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आधे अधूरे अलाव के बीच सिकुड़ रही जिंदगी

Tue, 09 Jan 2018 12:05 AM IST
Updated Tue, 09 Jan 2018 12:05 AM IST
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आधे अधूरे अलाव के बीच सिकुड़ रही जिंदगी
रुड़की। ठंड से निपटने के लिए नगर निकायों की आधी-अधूरी व्यवस्थाओं से जरूरत मंदों की जिंदगी सिकुड़ रही है। 18 दिन में चार मौतें हो चुकी हैं, बावजूद व्यवस्थाओं में खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। रुड़की में कई जगह अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है, लेकिन देहात में स्थिति चिंताजनक है। भगवानपुर क्षेत्र में मात्र छह जगहों पर अलाव जल रहे हैं। जबकि ग्रामीण 20 जगह अलाव जलाने की मांग कर रहे हैं। लक्सर में पंचायत प्रशासन 24 जगह अलाव जलाने के दावा कर रहा है। जबकि आठ जगह अलाव जल रहे हैं।
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ठंड के सामने निगम के अलाव बेअसर
रुड़की। हाड़ कंपा देने वाली ठंड से बचने के लिए नगर निगम की ओर से किए गए अलाव जलाने के इंतजाम नाकाफी दिखाई दे रहे हैं। प्रशासन शहर में 14 से अधिक जगह अलाव जलाने के दावे कर रहा है बावजूद जरूरतमंद गंगनहर पुल पर अलाव की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं। नगर निगम प्रशासन ने शहर में 14 जगह अलाव जलाने की व्यवस्था की है। विश्वकर्मा चौक, रामनगर शनि मंदिर के पास, सोलानीपुर, तहसील परिसर, चंद्रपुरी रिक्शा स्टैंड, सौत मोहल्ला, मच्छी मोहल्ला, रेलवे स्टेशन, गणेशपुर, बस स्टैंड, मलकपुर चुंगी, कलियर अड्डा और रामनगर आदि स्थानों पर अलाव जल रहे हैं। सोमवार रात अधिकतर जगह अलाव जलते पाए गए। मलकपुर चुंगी पर लोगों ने लकड़ियां कम पहुंचाने की शिकायत की है। इसके अलावा लोग गंगनहर के पुलों पर अलाव जलाने की मांग कर रहे हैं। नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट का कहना है कि अधिकतर जगहों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। कहीं और से मांग आती है तो अलाव जलवाए जाएंगे।
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दावे 24, अलाव जल रहे मात्र आठ जगह
लक्सर। पालिका 24 जगह अलाव जलाने के दावे कर रही है, लेकिन हकीकत इससे उलट है। सोमवार को निरीक्षण किया गया तो पता चला कि क्षेत्र में मात्र आठ जगह अलाव जल रहे हैं। कड़ाके की ठंड में भी नगर पंचायत के अधिकारी कितने लापरवाह हैं इसका पता लक्सर क्षेत्र में जलाए जा रहे अलावों की स्थिति से लगाया जा सकता है। क्षेत्र में अधिकांश जगहों पर अलाव नहीं जलाए जा रहे हैं। दिक्कत इस बात की ज्यादा है कि जिन जगहों पर ज्यादा जरूरत है, वहां एक भी लकड़ी नहीं पहुंची है। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में सबसे ज्यादा जरूरत बालावाली तिराहा, चंद्रपुुरी बस स्टैंड, शुगर मिल गेट, गन्ना समिति के बाहर, तहसील मुख्यालय के बाहर, सीएचसी के बाहर, लक्सर रेलवे स्टेशन पर है, लेकिन यहां पर एक भी दिन अलाव नहीं जला। हालांकि नगर पंचायत की ओर से बाजार में कुछ जगह अलाव की व्यवस्था की है। ऐसे में नगर पंचायत की ओर से ठंड से बचाव के लिए किए जा रहे दावों की पोल खुलती दिख रही है। इस बाबत ईओ गौहर हयात का कहना है कि सभी जगह अलाव जलवाए जा रहे हैं, यदि कहीं अलाव नहीं जल रहे हैं तो तत्काल जांच कराकर व्यवस्था करेंगे।
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20 की जरूरत, व्यवस्था मात्र छह जगह पर
भगवानपुर। जरूरतमंदों को ठंड से बचाने के लिए नगर पंचायत की ओर से अलाव जलाने की व्यवस्था की है, लेकिन पंचायत अपनी जिम्मेदारियों को नहीं निभा रहा है। जिसके चलते लोगों को ठंड में भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।

नगर पंचायत की ओर से अलाव के लिए जो व्यवस्थाएं की गई है उसके अनुसार थाने के बाहर, तहसील प्रांगण, सिकरोढ़ा मार्ग, मेन बाजार तिराहा, खानपुर तिराहा समेत छह जगहों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जरूरत के हिसाब से क्षेत्र में कम से कम 20 जगह पर अलाव जलाए जाने चाहिए। शाहपुर निवासी माजिद, जुल्फान, संदीप आदि का कहना है कि सबसे ज्यादा जरूरत अस्पताल में होती है, लेकिन यहां कोई अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। इसके अलावा बैंक के बाहर, बिजलीघर के बाहर, गागलहेड़ी तिराहा, उद्यान विभाग के सामने, मंडी समिति के सामने और सिकरोढ़ा मार्ग समेत कम से 20 जगह पर अलाव जलाने की जरूरत है, लेकिन कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। इस संबंध में नगर पंचायत ईओ टंकार कौशल का कहना है कि आवश्यकता के अनुसार अलाव की व्यवस्था की जा रही है।
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