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अतिक्रमण के खिलाफ चला प्रशासन का डंडा
Updated Tue, 06 Feb 2018 12:17 AM IST
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रुड़की। शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए विगत दिनों जिलाधिकारी और एसएसपी की ओर से ली गई बैठक के बाद सोमवार को प्रशासन हरकत में आया। प्रशासनिक टीम ने ढंडेरा और रुड़की के सिविल लाइंस बाजार में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान अतिक्रमणकारियों में अफरातफरी की स्थिति रही।
एएसडीएम प्रेमलाल और पीडब्लूडी के अधिकारियों की ओर से ढंडेरा में नालों के ऊपर किए गए स्थाई अतिक्रमण को बुलडोजर से हटाया गया। साथ ही चौक नालों को जेसीबी से साफ कराया। यहां नाला चौक होने से करीब एक माह से जलभराव होने से लोगों को भारी परेशानी हो रही थी। स्थिति यह थी कि ढंडेरा फाटक से निकलते ही सड़क तालाब बन गई थी। इसमें कई वाहन चालक गिरकर चोटिल हो चुके हैं। उधर, रुड़की में तहसीलदार मनजीत सिंह व नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट की अगुवाई में सिविल लाइंस स्थित बाजार में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान प्रशासनिक टीम ने सिविल लाइंस स्थित चंद्रशेखर चौक से रुड़की टॉकीज तक और मलकपुर चुंगी पर सड़क किनारे अतिक्रमण हटवाया। साथ ही सड़कों पर खड़े वाहनों के चालान काटे। दुकानों के बाहर लगाए सामान को जब्त किया। तहसीलदार मंजीत सिंह ने बताया कि अस्थाई अतिक्रमण हटा दिया है। स्थाई अतिक्रमण चिह्नित कर दुकानदारों को खुद इसे हटाने के लिए बुधवार तक का समय दिया गया है।
इनसेट
इसलिए तालाब बन गई थी ढंडेरा की सड़क
- एक माह से ढंडेरा फाटक के पास करीब 300 मीटर का टुकड़ा इसलिए तालाब में तब्दील हो गया था क्योंकि यहां सड़क किनारे बने नालों के पानी की निकासी नहीं हो रही थी। एएसडीएम प्रेमलाल ने बताया कि कई जगह नाला चौक होने से पानी विपरीत दिशा में बहकर सड़क पर जमा हो गया था। फिलहाल नालों से अतिक्रमण हटा दिया है। साथ ही इसकी सफाई भी करवा दी गई है, लेकिन अब भी सबसे बड़ी समस्या यह है कि नगला इमरती गांव से आगे पानी की निकासी नहीं है। फिलहाल यह पानी खेतों में समा रहा है, लेकिन यह इसका स्थाई समाधान नहीं है। इसके समाधान के लिए विधायक की ओर से शासन को कई बार प्रस्ताव भी भेजे, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
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इनसेट
पंप लगाकर जमा पानी निकाला
ढंडेरा में रेलवे फाटक के पास करीब एक माह से तालाब बनी सड़क की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन को मोटर पंप का इस्तेमाल करना पड़ा। एएसडीएम प्रेमलाल ने बताया कि मोटर लगाकर सड़क पर जमा पानी को मशक्कत के बाद निकाला गया। यहां सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है, इसके लिए जल्द पीडब्लूडी के अधिकारियों को इसे दुुरुस्त करने को निर्देशित किया जाएगा।
इनसेट
मेन बाजार में हटे अतिक्रमण तो बने बात
रुड़की। प्रशासन की ओर से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तो शुरू कर दी है, लेकिन अब भी बड़ी कार्रवाई की जरूरत है। प्रशासन का अभियान अभी तक महज सिविल लाइंस तक सीमित है। विगत 20 दिन में प्रशासन की ओर से शहर में तीन बार अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया, लेकिन हर बार सिविल लाइंस में अतिक्रमण पर कार्रवाई की गई। ऐसे में यह सवाल बार-बार उठ रहा है कि प्रशासन सिविल लाइंस से बाहर अतिक्रमण हटाने के लिए कब पहुंचेगा। जबकि स्थिति यह है कि सिविल लाइंस के अलावा शहर में ज्यादा समस्या भीड़भाड़ भरे बाजारों में है, लेकिन अभी वहां कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शहर के मुख्य बाजार, बीटी गंज बाजार, रामनगर, मलकपुर चुंगी आदि बाजारों में दुकानदारों के अतिक्रमण के चलते भारी जाम की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में यदि प्रशासन इन बाजारों में अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं करता तो अतिक्रमण हटाओ अभियान महज दिखावा बनकर रह जाएगा।
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एएसडीएम प्रेमलाल और पीडब्लूडी के अधिकारियों की ओर से ढंडेरा में नालों के ऊपर किए गए स्थाई अतिक्रमण को बुलडोजर से हटाया गया। साथ ही चौक नालों को जेसीबी से साफ कराया। यहां नाला चौक होने से करीब एक माह से जलभराव होने से लोगों को भारी परेशानी हो रही थी। स्थिति यह थी कि ढंडेरा फाटक से निकलते ही सड़क तालाब बन गई थी। इसमें कई वाहन चालक गिरकर चोटिल हो चुके हैं। उधर, रुड़की में तहसीलदार मनजीत सिंह व नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट की अगुवाई में सिविल लाइंस स्थित बाजार में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान प्रशासनिक टीम ने सिविल लाइंस स्थित चंद्रशेखर चौक से रुड़की टॉकीज तक और मलकपुर चुंगी पर सड़क किनारे अतिक्रमण हटवाया। साथ ही सड़कों पर खड़े वाहनों के चालान काटे। दुकानों के बाहर लगाए सामान को जब्त किया। तहसीलदार मंजीत सिंह ने बताया कि अस्थाई अतिक्रमण हटा दिया है। स्थाई अतिक्रमण चिह्नित कर दुकानदारों को खुद इसे हटाने के लिए बुधवार तक का समय दिया गया है।
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इसलिए तालाब बन गई थी ढंडेरा की सड़क
- एक माह से ढंडेरा फाटक के पास करीब 300 मीटर का टुकड़ा इसलिए तालाब में तब्दील हो गया था क्योंकि यहां सड़क किनारे बने नालों के पानी की निकासी नहीं हो रही थी। एएसडीएम प्रेमलाल ने बताया कि कई जगह नाला चौक होने से पानी विपरीत दिशा में बहकर सड़क पर जमा हो गया था। फिलहाल नालों से अतिक्रमण हटा दिया है। साथ ही इसकी सफाई भी करवा दी गई है, लेकिन अब भी सबसे बड़ी समस्या यह है कि नगला इमरती गांव से आगे पानी की निकासी नहीं है। फिलहाल यह पानी खेतों में समा रहा है, लेकिन यह इसका स्थाई समाधान नहीं है। इसके समाधान के लिए विधायक की ओर से शासन को कई बार प्रस्ताव भी भेजे, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
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पंप लगाकर जमा पानी निकाला
ढंडेरा में रेलवे फाटक के पास करीब एक माह से तालाब बनी सड़क की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन को मोटर पंप का इस्तेमाल करना पड़ा। एएसडीएम प्रेमलाल ने बताया कि मोटर लगाकर सड़क पर जमा पानी को मशक्कत के बाद निकाला गया। यहां सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है, इसके लिए जल्द पीडब्लूडी के अधिकारियों को इसे दुुरुस्त करने को निर्देशित किया जाएगा।
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मेन बाजार में हटे अतिक्रमण तो बने बात
रुड़की। प्रशासन की ओर से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तो शुरू कर दी है, लेकिन अब भी बड़ी कार्रवाई की जरूरत है। प्रशासन का अभियान अभी तक महज सिविल लाइंस तक सीमित है। विगत 20 दिन में प्रशासन की ओर से शहर में तीन बार अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया, लेकिन हर बार सिविल लाइंस में अतिक्रमण पर कार्रवाई की गई। ऐसे में यह सवाल बार-बार उठ रहा है कि प्रशासन सिविल लाइंस से बाहर अतिक्रमण हटाने के लिए कब पहुंचेगा। जबकि स्थिति यह है कि सिविल लाइंस के अलावा शहर में ज्यादा समस्या भीड़भाड़ भरे बाजारों में है, लेकिन अभी वहां कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शहर के मुख्य बाजार, बीटी गंज बाजार, रामनगर, मलकपुर चुंगी आदि बाजारों में दुकानदारों के अतिक्रमण के चलते भारी जाम की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में यदि प्रशासन इन बाजारों में अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं करता तो अतिक्रमण हटाओ अभियान महज दिखावा बनकर रह जाएगा।