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फीस वृद्धि के खिलाफ फूटा अभिभावकों का गुस्सा
Updated Mon, 16 Apr 2018 12:04 AM IST
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रुड़की। आनंदस्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर में फीस वृद्धि पर अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। मामला बढ़ता देख प्रधानाचार्य ने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि वह उनकी मांगों को विद्यालय प्रबंधन के सामने रखेंगे। उसके बाद अभिभावकों ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों की और प्रबंधन को चेतावनी देकर लौट गए।
रविवार को सैकड़ों अभिभावक विद्यालय पहुंचे और प्रबंधन पर मनमानी तरीके से फीस बढ़ाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। इस संबंध में प्रधानाचार्य राजीव गुप्ता ने अभिभावकों को बताया कि नियमानुसार 15 प्रतिशत फीस बढ़ाई गई है, लेकिन अभिभावक ने इसे खारिज करते हुए इससे कहीं ज्यादा फीस बढ़ाने का आरोप लगाया। इस दौरान अभिभावकों ने प्रबंधन से मांग की कि बढ़ी हुई फीस वापस ली जाए। वार्षिक चार्ज समाप्त किया जाए। अभिभावकों ने एक अभिभावक के तीन बच्चों में से एक की फीस माफ करने की बात भी रखी। प्रधानाचार्य राजीव गुप्ता ने अभिभावकों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को वह प्रबंधन समिति की बैठक में रखेंगे। इसके बाद अभिभावक शांत हुए और चेतावनी दी यदि जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं किया तो अगले रविवार को वह फिर अपनी मांगों को विद्यालय आएंगे। इस दौरान अभिभावकों ने जिलाधिकारी दीपक रावत, जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी रुपेंद्र दत्त शर्मा, डीओ माध्यमिक मेहरबान सिंह बिष्ट, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और खंड शिक्षा अधिकारी नारसन से फीस बढ़ाने की लिखित शिकायत की। मौके पर डिंपल, अनिल, सतेंद्र, धनश्याम, विजय, मुकेश, नीरज, योगेश, विनोद, पप्पू शर्मा, सुभाष, योगराज, सतेंद्र, चंद्रवीर, हरिमोहन, सुधीर कुमार, दीपक, संदीप, महेंद्र, प्रभाकर, अशोक शर्मा, मनवीर, राजेश, लाल सिंह, अशोक शर्मा एवं प्रदीप आदि अभिभावक मौजूद रहे।
स्कूलों ने शुरू की पैंतरेबाजी
रुड़की। अभिभावकों का आरोप था कि सरकार ने एनसीईआरटी की पुस्तकों को लागू कर स्कूलों का मोटा कमीशन समाप्त कर दिया है। इससे अब निजी और अन्य संस्थाओं के स्कूल अपना घाटा पूरा करने के लिए नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने से जो नुकसान हुआ है उसे पूरा करने के लिए स्कूल फीस बढ़ा रहे हैं।
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विद्यालय की फीस मनमाने तरीके से नहीं बढ़ाई गई है। 15 प्रतिशत फीस वृद्धि की गई है। इस पर अभिभावक आपत्ति कर रहे हैं। अभिभावकों की मांगों को विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक में रखा जाएगा।
-राजीव गुप्ता, प्रधानाचार्य, आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर।
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रविवार को सैकड़ों अभिभावक विद्यालय पहुंचे और प्रबंधन पर मनमानी तरीके से फीस बढ़ाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। इस संबंध में प्रधानाचार्य राजीव गुप्ता ने अभिभावकों को बताया कि नियमानुसार 15 प्रतिशत फीस बढ़ाई गई है, लेकिन अभिभावक ने इसे खारिज करते हुए इससे कहीं ज्यादा फीस बढ़ाने का आरोप लगाया। इस दौरान अभिभावकों ने प्रबंधन से मांग की कि बढ़ी हुई फीस वापस ली जाए। वार्षिक चार्ज समाप्त किया जाए। अभिभावकों ने एक अभिभावक के तीन बच्चों में से एक की फीस माफ करने की बात भी रखी। प्रधानाचार्य राजीव गुप्ता ने अभिभावकों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को वह प्रबंधन समिति की बैठक में रखेंगे। इसके बाद अभिभावक शांत हुए और चेतावनी दी यदि जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं किया तो अगले रविवार को वह फिर अपनी मांगों को विद्यालय आएंगे। इस दौरान अभिभावकों ने जिलाधिकारी दीपक रावत, जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी रुपेंद्र दत्त शर्मा, डीओ माध्यमिक मेहरबान सिंह बिष्ट, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और खंड शिक्षा अधिकारी नारसन से फीस बढ़ाने की लिखित शिकायत की। मौके पर डिंपल, अनिल, सतेंद्र, धनश्याम, विजय, मुकेश, नीरज, योगेश, विनोद, पप्पू शर्मा, सुभाष, योगराज, सतेंद्र, चंद्रवीर, हरिमोहन, सुधीर कुमार, दीपक, संदीप, महेंद्र, प्रभाकर, अशोक शर्मा, मनवीर, राजेश, लाल सिंह, अशोक शर्मा एवं प्रदीप आदि अभिभावक मौजूद रहे।
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स्कूलों ने शुरू की पैंतरेबाजी
रुड़की। अभिभावकों का आरोप था कि सरकार ने एनसीईआरटी की पुस्तकों को लागू कर स्कूलों का मोटा कमीशन समाप्त कर दिया है। इससे अब निजी और अन्य संस्थाओं के स्कूल अपना घाटा पूरा करने के लिए नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने से जो नुकसान हुआ है उसे पूरा करने के लिए स्कूल फीस बढ़ा रहे हैं।
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विद्यालय की फीस मनमाने तरीके से नहीं बढ़ाई गई है। 15 प्रतिशत फीस वृद्धि की गई है। इस पर अभिभावक आपत्ति कर रहे हैं। अभिभावकों की मांगों को विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक में रखा जाएगा।
-राजीव गुप्ता, प्रधानाचार्य, आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर।