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शराब कांड के पीड़ितों का आर्थिक और शैक्षिक ब्यौरा मांगा

Mon, 18 Feb 2019 11:59 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 18 Feb 2019 11:59 PM IST
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शराब कांड के पीड़ितों का आर्थिक और शैक्षिक ब्यौरा मांगा
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की। जहरीली शराब के चलते रुड़की और भगवानपुर तहसील के 13 गांवों में हुई मौत के मामले में अधिकारियों से मृतक के परिवारों की आर्थिक स्थिति और शैक्षिक योग्यता का ब्योरा मांगा गया है। जांच समिति ने रुड़की और भगवानपुर तहसील के अधिकारियों को मंगलवार सुबह तक रिपोर्ट दिए जाने के आदेश दिए हैं। माना जा रहा है कि विधानसभा समिति जिन मृतक आश्रितों के सामने कमाने और खाने का संकट पैदा हो गया है, ऐसे परिवारों को मुआवजे से अलग संविदा पर नौकरी आदि की व्यवस्था करने की सिफारिश प्रदेश सरकार से करेगी।
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गौरतलब है कि जहरीली शराब के सेवन से हुई 41 मौतों के मामला विधानसभा में उठने के बाद विधायकों की सात सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। समिति के सभापति एवं राजपुर रोड देहरादून के विधायक खजानदास समेत झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल, भगवानपुर विधायक ममता राकेश, ज्वालपुर विधायक सुरेश राठौर, पौड़ी विधायक मुकेश कोली, घनसाली विधायक शक्तिलाल शाह तथा पुरोला विधायक राजकुमार रविवार को 13 गांवों के पीड़ित परिवारों के घर पहुंचे थे। इस दौरान अधिकतर पीड़ितों ने बताया कि उनके घर में हुई मौत के चलते कमाने खाने का जरिया भी समाप्त हो गया है। साथ ही आर्थिक स्थिति भी दयनीय है। ऐसे में यह सामने आया था कि महज मुआवजा ही इन पीड़ित परिवारों की तकलीफें दूर नहीं कर सकता। समिति सभापति खजानदास ने भी कहा था कि कई परिवार ऐसे हैं जिनके यहां इकलौते बेटे की मौत हुई है। साथ ही लोगों के पास रहने खाने के उचित संसाधन भी नहीं हैं। सोमवार को समिति ने हरिद्वार में पुलिस प्रशासन और आबकारी अधिकारियों के साथ बैठक की। सूत्रों के अनुसार अधिकारियों ने यह माना है कि पूर्व में शराब की बिक्री को लेकर चूक हुई है। वहीं विधानसभा समिति अब पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिलाए जाने के साथ ही उन्हें आर्थिक स्तर पर मजबूत बनाए जाने के लिए भी सरकार को सुझाव देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए समिति ने रुड़की और भगवानपुर एसडीएम से मंगलवार की सुबह तक सभी 41 परिवारों की आर्थिक स्थिति और शैक्षिक योग्यता का ब्योरा मांगा है। रुड़की एएसडीएम रविंद्र बिष्ट ने बताया कि जांच समिति ने रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट तैयार की जा रही है। मंगलवार सुबह को यह रिपोर्ट समिति को सौंप दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जहरीली शराब कांड में रुड़की तहसील में भी सात लोगों की मौत हो चुकी है।
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जनप्रतिनिधियों की समिति से पीड़ितों की बंधी उम्मीदें
जहरीली शराब के मामले में प्रदेश सरकार की ओर से जहां आईजी अजय रौतेला के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। वहीं एसएसपी जन्मेजय खंडूडी के सुपरविजन में भी एसआईटी गठित की हुई है। इसके अलावा डीएम दीपक रावत की ओर से मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए गए हैं। इन तीनों समितियों की ओर से अपने-अपने स्तर पर जांच की जा रही हैं, लेकिन विधानसभा की ओर से विधायकों की जो जांच समिति गठित की गई, उससे निष्पक्ष जांच के साथ ही जमीनी स्तर पर भी समाधान की उम्मीद जगी है। ग्रामीणों का कहना है कि चूंकि जनप्रतिनिधि सीधे जनता से जुड़े होते हैं, ऐसे में निष्पक्ष जांच के साथ ही पीड़ितों की मदद के लिए ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
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