{"_id":"5af885414f1c1bd8408b522e","slug":"111526236481-roorkee-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पदनाम पट्टिका के खिलाफ जारी रहा पुलिस का अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पदनाम पट्टिका के खिलाफ जारी रहा पुलिस का अभियान
Updated Mon, 14 May 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुड़की। पुलिस ने रविवार को पदनाम पट्टिका लगे वाहनों के खिलाफ मिलिट्री तिराहे पर अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने 30 वाहनों से पदनाम पट्टिका उतरवाई और 28 के चालान काटे।
रविवार को पुलिस ने कई बाइक और कारों से पदनाम पट्टिकाएं उतरवाई। कार्रवाई के दौरान पुलिस को हर तीसरी बाइक के पीछे की ब्रेक लाइट काले टेप से ढकी मिली। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि कई युवाओं ने अपनी बाइक के पीछे ब्रेक लाइट पर अपने नाम का पहला अक्षर जैसे वी, या एस लिखा था। उनका कहना था कि बाइक की ब्रेक लाइट का काला टेप से ढके होने से दुर्घटना का खतरा अधिक होता है। उनका कहना था कि सड़क दुर्घटनाओं में पीछे से दूसरे वाहन की ओर से बाइक पर टक्कर मारने की घटना के पीछे ब्रेक लाइट को काला होना कारण है। बाहरी प्रदेश के कार चालक भी पुलिस की कार्रवाई को लेकर असमंजस में थे। इस दौरान पुलिस ने कई पुलिस कर्मचारियों के वाहनों से भी पुलिस का लोगो हटवाया। पुलिस की ओर से रामनगर, भगवानपुर, लक्सर भी वाहनों पर लगी पट्टिका हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान 30 वाहनों से पदनाम पट्टिका निकाली गई, जबकि 28 वाहनों का चालान किया गया।
गुरुजी ने मांगी माफी
पुलिस जब मिलिट्री चौक पर पदनाम पट्टिका उतरवाने को अभियान चला रही थी इसी बीच सामने से आ रही एक बिना नंबर की बाइक को इन्होंने रुकवा दिया। बाइकसवार ने अपना परिचय एक राजकीय इंटर कॉलेज में प्रवक्ता के रूप में दिया। पुलिस ने जब बाइक का रजिस्ट्रेशन न कराने का कारण पूछा तो इन्होंने बाइक एक सप्ताह पहले ही खरीदने की बात कही। पुलिस ने मीटर की जांच की तो बाइक 2400 किलोमीटर चल चुकी थी। इस पर पुलिस ने बाइक सीज करने की तैयारी की तो गुरुजी ने रजिस्ट्रेशन न कराने की गलती पर माफी मांगी और सोमवार को रजिस्ट्रेशन कराने का आश्वासन दिया। इस पर पुलिस ने 100 रुपये का चालान काटकर गुरुजी को रवाना किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को पुलिस ने कई बाइक और कारों से पदनाम पट्टिकाएं उतरवाई। कार्रवाई के दौरान पुलिस को हर तीसरी बाइक के पीछे की ब्रेक लाइट काले टेप से ढकी मिली। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि कई युवाओं ने अपनी बाइक के पीछे ब्रेक लाइट पर अपने नाम का पहला अक्षर जैसे वी, या एस लिखा था। उनका कहना था कि बाइक की ब्रेक लाइट का काला टेप से ढके होने से दुर्घटना का खतरा अधिक होता है। उनका कहना था कि सड़क दुर्घटनाओं में पीछे से दूसरे वाहन की ओर से बाइक पर टक्कर मारने की घटना के पीछे ब्रेक लाइट को काला होना कारण है। बाहरी प्रदेश के कार चालक भी पुलिस की कार्रवाई को लेकर असमंजस में थे। इस दौरान पुलिस ने कई पुलिस कर्मचारियों के वाहनों से भी पुलिस का लोगो हटवाया। पुलिस की ओर से रामनगर, भगवानपुर, लक्सर भी वाहनों पर लगी पट्टिका हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान 30 वाहनों से पदनाम पट्टिका निकाली गई, जबकि 28 वाहनों का चालान किया गया।
विज्ञापन
गुरुजी ने मांगी माफी
पुलिस जब मिलिट्री चौक पर पदनाम पट्टिका उतरवाने को अभियान चला रही थी इसी बीच सामने से आ रही एक बिना नंबर की बाइक को इन्होंने रुकवा दिया। बाइकसवार ने अपना परिचय एक राजकीय इंटर कॉलेज में प्रवक्ता के रूप में दिया। पुलिस ने जब बाइक का रजिस्ट्रेशन न कराने का कारण पूछा तो इन्होंने बाइक एक सप्ताह पहले ही खरीदने की बात कही। पुलिस ने मीटर की जांच की तो बाइक 2400 किलोमीटर चल चुकी थी। इस पर पुलिस ने बाइक सीज करने की तैयारी की तो गुरुजी ने रजिस्ट्रेशन न कराने की गलती पर माफी मांगी और सोमवार को रजिस्ट्रेशन कराने का आश्वासन दिया। इस पर पुलिस ने 100 रुपये का चालान काटकर गुरुजी को रवाना किया।
विज्ञापन