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शहर की हर सड़क और बाजार में अतिक्रमण ने पसारे पैर
Updated Fri, 20 Apr 2018 12:12 AM IST
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रुड़की।
आखिरकार रुड़की को जाम की समस्या से कब निजात मिलेगी यह सवाल हर किसी शहरी के जेेहन में कौंध रहा है। यदाकदा पुलिस प्रशासन इससे निपटने को तमाम योजनाएं बनाकर उम्मीद की किरण जगाता है, लेकिन आजतक किसी एक प्लान पर ईमानदारी से काम नहीं हुआ। जिसके चलते शहर के हर बाजार और सड़क पर अतिक्रमण पांव जमाए हुए हैं।
गर्मियों का सीजन शुरू होते ही हाईवे पर भारी जाम लगना शुरू हो गया है। इसका असर शहर के भीतरी मार्गों पर भी पड़ रहा है। शहर के सभी प्रमुख मार्गों के अलावा बीटीगंज बाजार, मलकपुर चुंगी, सिविल लाइन, मेन बाजार, लालकुर्ती, रामनगर, गणेशपुर आदि क्षेत्रों में अतिक्रमण पैर पसारे हुए हैं। यहां लोगों ने दुकानों के सामान को सड़कों पर रख दिया है। दुकानदारों और ग्राहकों के आड़े तिरछे खड़े वाहनों ने रही सही कसर पूरी कर दी है। पुलिस और प्रशासन को कोई अधिकारी सड़क पर किए अतिक्रमण को हटाने के लिए नहीं पहुंच रहा है। लिहाजा आम जनता जाम के चक्रव्यूह में फंसकर रह गई हैै।
नोटिस के बाद भी नहीं सुधरे हालात
रुड़की। बैंकों, नर्सिंग होम और कोचिंग संस्थानों को नोटिस देने के बाद भी व्यवस्था नहीं सुधर रही है। अब भी कई बैंक और नर्सिंग होम के अधिकारी और कर्मचारी सड़क पर वाहन पार्क कर रहे हैं। जबकि पुलिस ने इन संस्थानों के प्रबंधकों को जल्द पार्किंग के इंतजाम न करने पर मुकदमा दर्ज करने की बात कहे चुके हैं। देहरादून रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक, रामनगर चौक स्थित एसबीआई की कृषि विकास शाखा, रामनगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा के बाहर पार्किंग का इंतजाम नहीं किया गया। चावमंडी चंद्रापुरी में महावीर अस्पताल और महिपाल क्लीनिक को नोटिस देने के बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरी। भगवती नर्सिंग होम के बाहर भी सड़क पर कारें पार्क हो रही हैं। नेहरू स्टेडियम स्थित शिरोमणि नर्सिंग होम के बाहर भी सड़क पर वाहन पार्क किए जा रहे हैं।
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डीएम ने दिए थे अतिक्रमण हटाने के आदेश
करीब तीन माह पूर्व जिलाधिकारी दीपक रावत ने बीटीगंज में जाकर वहां अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम प्रशासन और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को आदेश दिए थे। कुछ दिन बाद नगर निगम ने अतिक्रमण हटवाया था, लेकिन अब स्थिति जस की तस हो गई है। पहले की तरह दुकानदारों ने सड़क पर अतिक्रमण कर दिया। जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
यहां से कब हटेगा अतिक्रमण
चंद्रशेखर चौक से आगे चाट बाजार के सामने सड़क के किनारे सड़क पर मोटरसाइकिलों के बहुत से सर्विस सेंटर संचालित हैं। इनकी बाइकें अक्सर सड़कों पर ठीक की जाती है। जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत होती है। कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। बावजूद पुलिस और नगर निगम प्रशासन की ओर से सर्विस सेंटरों पर कार्रवाई नहीं की जाती।
ये बने प्लान, नहीं हुआ अमल
शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए एडीजी कानून व्यवस्था ने केवल प्रशासन को न केवल अतिक्रमण चिह्नित करने के निर्देश दिए थे, बल्कि करीब छह माह पूर्व रुड़की पहुंचकर अधिकारियों और व्यापारियों के साथ बैठक भी की थी। इसके बाद कुछ दिन तक प्रशासन ने मात्र सिविल लाइन में अभियान चलाया। बाद में अभियान सुस्त पड़ गया। इसी दौरान प्रशासन ने आड़े तिरछे वाहनों को नियंत्रित करने के लिए सड़कों के किनारे पीली पट्टी खींचने की योजना बनाई, लेकिन यह योजना भी परवान नहीं चढ़ी। इसके बाद डीएम और एसएसपी की मौजूदगी में शहर के मास्टर को लोगों के सामने रखा गया। दो माह बाद भी प्रशासन मास्टर प्लान में एक इंच भी आगे नहीं बढ़ पाया। वहीं यातायात पुलिस की ओर स्कूली बच्चों की टास्क फोर्स बनाकर जाम से निपटने की मुहिम भी हवाई साबित होकर रह गई।
जिन संस्थानों को नोटिस दिया गया है, उन्हें एक बार फिर पार्किंग का इंतजाम करने को कहा जाएगा। यदि फिर भी इंतजाम नहीं हुआ तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
बिपेंद्र सिंह, यातायात निरीक्षक रुड़की
शहर में जाम की समस्या को लेकर जल्द अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की जाएगी। साथ ही भीड़ भरे बाजारों में
वाहनों के अतिक्रमण से निपटने के लिए सड़कों के किनारे पीली पट्टी खींची जाएगी।
नितिन भंडारी,ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की
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आखिरकार रुड़की को जाम की समस्या से कब निजात मिलेगी यह सवाल हर किसी शहरी के जेेहन में कौंध रहा है। यदाकदा पुलिस प्रशासन इससे निपटने को तमाम योजनाएं बनाकर उम्मीद की किरण जगाता है, लेकिन आजतक किसी एक प्लान पर ईमानदारी से काम नहीं हुआ। जिसके चलते शहर के हर बाजार और सड़क पर अतिक्रमण पांव जमाए हुए हैं।
गर्मियों का सीजन शुरू होते ही हाईवे पर भारी जाम लगना शुरू हो गया है। इसका असर शहर के भीतरी मार्गों पर भी पड़ रहा है। शहर के सभी प्रमुख मार्गों के अलावा बीटीगंज बाजार, मलकपुर चुंगी, सिविल लाइन, मेन बाजार, लालकुर्ती, रामनगर, गणेशपुर आदि क्षेत्रों में अतिक्रमण पैर पसारे हुए हैं। यहां लोगों ने दुकानों के सामान को सड़कों पर रख दिया है। दुकानदारों और ग्राहकों के आड़े तिरछे खड़े वाहनों ने रही सही कसर पूरी कर दी है। पुलिस और प्रशासन को कोई अधिकारी सड़क पर किए अतिक्रमण को हटाने के लिए नहीं पहुंच रहा है। लिहाजा आम जनता जाम के चक्रव्यूह में फंसकर रह गई हैै।
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नोटिस के बाद भी नहीं सुधरे हालात
रुड़की। बैंकों, नर्सिंग होम और कोचिंग संस्थानों को नोटिस देने के बाद भी व्यवस्था नहीं सुधर रही है। अब भी कई बैंक और नर्सिंग होम के अधिकारी और कर्मचारी सड़क पर वाहन पार्क कर रहे हैं। जबकि पुलिस ने इन संस्थानों के प्रबंधकों को जल्द पार्किंग के इंतजाम न करने पर मुकदमा दर्ज करने की बात कहे चुके हैं। देहरादून रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक, रामनगर चौक स्थित एसबीआई की कृषि विकास शाखा, रामनगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा के बाहर पार्किंग का इंतजाम नहीं किया गया। चावमंडी चंद्रापुरी में महावीर अस्पताल और महिपाल क्लीनिक को नोटिस देने के बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरी। भगवती नर्सिंग होम के बाहर भी सड़क पर कारें पार्क हो रही हैं। नेहरू स्टेडियम स्थित शिरोमणि नर्सिंग होम के बाहर भी सड़क पर वाहन पार्क किए जा रहे हैं।
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डीएम ने दिए थे अतिक्रमण हटाने के आदेश
करीब तीन माह पूर्व जिलाधिकारी दीपक रावत ने बीटीगंज में जाकर वहां अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम प्रशासन और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को आदेश दिए थे। कुछ दिन बाद नगर निगम ने अतिक्रमण हटवाया था, लेकिन अब स्थिति जस की तस हो गई है। पहले की तरह दुकानदारों ने सड़क पर अतिक्रमण कर दिया। जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
यहां से कब हटेगा अतिक्रमण
चंद्रशेखर चौक से आगे चाट बाजार के सामने सड़क के किनारे सड़क पर मोटरसाइकिलों के बहुत से सर्विस सेंटर संचालित हैं। इनकी बाइकें अक्सर सड़कों पर ठीक की जाती है। जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत होती है। कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। बावजूद पुलिस और नगर निगम प्रशासन की ओर से सर्विस सेंटरों पर कार्रवाई नहीं की जाती।
ये बने प्लान, नहीं हुआ अमल
शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए एडीजी कानून व्यवस्था ने केवल प्रशासन को न केवल अतिक्रमण चिह्नित करने के निर्देश दिए थे, बल्कि करीब छह माह पूर्व रुड़की पहुंचकर अधिकारियों और व्यापारियों के साथ बैठक भी की थी। इसके बाद कुछ दिन तक प्रशासन ने मात्र सिविल लाइन में अभियान चलाया। बाद में अभियान सुस्त पड़ गया। इसी दौरान प्रशासन ने आड़े तिरछे वाहनों को नियंत्रित करने के लिए सड़कों के किनारे पीली पट्टी खींचने की योजना बनाई, लेकिन यह योजना भी परवान नहीं चढ़ी। इसके बाद डीएम और एसएसपी की मौजूदगी में शहर के मास्टर को लोगों के सामने रखा गया। दो माह बाद भी प्रशासन मास्टर प्लान में एक इंच भी आगे नहीं बढ़ पाया। वहीं यातायात पुलिस की ओर स्कूली बच्चों की टास्क फोर्स बनाकर जाम से निपटने की मुहिम भी हवाई साबित होकर रह गई।
जिन संस्थानों को नोटिस दिया गया है, उन्हें एक बार फिर पार्किंग का इंतजाम करने को कहा जाएगा। यदि फिर भी इंतजाम नहीं हुआ तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
बिपेंद्र सिंह, यातायात निरीक्षक रुड़की
शहर में जाम की समस्या को लेकर जल्द अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की जाएगी। साथ ही भीड़ भरे बाजारों में
वाहनों के अतिक्रमण से निपटने के लिए सड़कों के किनारे पीली पट्टी खींची जाएगी।
नितिन भंडारी,ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की