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ग्रामीण बोले, बीन नदी का पुल नहीं तो वोट नहीं
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बीन नदी पर स्थायी पुल निर्माण नहीं होने से इस तरह आवाजाही कर रहे ग्रामीण।
- फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। यमकेश्वर ब्लॉक अंतर्गत डांडामण्डल क्षेत्र के करीब 12 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण मानसून सीजन में जानजोखिम में डालकर बीन नदी से रोजाना आवगमन करने को मजबूर हैं। बीन नदी पर पुल निर्माण को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासन बेखबर है। डांडामंडल क्षेत्र के ग्रामीणों ने कहा कि अब इसका खामियाजा प्रत्याशियों को आगामी विधानसभा चुनाव 2022 में भुगतना पड़ेगा। कहा विकास नहीं तो वोट नहीं का नारा देकर मतदाता किसी भी प्रत्याशी को क्षेत्र में घुसने नहीं देंगे।
डांडामंडल अंतर्गत किमसार, बणांस, रामजीवाला, धारकोट, मरोड़ा, देबराणा, कचुंन्डा, जोगियाणा, अमोला, ताछला, कसाण, भूमियासार, कांडाखाल आदि गांवों के ग्रामीणों का आवागमन का एक मात्र रास्ता बीन नदी से होकर गुजरता है। जिस पर उत्तराखंण्ड बनने के बाद भी आज पुल नहीं बना है। इस नदी से होकर हरिद्वार ऋषिकेश आनेजाने वाले वाहन भी यात्रियों को लेकर गुजरते हैं। मानसून सीजन में हर साल ग्रामीणों के वाहनों के साथ-साथ ट्रक व यात्री वाहन भी बीन नदी में फंस जाते हैं।
स्थानीय ग्रामीण सत्यपाल सिंह राणा, कमल सिंह रावत, प्रेमकिशोर, अंकित नेगी ने बताया कि बीन नदी पर दो लेन आरसीसी पुल के निर्माण के लिए पहले भी वर्ष 2008 में करीब आठ करोड़ की स्वीकृति हुई थी। लेकिन आज तक विकास के नाम पर जनता को गुमराह किया जा रहा है। वित्तीय स्वीकृति होने के बाबजूद भी बीन नदी पुल का निर्माण अधर में लटक गया। नतीजन डांडामण्डल के ग्रामीण व बैराज मोटर मार्ग से गुजरने वाले यात्री जानजोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
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डांडामंडल अंतर्गत किमसार, बणांस, रामजीवाला, धारकोट, मरोड़ा, देबराणा, कचुंन्डा, जोगियाणा, अमोला, ताछला, कसाण, भूमियासार, कांडाखाल आदि गांवों के ग्रामीणों का आवागमन का एक मात्र रास्ता बीन नदी से होकर गुजरता है। जिस पर उत्तराखंण्ड बनने के बाद भी आज पुल नहीं बना है। इस नदी से होकर हरिद्वार ऋषिकेश आनेजाने वाले वाहन भी यात्रियों को लेकर गुजरते हैं। मानसून सीजन में हर साल ग्रामीणों के वाहनों के साथ-साथ ट्रक व यात्री वाहन भी बीन नदी में फंस जाते हैं।
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स्थानीय ग्रामीण सत्यपाल सिंह राणा, कमल सिंह रावत, प्रेमकिशोर, अंकित नेगी ने बताया कि बीन नदी पर दो लेन आरसीसी पुल के निर्माण के लिए पहले भी वर्ष 2008 में करीब आठ करोड़ की स्वीकृति हुई थी। लेकिन आज तक विकास के नाम पर जनता को गुमराह किया जा रहा है। वित्तीय स्वीकृति होने के बाबजूद भी बीन नदी पुल का निर्माण अधर में लटक गया। नतीजन डांडामण्डल के ग्रामीण व बैराज मोटर मार्ग से गुजरने वाले यात्री जानजोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं।

यमकेश्वर ब्लॉक के बीन नदी में मोटरपुल न बनने से जान जोखिम में डालकर नदी पार करते लोग।- फोटो : RISHIKESH
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