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ड्रोन की मदद से हर घर की होगी जीआईएस मैपिंग
Updated Wed, 28 Mar 2018 12:19 AM IST
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रुड़की। अब तहसील प्रशासन की तर्ज पर नगर निगम के पास भी अब हर घर का नक्शा होगा। ड्रोन की मदद से तैयार कराए जाने वाले जीआईएस मैपिंग आधारित नक्शे में हर घर की लोकेशन के साथ ही प्रापर्टी की पैमाइश और उससे संबंधित सभी जानकारियां उपलब्ध हो सकेंगी। इसके लिए नगर निगम की ओर से प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसे जल्द आयोजित होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
नगर निगम के पास उसके क्षेत्र में आने वाले घरों का मैनुअली रिकार्ड तो है, पर सभी घरों का एकीकृत नक्शा उपलब्ध नहीं है। अब नगर निगम ने इस दिशा में पहल शुरू कर दी है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने के बाद बोर्ड बैठक में पास कराने की तैयारी है। अप्रैल के प्रथम सप्ताह में प्रस्तावित बोर्ड बैठक में इसे पास कराया जाएगा। इसके तहत नगर निगम ड्रोन के जरिए शहर की जीआईएस मैपिंग कराएगा। इसमें शहर के करीब 40 हजार घरों को नक्शे में उतारा जाएगा। यही नहीं इंटरनेट पर भी लोग अपने घरों से संबंधित सभी जानकारियां हासिल कर सकेंगे। इसके साथ ही नगर निगम के अधिकारियों को भी प्रापर्टी संबंधित विवादों के निस्तारण और वार्डों में योजनाओं को क्रियान्वित करने में मदद मिलेगी। सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने बताया कि बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद इस काम को पूरा करने के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे।
पानी निकासी के लिए बनेगा टोपोग्राफिकल मैप
नगर निगम के पास पूरे शहर के किसी भी हिस्से में ढलान आदि का रिकार्ड नहीं है। जो भी नालियां बनाई जा रही हैं। उसका पानी कहीं भी जाकर जमा हो जाता है। साथ ही बरसात के दिनों में जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने बताया कि शहर में जमीनों के ढलान की जानकारी जुटाने के लिए टोपोग्राफिकल मैप तैयार कराने की योजना है। इसके आधार पानी की निकासी के लिए नालों के निर्माण की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसके संबंध में भी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा।
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नगर निगम के पास उसके क्षेत्र में आने वाले घरों का मैनुअली रिकार्ड तो है, पर सभी घरों का एकीकृत नक्शा उपलब्ध नहीं है। अब नगर निगम ने इस दिशा में पहल शुरू कर दी है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने के बाद बोर्ड बैठक में पास कराने की तैयारी है। अप्रैल के प्रथम सप्ताह में प्रस्तावित बोर्ड बैठक में इसे पास कराया जाएगा। इसके तहत नगर निगम ड्रोन के जरिए शहर की जीआईएस मैपिंग कराएगा। इसमें शहर के करीब 40 हजार घरों को नक्शे में उतारा जाएगा। यही नहीं इंटरनेट पर भी लोग अपने घरों से संबंधित सभी जानकारियां हासिल कर सकेंगे। इसके साथ ही नगर निगम के अधिकारियों को भी प्रापर्टी संबंधित विवादों के निस्तारण और वार्डों में योजनाओं को क्रियान्वित करने में मदद मिलेगी। सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने बताया कि बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद इस काम को पूरा करने के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे।
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पानी निकासी के लिए बनेगा टोपोग्राफिकल मैप
नगर निगम के पास पूरे शहर के किसी भी हिस्से में ढलान आदि का रिकार्ड नहीं है। जो भी नालियां बनाई जा रही हैं। उसका पानी कहीं भी जाकर जमा हो जाता है। साथ ही बरसात के दिनों में जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने बताया कि शहर में जमीनों के ढलान की जानकारी जुटाने के लिए टोपोग्राफिकल मैप तैयार कराने की योजना है। इसके आधार पानी की निकासी के लिए नालों के निर्माण की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसके संबंध में भी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा।
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