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बाहरी और स्थानीय गन्ने की पहचान में उलझा विभाग
Updated Sun, 14 Jan 2018 12:01 AM IST
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रुड़की। विभागीय अधिकारी बाहरी और स्थानीय गन्ने की पहचान नहीं कर पा रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि कुछ स्थानीय किसान ही बाहरी गन्ने को संरक्षण दे रहे हैं। अब विभाग, बाहरी गन्ने पर लगाम लगाने के लिए स्थानीय किसानों की मदद लेने पर विचार कर रहा हैं। विभागीय अधिकारी बाहरी गन्ने को संरक्षण देने वाले स्थानीय किसान के बेसिक कोटा को समाप्त करने की चेतावनी दे रहे है।
इस वर्ष बाहरी गन्ना एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है । जिसके चलते कुछ किसान नेता आंदोलन भी कर चुके है। किसानों का कहना है कि बाहरी गन्ने के कारण स्थानीय किसानों के गन्ने की कम आपूर्ति हो रही हैं। पिछले दिनों बाहरी गन्ने पर लगाम लगाने के लिए टीमें गठित की गईं थी। वहीं डीएम दीपक रावत ने मामले में कार्रवाई के लिए पुलिस और रुड़की तहसील के अधिकारियों को भी निर्देश जारी किए थे, जिसके चलते सभी अधिकारी अपने-अपने स्तर से बाहरी गन्ने पर रोक लगाने का दावा कर रहे है, लेकिन बाहरी गन्ने की आवक जारी है। बाहरी गन्ने को लेकर विभाग के सामने अजीबो गरीब स्थिति पैदा हो रही है, क्योंकि कुछ स्थानीय किसानों द्वारा बाहरी गन्ने को संरक्षण दिया जा रहा हैं, जिसके चलते बाहरी गन्ने लेकर आ रहे किसानों के पास स्थानीय किसानों की पर्चियां मिल रही है। विभागीय अधिकारियों को यह पहचान करने में कठिनाई हो रही है कि कौन सा गन्ना बाहरी है और कौन सा स्थानीय। जिसके चलते अब विभाग स्थानीय किसानों की मदद लेने की तैयारी कर रहा है। किसानों से बाहरी गन्ने की पहचान कराई जाएगी। डीसीओ आशीष नेगी ने बताया कि स्थानीय किसानों की पर्चियां होने के कारण बाहरी गन्ने की पहचान नहीं हो पा रही हैं। जिसके चलते अब किसानों से मदद ली जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि किसी किसान द्वारा बाहरी गन्ने को संरक्षण दिया जाता पाया गया, तो उसका बेसिक कोटा समाप्त किया जाएगा।
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इस वर्ष बाहरी गन्ना एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है । जिसके चलते कुछ किसान नेता आंदोलन भी कर चुके है। किसानों का कहना है कि बाहरी गन्ने के कारण स्थानीय किसानों के गन्ने की कम आपूर्ति हो रही हैं। पिछले दिनों बाहरी गन्ने पर लगाम लगाने के लिए टीमें गठित की गईं थी। वहीं डीएम दीपक रावत ने मामले में कार्रवाई के लिए पुलिस और रुड़की तहसील के अधिकारियों को भी निर्देश जारी किए थे, जिसके चलते सभी अधिकारी अपने-अपने स्तर से बाहरी गन्ने पर रोक लगाने का दावा कर रहे है, लेकिन बाहरी गन्ने की आवक जारी है। बाहरी गन्ने को लेकर विभाग के सामने अजीबो गरीब स्थिति पैदा हो रही है, क्योंकि कुछ स्थानीय किसानों द्वारा बाहरी गन्ने को संरक्षण दिया जा रहा हैं, जिसके चलते बाहरी गन्ने लेकर आ रहे किसानों के पास स्थानीय किसानों की पर्चियां मिल रही है। विभागीय अधिकारियों को यह पहचान करने में कठिनाई हो रही है कि कौन सा गन्ना बाहरी है और कौन सा स्थानीय। जिसके चलते अब विभाग स्थानीय किसानों की मदद लेने की तैयारी कर रहा है। किसानों से बाहरी गन्ने की पहचान कराई जाएगी। डीसीओ आशीष नेगी ने बताया कि स्थानीय किसानों की पर्चियां होने के कारण बाहरी गन्ने की पहचान नहीं हो पा रही हैं। जिसके चलते अब किसानों से मदद ली जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि किसी किसान द्वारा बाहरी गन्ने को संरक्षण दिया जाता पाया गया, तो उसका बेसिक कोटा समाप्त किया जाएगा।
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