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Rishikesh News: डस्टबिन ही बन गए कूड़ा, समय पर नहीं हो रहा कूड़ा उठान
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जी-20 समिट के दौरान लाखों रुपये की लागत से लगाए गए थे कूड़ादान
जी-20 के तहत लाखों रुपये के बजट से नगर निगम ने क्षेत्र में कूड़ेदान लगाए गए थे। लेकिन निगम प्रशासन की लापरवाही के चलते यह कूड़ादान कूड़ा बन गए हैं। वहीं निगम क्षेत्र के कई स्थानों पर खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है। निगम के कूड़ा वाहन समय पर कूड़े का उठान भी नहीं कर पा रहा है।
लोगों का कहना है कि जी-20 बजट के कार्यों में जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे को ठिकाने लगाया गया है। नगर निगम प्रशासन वैसे तो बजट का रोना रोता है, लेकिन जी-20 बजट में किए गए कार्याें का निगम प्रशासन सही रखरखाव नहीं कर सका। वहीं शहर की सफाई व्यवस्था भी किसी से छुपी नहीं है। शहर के कई क्षेत्रों में सड़क किनारे खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है। जिस पर नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
वहीं निगम का कूड़ा वाहन भी समय पर सड़कों पर फेंके गए कूड़े का उठान भी नहीं कर रहा है। ऐसे में स्वच्छ शहर की रैंकिंग में अव्वल आने का नगर निगम ऋषिकेश का सपना असफल होते नजर आ रहा है। लोगों का कहना है कि नगर निगम प्रशासन प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को पलीता लगा रहा है।
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क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुए कूड़ेदान की देखरेख और समय पर कूड़ा उठान को लेकर कर्मचारियों को निर्देशित किया जाएगा। वहीं क्षतिग्रस्त पड़े कूड़ेदानों की मरम्मत कराकर उचित स्थानों पर स्थापित कराया जाएगा।
-रमेश रावत, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम ऋषिकेश
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जी-20 के तहत लाखों रुपये के बजट से नगर निगम ने क्षेत्र में कूड़ेदान लगाए गए थे। लेकिन निगम प्रशासन की लापरवाही के चलते यह कूड़ादान कूड़ा बन गए हैं। वहीं निगम क्षेत्र के कई स्थानों पर खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है। निगम के कूड़ा वाहन समय पर कूड़े का उठान भी नहीं कर पा रहा है।
लोगों का कहना है कि जी-20 बजट के कार्यों में जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे को ठिकाने लगाया गया है। नगर निगम प्रशासन वैसे तो बजट का रोना रोता है, लेकिन जी-20 बजट में किए गए कार्याें का निगम प्रशासन सही रखरखाव नहीं कर सका। वहीं शहर की सफाई व्यवस्था भी किसी से छुपी नहीं है। शहर के कई क्षेत्रों में सड़क किनारे खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है। जिस पर नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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वहीं निगम का कूड़ा वाहन भी समय पर सड़कों पर फेंके गए कूड़े का उठान भी नहीं कर रहा है। ऐसे में स्वच्छ शहर की रैंकिंग में अव्वल आने का नगर निगम ऋषिकेश का सपना असफल होते नजर आ रहा है। लोगों का कहना है कि नगर निगम प्रशासन प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को पलीता लगा रहा है।
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क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुए कूड़ेदान की देखरेख और समय पर कूड़ा उठान को लेकर कर्मचारियों को निर्देशित किया जाएगा। वहीं क्षतिग्रस्त पड़े कूड़ेदानों की मरम्मत कराकर उचित स्थानों पर स्थापित कराया जाएगा।
-रमेश रावत, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम ऋषिकेश