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मुंह के बढ़ते कैंसर मरीजों की संख्या पर जताई चिंता
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में सर्जिकल ओंकोलॉजी विभाग की ओर से आयोजित हेड एंड नैक ओंकोलॉजी शल्य चिकित्सा विषय पर आयोजित संगोष्ठी के दूसरे दिन कैंसर की सर्जरी की नई तकनीकी के बारे में विशेषज्ञों द्वारा विमर्श किया गया। संगोष्ठी में देशभर से 150 से अधिक शल्य चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया। एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि उत्तराखंड में मुंह के कैंसर के मरीजों में तेजी से वृद्धि हो रही है। दिल्ली एम्स के कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. एसवीएस देव ने देश में मुंह और गले के कैंसर के मरीजों की बढ़ती तादाद के बारे में चिंता जताई।
डॉ. एसपी अग्रवाल ने कैंसर के मामलों को कम करने के लिए तंबाकू को पूर्णरूप से प्रतिबंधित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक पूरी तरह से इस पर रोक नहीं लगाई जाएगी तब तक मुंह के कैंसर के मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि होती रहेगी। कैंसर सर्जन डा. पंकज गर्ग ने बताया कि यदि कैंसर मरीज शुरुआती दौर में ही चिकित्सक से परामर्श ले व समय पर उपचार प्रारंभ करा ले तो कैंसर को पूर्णरूप से खत्म किया जा सकता है। प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने रेडिएशन की नई तकनीकी विषय पर व्याख्यान दिया। इस अवसर पर डा. राजकुमार, डा. धर्माराम पूनिया, डा. भियांराम, डा. महेंद्र पाल सिंह, डा. गीता आर्या, डा. अनु अग्रवाल आदि ने सहयोग किया।
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डॉ. एसपी अग्रवाल ने कैंसर के मामलों को कम करने के लिए तंबाकू को पूर्णरूप से प्रतिबंधित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक पूरी तरह से इस पर रोक नहीं लगाई जाएगी तब तक मुंह के कैंसर के मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि होती रहेगी। कैंसर सर्जन डा. पंकज गर्ग ने बताया कि यदि कैंसर मरीज शुरुआती दौर में ही चिकित्सक से परामर्श ले व समय पर उपचार प्रारंभ करा ले तो कैंसर को पूर्णरूप से खत्म किया जा सकता है। प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने रेडिएशन की नई तकनीकी विषय पर व्याख्यान दिया। इस अवसर पर डा. राजकुमार, डा. धर्माराम पूनिया, डा. भियांराम, डा. महेंद्र पाल सिंह, डा. गीता आर्या, डा. अनु अग्रवाल आदि ने सहयोग किया।
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