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Roorkee News: लिब्बरहेड़ी फीडर का कंट्रोलर फटने से 10 गांवों की बिजली गुल
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कस्बे के लिब्बरहेड़ी फीडर के कंट्रोलर में आई तकनीकी खराबी और उसके फटने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। इस समस्या के कारण क्षेत्र के लिब्बरहेड़ी, भरतपुर, मीरपुर, नसीरपुर, हरचंदपुर, निजामपुर आदि 10 गांव दोपहर से लेकर शाम तक बिजली न होने से प्रभावित होते रहे।
दो दिनों से लिब्बरहेड़ी फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। कभी मरम्मत तो कभी फॉल्ट से लोगों को आठ से दस घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। सोमवार को दोपहर एक बजे लिब्बरहेड़ी फीडर के कंट्रोलर में फॉल्ट होने से काफी गांव प्रभावित हो गए। इस बीच गर्मी और उमस से बच्चे और बुजुर्गों का हाल बेहाल रहा।
इससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है। इस तरह जहां बिजली गुल होने से गांवों में दैनिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुए। वहीं दूसरी ओर जल आपूर्ति ठप होने के कारण ग्रामीणों को पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला प्रवक्ता राकेश लोहान का कहना है कि रविवार और सोमवार को क्षेत्र में लोगों को आठ से दस घंटे बिजली कटौती झेलनी पड़ी।
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व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने पर मंगलौर बिजलीघर पर प्रदर्शन किया जाएगा। बिशंभर सिंह, महावीर सिंह और सुरेंद्र राठी आदि का कहना है कि लिब्बरहेड़ी फीडर के जर्जर होने के कारण अक्सर इस तरह की समस्याएं आती हैं। एसडीओ अनुभव सैनी ने बताया कि तकनीकी खराबी के चलते कंट्रोलर फट गया था। कंट्रोलर की मरम्मत का कार्य देर शाम तक जारी रहा।
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दो दिनों से लिब्बरहेड़ी फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। कभी मरम्मत तो कभी फॉल्ट से लोगों को आठ से दस घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। सोमवार को दोपहर एक बजे लिब्बरहेड़ी फीडर के कंट्रोलर में फॉल्ट होने से काफी गांव प्रभावित हो गए। इस बीच गर्मी और उमस से बच्चे और बुजुर्गों का हाल बेहाल रहा।
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इससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है। इस तरह जहां बिजली गुल होने से गांवों में दैनिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुए। वहीं दूसरी ओर जल आपूर्ति ठप होने के कारण ग्रामीणों को पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला प्रवक्ता राकेश लोहान का कहना है कि रविवार और सोमवार को क्षेत्र में लोगों को आठ से दस घंटे बिजली कटौती झेलनी पड़ी।
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व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने पर मंगलौर बिजलीघर पर प्रदर्शन किया जाएगा। बिशंभर सिंह, महावीर सिंह और सुरेंद्र राठी आदि का कहना है कि लिब्बरहेड़ी फीडर के जर्जर होने के कारण अक्सर इस तरह की समस्याएं आती हैं। एसडीओ अनुभव सैनी ने बताया कि तकनीकी खराबी के चलते कंट्रोलर फट गया था। कंट्रोलर की मरम्मत का कार्य देर शाम तक जारी रहा।