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बंपर पैदावार व रिकवरी से फंसा किसानों का भुगतान
Updated Sun, 22 Apr 2018 12:12 AM IST
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रुड़की। इस वर्ष प्रदेश की सभी चीनी मिलों में बंपर पैदावार और अधिक रिकवरी हुई है। प्रदेश की सभी शुगर मिलों में पांच अप्रैल तक पिछले साल के मुकाबले 62 लाख कुंतल अधिक गन्ने की पेराई हो चुकी है, वहीं रिकवरी भी अधिक हुई है। अधिक उत्पादन के कारण चीनी के दाम एकदम से धड़ाम हो गए हैं। अब शुगर मिलें गिरते दाम का हवाला देते हुए भुगतान का रोना-रो रहीं हैं।
जिले की तीनों शुगर मिलों के साथ ही प्रदेश की सभी सातों शुगर मिलों के क्षेत्रों में इस बार गन्ने का बंपर उत्पादन हुआ साथ ही रिकवरी भी विगत सत्र की अपेक्षा अच्छी रही है। पहले की अपेक्षा 10-10 प्रतिशत अधिक रिकवरी हुई है, लेकिन अधिक गन्ना उत्पादन और बंपर रिकवरी ने ही अब किसानों को परेशानी में डाल दिया है। अधिक उत्पादन और रिकवरी के कारण चीनी का उत्पादन अधिक हो रहा है। जिससे चीनी का मूल्य पूरी तरह धड़ाम हो गया है । अब एक बार फिर किसानों की मुश्किल बढ़ने वाली है। शुगर मिलों का दावा है कि चीनी के दाम कम होने के कारण वह भुगतान करने में असमर्थ है। चीनी का मूल्य जहां दिसंबर माह में चार हजार से अधिक था, वहीं अब घटते हुए 2900 रुपए कुंतल हो गया है। जिससे शुगर मिलों की बेचैनी बढ़ी हुई है। दूसरी ओर भुगतान की स्थिति पर नजर डाले तो तीनों शुगर मिलों पर करीब 440 करोड़ का भुगतान बकाया है, हालाकि शुगर मिल धीरे-धीरे भुगतान कर रही है, लेकिन भुगतान की धीमी गति बहुत धीमी है।
चीनी के दामों में भारी गिरावट आई है। दिसंबर में चार हजार से अधिक का दाम होने के बाद अब 2900 रुपये कुंतल है। शुगर मिलें भुगतान का रोना रो रहीं है।
आशीष नेगी, डीसीओ
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प्रदेश की शुगरमिलों की गन्ना खरीद की स्थिति (आंकड़े लाख कुंतल में)
क्रमांक शुगरमिल 2016-17 2017-18
1. बाजपुर 21.41 35.55
2. नांदेही 25.09 29.57
3. किच्छा 32.47 42.50
4. डोईवाला 26.30 27.23
5. लिब्बरहेड़ी 63.44 74.24
6. इकबालपुर 55.92 65.38
7. लक्सर 92.03 104.45
(नोट- यह आंकड़े पांच अप्रैल के है)
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रिकवरी के आंकड़े पांच अप्रैल तक प्रतिशत में-
क्रमांक शुगरमिल 2016-17 2017-18
1. बाजपुर 9.53 प्रतिशत 9.66 प्रतिशत
2. नांदेही 10.20 10.32
3. किच्छा 9.93 10.17
4. डोईवाला 9.38 9.32
5. लिब्बरहेड़ी 10.50 10.95
6. इकबालपुर 9.86 10.35
7. लक्सर 9.56 9.89
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सरकार की रणनीति भी नहीं पहुंचा सकी कोई राहत-
डीसीओ आशीष नेगी ने बताया कि चीनी के गिरते दामों को लेकर केंद्र सरकार ने फरवरी माह के अंत में एक आदेश जारी किया था कि शुगर मिल अपनी मनमर्जी से चीनी की बिक्री नहीं कर पाएगी। क्योंकि बाजार में चीनी की उपलब्धता अधिक होने के कारण दाम गिर रहे थे। जिससे चलते मार्च माह में 16 प्रतिशत और अप्रैल माह में 17 प्रतिशत ही चीनी की बिक्री शुगर मिल कर सकेंगी ताकि बाजार में अधिक चीनी न पहुंचे और दाम का संतुलन बना रहे, लेकिन केंद्र सरकार का यह फैसला भी कोई राहत नहीं दे सका और दामों में लगातार गिरावट आ रही है।
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जिले की तीनों शुगर मिलों के साथ ही प्रदेश की सभी सातों शुगर मिलों के क्षेत्रों में इस बार गन्ने का बंपर उत्पादन हुआ साथ ही रिकवरी भी विगत सत्र की अपेक्षा अच्छी रही है। पहले की अपेक्षा 10-10 प्रतिशत अधिक रिकवरी हुई है, लेकिन अधिक गन्ना उत्पादन और बंपर रिकवरी ने ही अब किसानों को परेशानी में डाल दिया है। अधिक उत्पादन और रिकवरी के कारण चीनी का उत्पादन अधिक हो रहा है। जिससे चीनी का मूल्य पूरी तरह धड़ाम हो गया है । अब एक बार फिर किसानों की मुश्किल बढ़ने वाली है। शुगर मिलों का दावा है कि चीनी के दाम कम होने के कारण वह भुगतान करने में असमर्थ है। चीनी का मूल्य जहां दिसंबर माह में चार हजार से अधिक था, वहीं अब घटते हुए 2900 रुपए कुंतल हो गया है। जिससे शुगर मिलों की बेचैनी बढ़ी हुई है। दूसरी ओर भुगतान की स्थिति पर नजर डाले तो तीनों शुगर मिलों पर करीब 440 करोड़ का भुगतान बकाया है, हालाकि शुगर मिल धीरे-धीरे भुगतान कर रही है, लेकिन भुगतान की धीमी गति बहुत धीमी है।
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चीनी के दामों में भारी गिरावट आई है। दिसंबर में चार हजार से अधिक का दाम होने के बाद अब 2900 रुपये कुंतल है। शुगर मिलें भुगतान का रोना रो रहीं है।
आशीष नेगी, डीसीओ
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प्रदेश की शुगरमिलों की गन्ना खरीद की स्थिति (आंकड़े लाख कुंतल में)
क्रमांक शुगरमिल 2016-17 2017-18
1. बाजपुर 21.41 35.55
2. नांदेही 25.09 29.57
3. किच्छा 32.47 42.50
4. डोईवाला 26.30 27.23
5. लिब्बरहेड़ी 63.44 74.24
6. इकबालपुर 55.92 65.38
7. लक्सर 92.03 104.45
(नोट- यह आंकड़े पांच अप्रैल के है)
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रिकवरी के आंकड़े पांच अप्रैल तक प्रतिशत में-
क्रमांक शुगरमिल 2016-17 2017-18
1. बाजपुर 9.53 प्रतिशत 9.66 प्रतिशत
2. नांदेही 10.20 10.32
3. किच्छा 9.93 10.17
4. डोईवाला 9.38 9.32
5. लिब्बरहेड़ी 10.50 10.95
6. इकबालपुर 9.86 10.35
7. लक्सर 9.56 9.89
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सरकार की रणनीति भी नहीं पहुंचा सकी कोई राहत-
डीसीओ आशीष नेगी ने बताया कि चीनी के गिरते दामों को लेकर केंद्र सरकार ने फरवरी माह के अंत में एक आदेश जारी किया था कि शुगर मिल अपनी मनमर्जी से चीनी की बिक्री नहीं कर पाएगी। क्योंकि बाजार में चीनी की उपलब्धता अधिक होने के कारण दाम गिर रहे थे। जिससे चलते मार्च माह में 16 प्रतिशत और अप्रैल माह में 17 प्रतिशत ही चीनी की बिक्री शुगर मिल कर सकेंगी ताकि बाजार में अधिक चीनी न पहुंचे और दाम का संतुलन बना रहे, लेकिन केंद्र सरकार का यह फैसला भी कोई राहत नहीं दे सका और दामों में लगातार गिरावट आ रही है।
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