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Rishikesh News: ढोल दमाऊ की थाप पर लोगों ने खेला भेलो
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Iमां भगवती नंदा देवी की डोली ने श्रद्धालुओं को दिया आशीर्वादI
उग्रसेन नगर आवासीय कल्याण समिति और अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय वीरभड़ माधो सिंह भंडारी इगास महोत्सव में मां नंदा देव डोली और भैलू आकर्षण का केंद्र रहा।
उत्तराखंड के गढ़वाली फिल्म अभिनेता बलदेव राणा, समिति अध्यक्ष रघुवंश कुमार, पूर्व शिक्षा निदेशक डाॅ. एनपी महेश्वरी, समाजसेविका सीता पयाल ने संयुक्त रूप महोत्सव का उद्घाटन किया। गढ़वाल महासभा के संस्थापक डाॅ. राजे नेगी और समिति के उपाध्यक्ष एमएस राणा ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मां भगवती नंदा देवी की डोली ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद दिया।
महोत्सव में ग्रामीण क्षेत्र से आयी हुई करीब एक दर्जन से अधिक मांगल कीर्तन टीमों ने अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। लोगों ने ढोल दमाऊ की थाप पर भैलू खेलकर नृत्य किया। महोत्सव में लोगों ने पहाड़ी व्यंजनों का लुत्फ उठाया। अभिनेता बलदेव राणा ने बताया कि लोकपर्व इगास का संबंध वीर भड़ माधो सिंह भंडारी की वीर गाथा से है। सन् 1630 ईसवी में भारत और तिब्बत के बीच हुए युद्ध के दौरान दिवाली पर्व था। उस समय गढ़वाल से भारी संख्या में सैनिक युद्ध में गए हुए थे। इस कारण गढ़वाल के लोगो ने अपने घरों में दिवाली नहीं मनाई।
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दिवाली के ठीक 11 दिन बाद गढ़वाल की सेना तिब्बत की सेना को हराकर दापाघाट युद्ध जीतकर एकादशी के दिन गढ़वाल वापस लौटी थी। जिसके स्वागत में तब सभी घरों में दिवाली को इगास के रूप में मनाए जाने की शुरूआत हुई थी। इस मौके पर मेयर अनीता ममगाईं, विनोद जुगलान, उत्तम सिंह असवाल, वीरेंद्र नौटियाल, एमएल सकलानी, दीपक तायल, मनीष अग्रवाल, भास्कर भारद्वाज, दिलवर सिंह रावत, डाॅ. राजन राणा, दीपेंद्र तोमर आदि शामिल रहे।
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उग्रसेन नगर आवासीय कल्याण समिति और अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय वीरभड़ माधो सिंह भंडारी इगास महोत्सव में मां नंदा देव डोली और भैलू आकर्षण का केंद्र रहा।
उत्तराखंड के गढ़वाली फिल्म अभिनेता बलदेव राणा, समिति अध्यक्ष रघुवंश कुमार, पूर्व शिक्षा निदेशक डाॅ. एनपी महेश्वरी, समाजसेविका सीता पयाल ने संयुक्त रूप महोत्सव का उद्घाटन किया। गढ़वाल महासभा के संस्थापक डाॅ. राजे नेगी और समिति के उपाध्यक्ष एमएस राणा ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मां भगवती नंदा देवी की डोली ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद दिया।
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महोत्सव में ग्रामीण क्षेत्र से आयी हुई करीब एक दर्जन से अधिक मांगल कीर्तन टीमों ने अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। लोगों ने ढोल दमाऊ की थाप पर भैलू खेलकर नृत्य किया। महोत्सव में लोगों ने पहाड़ी व्यंजनों का लुत्फ उठाया। अभिनेता बलदेव राणा ने बताया कि लोकपर्व इगास का संबंध वीर भड़ माधो सिंह भंडारी की वीर गाथा से है। सन् 1630 ईसवी में भारत और तिब्बत के बीच हुए युद्ध के दौरान दिवाली पर्व था। उस समय गढ़वाल से भारी संख्या में सैनिक युद्ध में गए हुए थे। इस कारण गढ़वाल के लोगो ने अपने घरों में दिवाली नहीं मनाई।
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दिवाली के ठीक 11 दिन बाद गढ़वाल की सेना तिब्बत की सेना को हराकर दापाघाट युद्ध जीतकर एकादशी के दिन गढ़वाल वापस लौटी थी। जिसके स्वागत में तब सभी घरों में दिवाली को इगास के रूप में मनाए जाने की शुरूआत हुई थी। इस मौके पर मेयर अनीता ममगाईं, विनोद जुगलान, उत्तम सिंह असवाल, वीरेंद्र नौटियाल, एमएल सकलानी, दीपक तायल, मनीष अग्रवाल, भास्कर भारद्वाज, दिलवर सिंह रावत, डाॅ. राजन राणा, दीपेंद्र तोमर आदि शामिल रहे।