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जिले में 25 नवंबर से होगी पशुगणना
Updated Tue, 20 Nov 2018 12:30 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
पांच साल बाद जिले में 25 नवंबर को पशुगणना होगी। इसके लिए पशुपालन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली है। अब शासन से पत्र मिलने की औपचारिकता का इंतजार किया जा रहा है। विभाग की ओर से पशु गणना की ट्रेनिंग को लेकर सभी फार्मासिस्टों, पशुधन प्रसार अधिकारियों और डॉक्टरों की ड्यूटी को फाइनल रूप दिया गया।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी बीसी कर्नाटक ने बताया कि जिले के छह ब्लॉकों में 25 नवंबर से पशुगणना का काम शुरू होगा। पशुगणना से पूर्व विभाग की ओर से 22 नवंबर को पशुगणना ट्रेनिंग की सूची को अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी डॉक्टर, फार्मासिस्ट और पशुधन प्रसार अधिकारी नियत तिथि के अनुसार ही ट्रेनिंग करने पहुंचेंगे। छह ब्लॉकों में अलग-अलग स्थानों पर पशुगणना की ट्रेनिंग होगी। ट्रेनिंग के बाद 25 नंवबर से पशुगणना का काम शुरू होगा। पशुगणना का काम पूरा होने के बाद रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। वहां से यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
बता दें कि देश में पांच साल में पशुगणना होती है। पशुगणना में ग्रामीण क्षेत्र में एक प्रगणक (गणना करने वाला) चार हजार पशुओं की गणना करेगा। जबकि शहरी क्षेत्र में छह हजार पशुओं की गणना एक प्रगणक करेगा।
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पांच साल बाद जिले में 25 नवंबर को पशुगणना होगी। इसके लिए पशुपालन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली है। अब शासन से पत्र मिलने की औपचारिकता का इंतजार किया जा रहा है। विभाग की ओर से पशु गणना की ट्रेनिंग को लेकर सभी फार्मासिस्टों, पशुधन प्रसार अधिकारियों और डॉक्टरों की ड्यूटी को फाइनल रूप दिया गया।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी बीसी कर्नाटक ने बताया कि जिले के छह ब्लॉकों में 25 नवंबर से पशुगणना का काम शुरू होगा। पशुगणना से पूर्व विभाग की ओर से 22 नवंबर को पशुगणना ट्रेनिंग की सूची को अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी डॉक्टर, फार्मासिस्ट और पशुधन प्रसार अधिकारी नियत तिथि के अनुसार ही ट्रेनिंग करने पहुंचेंगे। छह ब्लॉकों में अलग-अलग स्थानों पर पशुगणना की ट्रेनिंग होगी। ट्रेनिंग के बाद 25 नंवबर से पशुगणना का काम शुरू होगा। पशुगणना का काम पूरा होने के बाद रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। वहां से यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
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बता दें कि देश में पांच साल में पशुगणना होती है। पशुगणना में ग्रामीण क्षेत्र में एक प्रगणक (गणना करने वाला) चार हजार पशुओं की गणना करेगा। जबकि शहरी क्षेत्र में छह हजार पशुओं की गणना एक प्रगणक करेगा।
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