तहसील प्रशासन की टीम ने रविवार को नैनीताल उच्च न्यायालय के आदेश के बाद केवलपुरी गांव के जंगल में चंदाताल की लगभग 73 बीघा भूमि से कब्जा हटाया। इस भूमि पर लोगों ने गन्ने की लाखों रुपए कीमत की फसल उगाई थी। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध भी किया। लेकिन, भारी पुलिस बल के चलते किसी की न चली।
निरंजनपुर पंचायत के केवलपुरी गांव के जंगल चंदाताल के नाम से 73 बीघा में तालाब था। लेकिन, दशकों पहले इस भूमि पर दर्जनभर लोगों ने अपना कब्जा कर खेती करते थे। निरंजनपुर गांव के विपिन सिंह ने कुछ दिनों पहले कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कब्जा हटाने के आदेश प्रशासन को दिए थे। लेकिन, प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की। विपिन ने दोबरा वाद दायर किया। इस पर संज्ञान लेते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने 24 घंटे के भीतर कब्जा हटाकर आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के आदेश जारी किए थे। इस पर एसडीएम पूरण सिंह राणा, तहसीलदार सुनैना राणा, कोतवाल वीरेंद्र सिंह नेगी, प्रशासनिक टीम प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। टीम ने जेसीबी और ट्रैक्टर से उक्त भूमि से फसल नष्टकर कब्जा हटाया। जानकारी होने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। उनका कहना था कि तहसील प्रशासन ने कार्रवाई से पहले नोटिस भी नहीं दिया। हंगामा होते देखकर अधिकारियों ने ग्रामीणों को वहां से हटाने के लिए पुलिस को निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से ग्रामीणों को हटाया। समाचार लिखे जाने तक जमीन को कब्जामुक्त करने की कार्रवाई की जा रही थी।