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महाअभियान में 2109 लोगों का हुआ टीकाकरण
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स्वास्थ्य विभाग के टीकाकरण महाअभियान के पहले दिन शहर में खोले गए 41 केंद्रों पर 2109 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। हालांकि पहले दिन दिए गए टारगेट के अनुसार आधे से भी कम लोगों को वैक्सीन लग पाई। अब तीन दिन तक चलने वाले अभियान में विभाग टारगेट पूरा करने का प्रयास करेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार से तीन दिन का महाअभियान शुरू किया। इसके तहत रुड़की शहर क्षेत्र में एक दिन में पांच हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शहर के विभिन्न इलाकों में 41 टीकाकरण केंद्र खोले गए थे। सुबह दस बजे से ही अभियान शुरू कर दिया गया था। इसके लिए लोगों को दूसरी डोज लगवाने के लिए टीम ने फोन किए। सेशन साइट व्यवस्थापक रामकेश गुप्ता ने बताया कि महाअभियान में पहले दिन 2109 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। इसमें अधिकतर दूसरी डोज वाले लोग थे। जबकि पहली डोज लगवाने वाले लोग बेहद कम हैं। ऐसे में दूसरी डोज लगवाने वाले लोगों को लगातार संपर्क कर टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पहले दिन लक्ष्य के मुताबिक कम लोगों को टीका लग पाया। इसका मुख्य कारण स्टाफ की कमी था। ऐसे में बीएएमएस और नर्सिंग छात्रों की मदद ली जा रही है। इसके अलावा प्रधानमंत्री कौशल प्रशिक्षण केंद्र से भी छात्र-छात्राओं को बुलाकर उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद इन छात्रों को टीम के साथ भेजकर टीकाकरण अभियान में मदद ली जाएगी।
अमित सैनी
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स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार से तीन दिन का महाअभियान शुरू किया। इसके तहत रुड़की शहर क्षेत्र में एक दिन में पांच हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शहर के विभिन्न इलाकों में 41 टीकाकरण केंद्र खोले गए थे। सुबह दस बजे से ही अभियान शुरू कर दिया गया था। इसके लिए लोगों को दूसरी डोज लगवाने के लिए टीम ने फोन किए। सेशन साइट व्यवस्थापक रामकेश गुप्ता ने बताया कि महाअभियान में पहले दिन 2109 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। इसमें अधिकतर दूसरी डोज वाले लोग थे। जबकि पहली डोज लगवाने वाले लोग बेहद कम हैं। ऐसे में दूसरी डोज लगवाने वाले लोगों को लगातार संपर्क कर टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पहले दिन लक्ष्य के मुताबिक कम लोगों को टीका लग पाया। इसका मुख्य कारण स्टाफ की कमी था। ऐसे में बीएएमएस और नर्सिंग छात्रों की मदद ली जा रही है। इसके अलावा प्रधानमंत्री कौशल प्रशिक्षण केंद्र से भी छात्र-छात्राओं को बुलाकर उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद इन छात्रों को टीम के साथ भेजकर टीकाकरण अभियान में मदद ली जाएगी।
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अमित सैनी