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वन विभाग की रुड़की रेंज में मरम्मत के नाम पर गोलमाल
Updated Thu, 03 May 2018 11:08 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की।
वन विभाग की रुड़की रेंज के सरकारी आवासों की मरम्मत के नाम पर लाखों का खर्च दिखाया गया, जबकि काम के नाम पर महज खानापूर्ति की गई है। कर्मचारी खुल के बोलने में कतरा रहे हैं, जबकि मौजूदा अधिकारियों का कहना है कि यह काम पूर्ववर्ती अधिकारियों के कार्यकाल में हुआ है, जिसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।
रुड़की उप वनप्रभाग की रुड़की रेंज मेें छह माह पहले तत्कालीन रेंजर ने फारेस्ट गार्ड व रुड़की रेंजर के आवास में कार्यों को लेकर डीएफओ आफिस को इस्टीमेट भेजा था। इसमें सरकारी भवनों की मरम्मत, पुताई व नए दरवाजे लगाए जाने प्रस्तावित किए गए थे। डीएफओ कार्यालय से अनुमति मिलने के बाद सरकारी भवनों की मरम्मत के नाम पर महज खानापूर्ति की गई। कर्मचारियों के मुताबिक मरम्मत का बिल डेढ़ लाख से अधिक का है। अब तत्कालीन रेंजर व अन्य अधिकारियों का तबादला हो गया। वहीं इस संबंध मे रुड़की रेंज के अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़ा कोई दस्तावेज उनके पास नहीं है।
मैंने छह माह पहले ही रेंज का कार्यभार संभाला है। सरकारी क्वार्टर की मरम्मत से जुड़ा कोई दस्तावेज रेंज आफिस में उपलब्ध नहीं है।
मयंक गर्ग, रेंजर रुड़की रेंज
इस तरह कोई मामला मेरे सामने नहीं आया है। मैंने करीब चार माह पहले यहां का चार्ज संभाला है। मामले की जानकारी की जाएगी।
आकाश वर्मा, डीएफओ हरिद्वार
रुड़की।
वन विभाग की रुड़की रेंज के सरकारी आवासों की मरम्मत के नाम पर लाखों का खर्च दिखाया गया, जबकि काम के नाम पर महज खानापूर्ति की गई है। कर्मचारी खुल के बोलने में कतरा रहे हैं, जबकि मौजूदा अधिकारियों का कहना है कि यह काम पूर्ववर्ती अधिकारियों के कार्यकाल में हुआ है, जिसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।
रुड़की उप वनप्रभाग की रुड़की रेंज मेें छह माह पहले तत्कालीन रेंजर ने फारेस्ट गार्ड व रुड़की रेंजर के आवास में कार्यों को लेकर डीएफओ आफिस को इस्टीमेट भेजा था। इसमें सरकारी भवनों की मरम्मत, पुताई व नए दरवाजे लगाए जाने प्रस्तावित किए गए थे। डीएफओ कार्यालय से अनुमति मिलने के बाद सरकारी भवनों की मरम्मत के नाम पर महज खानापूर्ति की गई। कर्मचारियों के मुताबिक मरम्मत का बिल डेढ़ लाख से अधिक का है। अब तत्कालीन रेंजर व अन्य अधिकारियों का तबादला हो गया। वहीं इस संबंध मे रुड़की रेंज के अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़ा कोई दस्तावेज उनके पास नहीं है।
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मैंने छह माह पहले ही रेंज का कार्यभार संभाला है। सरकारी क्वार्टर की मरम्मत से जुड़ा कोई दस्तावेज रेंज आफिस में उपलब्ध नहीं है।
मयंक गर्ग, रेंजर रुड़की रेंज
इस तरह कोई मामला मेरे सामने नहीं आया है। मैंने करीब चार माह पहले यहां का चार्ज संभाला है। मामले की जानकारी की जाएगी।
आकाश वर्मा, डीएफओ हरिद्वार