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बाबा गोरक्षनाथ आश्रम संपति के मामले ने पकड़ा तूल
Updated Sat, 13 Jan 2018 12:21 AM IST
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रुड़की। मालवीय चौक स्थित बाबा गोरक्षनाथ आश्रम में संपत्ति का विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। आश्रम के महंत योगी मंगलनाथ की ओर से पूर्व में की गई प्रेसवार्ता के बाद शुक्रवार को विरोधी पक्ष की ओर से प्रेसवार्ता कर आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए हैं। प्रेसवार्ता करते हुए लोगों ने महंत पर आश्रम की जमीन को बेचने का आरोप लगाया है, जबकि महंत मंगलनाथ ने आरोपों को निराधार बताते हुए रजिस्ट्रार कार्यालय से जमीन के बाबत जांच पड़ताल कराए जाने की चुनौती दी है।
शुक्रवार को मालवीय चौक के पास प्रेसवार्ता कर संजय धीमान, नीरज सिंह, मानव वर्मा, बिजेंद्र और राहुल सिंह ने आरोप लगाया कि योगी मंगलनाथ ने आश्रम में स्थित मंदिर की मूर्तियां गायब कर दी हैं। उसके स्थान पर दुकानें बनाई जा रही हैं। आरोप लगाया कि महंत ने धोखे से आश्रम की जमीन पर कब्जा किया है और कई दुकानें बनाकर बेच दी गई हैं। पत्रकार वार्ता में लोगों ने प्रशासन की रेखदेख में एक समिति का गठन कर संपत्ति की सुरक्षा कराए जाने की भी मांग की है।
गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से दोनों पक्षों की ओर से किए जा रहे आरोप प्रत्यारोपों के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल ने आश्रम की जमीन से संबंधित जांच के आदेश दिए हैं। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद असल सच्चाई सामने आएगी। वहीं, महंत मंगलनाथ ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को उनके द्वारा आश्रम जमीन बेचने की आशंका है तो इसकी रजिस्ट्रार कार्यालय से जांच कर सकता है। उनका उद्देश्य मंदिर के स्थान पर दोबारा भव्य मंदिर निर्माण कराना है।
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शुक्रवार को मालवीय चौक के पास प्रेसवार्ता कर संजय धीमान, नीरज सिंह, मानव वर्मा, बिजेंद्र और राहुल सिंह ने आरोप लगाया कि योगी मंगलनाथ ने आश्रम में स्थित मंदिर की मूर्तियां गायब कर दी हैं। उसके स्थान पर दुकानें बनाई जा रही हैं। आरोप लगाया कि महंत ने धोखे से आश्रम की जमीन पर कब्जा किया है और कई दुकानें बनाकर बेच दी गई हैं। पत्रकार वार्ता में लोगों ने प्रशासन की रेखदेख में एक समिति का गठन कर संपत्ति की सुरक्षा कराए जाने की भी मांग की है।
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गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से दोनों पक्षों की ओर से किए जा रहे आरोप प्रत्यारोपों के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल ने आश्रम की जमीन से संबंधित जांच के आदेश दिए हैं। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद असल सच्चाई सामने आएगी। वहीं, महंत मंगलनाथ ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को उनके द्वारा आश्रम जमीन बेचने की आशंका है तो इसकी रजिस्ट्रार कार्यालय से जांच कर सकता है। उनका उद्देश्य मंदिर के स्थान पर दोबारा भव्य मंदिर निर्माण कराना है।
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