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Rishikesh News: दो शिक्षिकाओं को चेतावनी
Mon, 20 Jul 2026 01:38 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 20 Jul 2026 01:38 AM IST
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विकासखंड यमकेश्वर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बिंजाखेत में समय से पहले स्कूल बंद करने की शिकायत पर शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल की प्रधानाध्यापिका और सहायक अध्यापिका को लिखित चेतावनी जारी की है।
ढौसण गांव निवासी हरेंद्र पयाल ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की थी कि राप्रावि बिंजाखेत में स्कूल समय से पहले बंद कर दिया जाता है। उन्होंने इस संबंध में पहले भी 12 अप्रैल को शिकायत की थी लेकिन कोई करवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता के अनुसार दिनांक 9, 11, 16, 17, 21, 22, 27, 28 अप्रैल 2026 और 26 मई 2026 को विद्यालय समय से पूर्व बंद किया गया।
शिकायत के साथ जीपीएस फोटो भी भेजे गए थे, जिनमें स्कूल गेट पर ताला लगा दिख रहा था। खंड शिक्षा अधिकारी यमकेश्वर ने दो जुलाई को विद्यालय में आकर जांच की थी। जांच आख्या में प्रधानाध्यापिका ममता रतूड़ी ने लिखित में कहा कि अधिकांश तारीखों के आरोप निराधार हैं, लेकिन 26 मई 2026 को समय से पहले स्कूल बंद करने के लिए माफी मांगी।
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वहीं सहायक अध्यापिका ममता रानी शर्मा ने स्वीकार किया कि 26 मई को स्कूल में पीने के पानी और बिजली की समस्या और अत्यधिक गर्मी के कारण विद्यालय प्रबंधन समिति के संज्ञान में लाकर स्कूल समय से पहले बंद किया गया था। जांच में पाया गया कि 26 मई को स्कूल समय से पहले बंद करने के संबंध में विद्यालय प्रबंधन समिति का प्रस्ताव ही नहीं बनाया गया था।
जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) अंशुल बिष्ट ने विद्यालय की दोनों शिक्षिकाओं को भविष्य में नियमित समय विद्यालय में पहुंचने के लिए कहा है। लापरवाही बरतने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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ढौसण गांव निवासी हरेंद्र पयाल ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की थी कि राप्रावि बिंजाखेत में स्कूल समय से पहले बंद कर दिया जाता है। उन्होंने इस संबंध में पहले भी 12 अप्रैल को शिकायत की थी लेकिन कोई करवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता के अनुसार दिनांक 9, 11, 16, 17, 21, 22, 27, 28 अप्रैल 2026 और 26 मई 2026 को विद्यालय समय से पूर्व बंद किया गया।
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शिकायत के साथ जीपीएस फोटो भी भेजे गए थे, जिनमें स्कूल गेट पर ताला लगा दिख रहा था। खंड शिक्षा अधिकारी यमकेश्वर ने दो जुलाई को विद्यालय में आकर जांच की थी। जांच आख्या में प्रधानाध्यापिका ममता रतूड़ी ने लिखित में कहा कि अधिकांश तारीखों के आरोप निराधार हैं, लेकिन 26 मई 2026 को समय से पहले स्कूल बंद करने के लिए माफी मांगी।
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वहीं सहायक अध्यापिका ममता रानी शर्मा ने स्वीकार किया कि 26 मई को स्कूल में पीने के पानी और बिजली की समस्या और अत्यधिक गर्मी के कारण विद्यालय प्रबंधन समिति के संज्ञान में लाकर स्कूल समय से पहले बंद किया गया था। जांच में पाया गया कि 26 मई को स्कूल समय से पहले बंद करने के संबंध में विद्यालय प्रबंधन समिति का प्रस्ताव ही नहीं बनाया गया था।
जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) अंशुल बिष्ट ने विद्यालय की दोनों शिक्षिकाओं को भविष्य में नियमित समय विद्यालय में पहुंचने के लिए कहा है। लापरवाही बरतने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।