां भी टूटी-फूटी पड़ी हैं। इस कारण घरों से निकलने वाला दूषित पानी सड़कों पर फैला रहता है। सड़क के साथ-साथ नालियां भी दुरुस्त कराने की आवश्यकता है।
-अरशद अहमद
चुनाव के दौरान प्रत्याशी गांव में विकास का दावा करते हैं, लेकिन जीतने के बाद हकीकत कुछ और होती है। प्रत्याशी जीतने के बाद गांव में घुसने की जहमत तक नहीं उठाते। इस कारण गांव का विकास नहीं हो पा रहा है। जो गांव का विकास करे, उसी को मतदान करना चाहिए।

-कुशल पाल
पांच वर्ष के कार्यकाल में गांव की सभी सड़कें और नालियों का निर्माण कराया था। सफाई भी नियमित होती थी, लेकिन एक वर्ष पूर्व प्रधान का कार्यकाल खत्म हो गया था। गांव के बाहर कई बार लोगों को कूड़ा डालने से मना किया गया, लेकिन ग्रामीण इससे बाज नहीं आते।
-आमना बेगम, पूर्व प्रधान, अकोढ़ा कला
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