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पांच सौ मीटर कटा गंगा का तटबंध
Updated Tue, 08 Aug 2017 12:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
खानपुर। गंगा का जलस्तर बढ़ने से रामसीयावाला गांव के पास पांच सौ मीटर तटबंध कटने से हजारों बीघा खेती की जमीन में जलभराव हो गया है। इससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई है, लेकिन रात को जलस्तर कम होने से ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिली है। उधर, प्रशासन ने तटबंध दुरुस्त करने का काम तेज कर दिया है।
पिछले कई दिनों से पहाड़ में हो रही भारी बारिश से रामसीयावाला गांव के पास गंगा पर बने तटबंध में कटाव हो रहा था। प्रशासन इसे दुरुस्त कराने में लगा हुआ था, लेकिन गंगा के लगातार उफनने से तटबंध पर डाली जा रही मिट्टी साथ के साथ बह रही थी। इससे प्रशासन की परेशानी बढ़ गई थी। रविवार रात उत्तराखंड बॉर्डर पर रामसीयावाला के पास करीब पांच सौ मीटर तटबंध पूरी तरह कट गया। जिसके चलते गंगा का जल हजारों बीघा खेती की जमीन में फैल गया, लेकिन देर रात गंगा का जलस्तर सामान्य होने पर परेशान ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। रविवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर (293 मीटर) से नीचे बह रहा था, शाम चार बजे जलस्तर 292.15 मीटर रिकार्ड किया गया। जलस्तर घटने से प्रशासन ने टूटे तटबंध को दुरुस्त करने का काम तेज कर दिया है।
इस संबंध में एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा ने बताया कि गंगा का जलस्तर कम होने से बाढ़ का खतरा टल गया है। फिलहाल कटाव वाले स्थान से खेती की जमीन की ओर पानी का रिसाव अब तक हो रहा है। तटबंध को दुरुस्त कराने का कार्य तेज कर दिया गया है।
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खानपुर। गंगा का जलस्तर बढ़ने से रामसीयावाला गांव के पास पांच सौ मीटर तटबंध कटने से हजारों बीघा खेती की जमीन में जलभराव हो गया है। इससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई है, लेकिन रात को जलस्तर कम होने से ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिली है। उधर, प्रशासन ने तटबंध दुरुस्त करने का काम तेज कर दिया है।
पिछले कई दिनों से पहाड़ में हो रही भारी बारिश से रामसीयावाला गांव के पास गंगा पर बने तटबंध में कटाव हो रहा था। प्रशासन इसे दुरुस्त कराने में लगा हुआ था, लेकिन गंगा के लगातार उफनने से तटबंध पर डाली जा रही मिट्टी साथ के साथ बह रही थी। इससे प्रशासन की परेशानी बढ़ गई थी। रविवार रात उत्तराखंड बॉर्डर पर रामसीयावाला के पास करीब पांच सौ मीटर तटबंध पूरी तरह कट गया। जिसके चलते गंगा का जल हजारों बीघा खेती की जमीन में फैल गया, लेकिन देर रात गंगा का जलस्तर सामान्य होने पर परेशान ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। रविवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर (293 मीटर) से नीचे बह रहा था, शाम चार बजे जलस्तर 292.15 मीटर रिकार्ड किया गया। जलस्तर घटने से प्रशासन ने टूटे तटबंध को दुरुस्त करने का काम तेज कर दिया है।
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इस संबंध में एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा ने बताया कि गंगा का जलस्तर कम होने से बाढ़ का खतरा टल गया है। फिलहाल कटाव वाले स्थान से खेती की जमीन की ओर पानी का रिसाव अब तक हो रहा है। तटबंध को दुरुस्त कराने का कार्य तेज कर दिया गया है।
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